अभिनेता राजेश खट्टर ने बताया अपनी आर्थिक तंगी का पूरा सच , बोले- हालत इतनी बुरी..

कोरोना काल में कई लोग बेरोजगार हुए।  कुछ की नौकरी गईं तो किसी का बिजनेस ठप्प हो गया।  इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी सिनेमा इंडस्ट्री में काम करने वालों को हुई।  एक्टर्स के बेरोजगार और माली हालात बिगड़ने की खबरें सामने आईं।  बॉलीवुड एक्टर ईशान खट्टर के पिता राजेश खट्टर इस समय एक मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।  कुछ समय पहले वह कोरोना पॉजिटिव हुए थे, जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था।  उनकी पत्नी का बयान हाल ही में सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस समय वह एक बुरे दौर से गुजर रहें हैं और काम बंद होने के बाद उनकी सारी सेविंग्स खत्म हो चुकी हैं।  इस बयान को लेकर जिस तरह से खबरें प्रकाशित हुईं उसे लेकर राजेश खट्टर खासा नाराज हैं।

दरअसल, राजेश खट्टर के कोविड पॉजिटिव होने के कुछ समय बाद उनकी पत्नी वंदना सजनानी ने एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि पिछले 2 सालों में उनके परिवार के सदस्यों के इलाज में पूरी जमा-पूंजी खर्च हो गई है, जिसको लेकर खबरें प्रकाशित हुई थीं।  अब इसके जवाब में राजेश खट्टर ने चुप्पी तोड़ी है।  उन्होंने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि मैं बहुत बुरी स्थिति में हूं, मगर ऐसा हुआ तो सभी के साथ है, क्योंकि महामारी के दौरान काम तो नहीं मिला है।  वंदना की प्रेग्नेंसी से अभी तक ढाई साल से हम हॉस्पिटल के चक्कर लगा रहे हैं, बल्कि पिछले साल लॉकडाउन के समय भी वंदना हॉस्पिटल में ही थीं।

पत्नी के बयान को लेकर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वंदना ने बताया था कि हमने किस तरह पिछले 2 सालों में अपने मेडिकल और हॉस्पिटल बिल्स पर खर्च किया है, मगर कुछ ही घंटों में उनका बयान अलग ही तरह से वायरल हो गया।  उन्होंने कहा कि लोग कहने लगे कि मैं कंगाल हो गया, मेरे पास खाने के लिए पैसे नहीं हैं।  इसके बाद मेरे पास मेरे रिश्तेदारों और दोस्तों के मेसेज आने लगे कि मदद की जरूरत हो तो पैसे ले लो और यह कुछ ही वक्त में हो गया।

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इस मामले में उनके सौतेले बेटे शाहिद कपूर और बेटे ईशान खट्टर के नाम को भी घसीटा गया।  इस पर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की।  उन्होंने कहा- यह बहुत गलत था कि उन्हें भी इस सब में घसीट लिया गया।  हम एक्टर्स ऐसी आधारहीन अफवाहों के आदी हो चुके हैं, मगर इतना भी नहीं।  उन्होंने कहा कि हर कोई बुरे दौर से गुजरता है लेकिन ऐसे मामलों में संवेदनशील भी होना चाहिए।

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