विटामिन-D शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है, जो हड्डियों, मांसपेशियों और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह मुख्य रूप से सूरज की किरणों से मिलता है, लेकिन बदलती लाइफस्टाइल, घरों में ज्यादा समय बिताना और धूप से दूरी के कारण आज बड़ी संख्या में महिलाएं विटामिन-D की कमी से जूझ रही हैं। शुरुआत में इसके लक्षण हल्के नजर आते हैं, लेकिन समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

महिलाओं में विटामिन-D की कमी के आम लक्षण
हर समय थकान और कमजोरी
बिना ज्यादा मेहनत के भी थकान महसूस होना, शरीर में एनर्जी की कमी और मांसपेशियों में दर्द विटामिन-D की कमी का संकेत हो सकता है। इसकी कमी से दिनभर सुस्ती बनी रहती है।
हड्डियों और जोड़ों में दर्द
विटामिन-D कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। इसकी कमी होने पर हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और घुटनों, कमर व जोड़ों में लगातार दर्द रहने लगता है।
बार-बार बीमार पड़ना
अगर सर्दी-जुकाम, बुखार या इन्फेक्शन बार-बार हो रहे हैं, तो यह कमजोर इम्युनिटी का संकेत है। विटामिन-D की कमी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है।
मूड स्विंग्स और डिप्रेशन
विटामिन-D का सीधा असर दिमाग पर पड़ता है। इसकी कमी से सेरोटोनिन हार्मोन प्रभावित होता है, जिससे चिड़चिड़ापन, उदासी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
बालों का ज्यादा झड़ना
अगर बाल अचानक ज्यादा झड़ने लगें, तो इसे नजरअंदाज न करें। विटामिन-D बालों की जड़ों को मजबूत रखने में मदद करता है और इसकी कमी से हेयर ग्रोथ प्रभावित होती है।
घावों का देर से भरना
चोट या घाव लगने के बाद अगर वह लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहा है, तो यह भी विटामिन-D की कमी का संकेत हो सकता है। यह स्किन रिपेयर और नए सेल्स बनने में अहम भूमिका निभाता है।
मांसपेशियों में ऐंठन
रात के समय पैरों में ऐंठन या मांसपेशियों में दर्द विटामिन-D की कमी के सामान्य लक्षणों में शामिल है।
क्या करें बचाव के लिए?
डॉक्टरों के अनुसार रोजाना 15–20 मिनट धूप में बैठना, विटामिन-D से भरपूर आहार लेना और जरूरत पड़ने पर जांच कराना जरूरी है। समय रहते पहचान होने पर इस कमी को आसानी से दूर किया जा सकता है।
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