बजट के दिन सर्राफा बाजार भी क्रैश, सोने-चांदी के दामों में आई भारी गिरावट

नई दिल्ली। अगर आज आप सोना खरीदने जा रहे हैं, तो खुश हो जाइए क्योंकि सोने के दामों के भारी गिरावट आई है। 1 फरवरी 2026 को यूनियन बजट पेश होने के बीच कमोडिटी बाजार में जबरदस्त उथल-पुथल मच गई है। लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी के भाव में भारी कमी दर्ज की गई, जिसने रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे लाकर बाजार का माहौल बदल दिया।

इसे भी पढ़ें- सोनार सोना-चांदी हमेशा गुलाबी कागज में ही क्यों देता है? वजह जानकर आप भी कहेंगे- कभी सोचा ही नहीं था

दो दिनों में आई भारी गिरावट

सोने-चांदी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के अनुसार, हाल के दिनों में सोना और चांदी अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंचे थे, लेकिन अब स्थिति ठीक इसके विपरीत हो गई है। चांदी जहां  29 जनवरी को 4.01 लाख रुपये प्रति किलो के करीब थी, वह अब लुढ़ककर लगभग 2.65-2.68 लाख रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है यानी महज कुछ दिनों में चांदी में 1.3 लाख रुपये से ज्यादा की कमी आई है। सोने का भी यही हाल है। गोल्ड 29 जनवरी को 1.69 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंचा गया था, लेकिन आज MCX पर 1.38-1.43 लाख रुपये के बीच कारोबार कर रहा है। सोने में भी दो दिनों में 30,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है।

सर्राफा बाजार (IBJA) के अनुसार, 30 जनवरी को भी सोना करीब 9,500 रुपये और चांदी 40,000 रुपये सस्ती हुई थी। बजट वाले दिन MCX पर स्पेशल सेशन में दोनों धातुओं ने लोअर सर्किट हिट किया, जहां गोल्ड 9% तक और सिल्वर 9% तक गिरा। कई शहरों में 24 कैरेट सोना 1.38-1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.65-2.70 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई।

गिरावट की वजह

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस भारी गिरावट की दो बड़ी वजह है। पहला- जबरदस्त प्रॉफिट बुकिंग। पिछले महीनों में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूलने के लिए बड़े पैमाने पर बिकवाली की।

सोने-चांदी

दूसरा- फिजिकल डिमांड में कमी। ऊंचे दामों पर आम खरीदारों, ज्वेलर्स और इंडस्ट्री की मांग कमजोर पड़ गई, जिससे दबाव बढ़ा। सबसे अहम तकनीकी वजह मार्जिन मनी में बढ़ोतरी है। शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने सोने पर मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8% और चांदी पर 11% से 15% कर दिया। इससे ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त फंड जमा करने पड़ते हैं।

कई ट्रेडर्स के पास तुरंत अतिरिक्त कैश न होने से मजबूरन बिकवाली करनी पड़ी, जिससे एक के बाद एक बिकवाली का सिलसिला चला और कीमतें तेजी से गिरीं। MCX ने भी मार्जिन कैप बढ़ाकर (गोल्ड और सिल्वर पर 400 करोड़ तक) दबाव बढ़ाया।

क्या आगे भी जारी रहेगी गिरावट 

यह गिरावट वैश्विक स्तर पर मजबूत डॉलर, प्रॉफिट टेकिंग और बजट से जुड़ी अनिश्चितताओं (जैसे इंपोर्ट ड्यूटी में संभावित कटौती) से जुड़ी है। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि, यह शॉर्ट-टर्म करेक्शन है और लंबे समय में कीमतें रिकवर कर सकती हैं। निवेशकों को सलाह है कि अभी सतर्क रहें और डिप में खरीदारी से पहले बाजार की मॉनिटरिंग करें। बजट के बाद सोना-चांदी सस्ता होना आम आदमी के लिए राहत की बात है, खासकर शादी-विवाह के सीजन में, लेकिन बाजार की अस्थिरता बनी हुई है। कीमतें तेजी से बदल सकती हैं।

 

इसे भी पढ़ें-सोना-चांदी के दामों में तेजी जारी, सोना ₹1,38,634 और चांदी ₹2,50,625 पर पहुंचा एमसीएक्स पर

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया सरकारी मंथन के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...

Related Articles

Back to top button