मोरी (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश के डॉ. बीआर अंबेडकर कोनसीमा जिले में ओएनजीसी के एक तेल कुएं में गैस पाइपलाइन के रिसाव से लगी भीषण आग को काबू में करने के प्रयास लगातार जारी हैं। सोमवार दोपहर मोरी-5 तेल कुएं में अचानक आग भड़क उठी, जिसकी लपटें करीब 20 मीटर ऊंचाई तक पहुंच गईं।
मोरी-5 कुएं में गैस रिसाव से हादसा
यह तेल कुआं दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा था। गैस पाइपलाइन में रिसाव के बाद आग तेजी से फैल गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद सुरक्षा कारणों से आसपास के क्षेत्र को सतर्क कर दिया गया है।
1,402 करोड़ का अनुबंध संभाल रही दीप इंडस्ट्रीज
दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड को वर्ष 2024 में ओएनजीसी के राजामुंद्री एसेट में उत्पादन वृद्धि संचालन के लिए 1,402 करोड़ रुपये का बड़ा अनुबंध मिला था। इसी परियोजना के तहत मोरी-5 कुएं का संचालन किया जा रहा था।
दिल्ली-मुंबई से पहुंचीं ओएनजीसी की विशेषज्ञ टीमें
अधिकारियों के अनुसार, आग पर काबू पाने के लिए ओएनजीसी की विशेषज्ञ टीमें मुंबई और दिल्ली से मौके पर पहुंच चुकी हैं। ओएनजीसी के वरिष्ठ प्रबंधन ने कुएं के संचालन का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। इसमें दिल्ली से आए टेक्नोलॉजी एंड फील्ड सर्विसेज के निदेशक और संकट प्रबंधन टीम के विशेषज्ञ शामिल हैं।
आग की तीव्रता घटी, लेकिन खतरा बरकरार
लगातार किए जा रहे प्रयासों से आग की तीव्रता में कमी आई है, हालांकि अभी पूरी तरह आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। उच्च क्षमता वाले फायरवॉटर पंपों के लिए पास के सिंचाई स्रोत से अस्थायी नहर का निर्माण पूरा कर लिया गया है। फायर पंप कुएं के स्थल पर पहुंच चुके हैं और अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
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