
ग्रेटर नोएडा। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ग्रेटर नोएडा स्थित एक शाखा में खाताधारकों की जमा पूंजी में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। शुरुआती शिकायतों के आधार पर करीब 35 करोड़ रुपये की गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। मामला उजागर होते ही बड़ी संख्या में खाताधारक बैंक पहुंचने लगे। किसी को अपनी एफडी की चिंता सता रही है तो कोई बचत खाते में जमा रकम का हिसाब मांग रहा है। खाताधारकों का आरोप है कि उनकी जानकारी के बिना फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) बंद कर दी गईं और खातों से रकम दूसरे खातों में भेज दी गई। कई ग्राहकों ने अपनी जमा पूंजी तत्काल वापस दिलाने की मांग की है।
इसे भी पढ़ें- मोहम्मद अजहरुद्दीन पर लगा करोड़ों रुपये की हेराफेरी का आरोप, ईडी ने कसा शिकंजा
कौन-सी शाखा है मामला?
यह मामला ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 क्षेत्र में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक यह शाखा ऐच्छर गांव में है। यहां कई खाताधारकों ने बचत खाते और एफडी के रूप में बड़ी रकम जमा कर रखी थी।
आरोप है कि कुछ खाताधारकों की एफडी समय से पहले बंद कर दी गईं और उनकी रकम अन्य खातों में भेज दी गई। कुछ ग्राहकों ने बचत खातों से भी लाखों रुपये गायब होने की शिकायत की है। शुरुआती शिकायतों में कुल गड़बड़ी करीब 35 करोड़ रुपये की बताई जा रही है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कुल कितनी रकम प्रभावित हुई है।
80 लाख की तीन एफडी बंद
बैंक पहुंचे खाताधारकों ने अपनी परेशानी बयां की। अमरपाल नाम के खाताधारक ने बताया कि उनकी 80 लाख रुपये की तीन एफडी थीं। उनका आरोप है कि उनकी जानकारी के बिना ये एफडी बंद कर दी गईं। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक उन्हें अपनी रकम वापस मिलने का इंतजार है।

एक अन्य खाताधारक बृजेश कुमार के खाते में 1.18 करोड़ रुपये जमा थे। वह पैसे निकालने बैंक पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि खाते में बैलेंस शून्य है। बृजेश के अनुसार, बैंक की ओर से उन्हें दिवाली से पहले रकम लौटाने का भरोसा दिया गया है, लेकिन उन्हें चिंता है कि यह रकम आखिर कब तक वापस मिलेगी।
बीना नाम की महिला खाताधारक ने कहा कि उन्होंने सरकारी बैंक समझकर भरोसे के साथ अपना पैसा जमा किया था। अब बैंक की ओर से उनसे आवेदन देने को कहा जा रहा है, लेकिन रकम कब तक लौटेगी, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
बैंक ने क्या कहा?
मीडिया से बात करते हुए पंजाब नेशनल बैंक के चीफ मैनेजर राजेश निगम ने खाताधारकों को भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जिसका भी पैसा बैंक में जमा है, उसे मिलेगा। उनके मुताबिक बैंक में जांच-पड़ताल चल रही है और प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बहुत बड़ा बैंक है और किसी को कोई नुकसान नहीं होगा।
हालांकि मामले के तथ्यों के बारे में उन्होंने विस्तार से कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अभी इस बारे में कुछ नहीं बता सकते और इसके लिए उन्हें कुछ समय चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या ऐसी गड़बड़ी केवल इसी शाखा में हुई है या अन्य शाखाओं में भी, उन्होंने कहा कि ऐसा सिर्फ इसी शाखा में हुआ है।
मैनेजर समेत पांच कर्मचारी निलंबित
मामला सामने आने के बाद बैंक की ओर से कार्रवाई भी की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। शाखा में नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि कामकाज प्रभावित न हो। बैंक की आंतरिक टीम भी पूरे मामले की जांच कर रही है।
उधर, खाताधारकों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक कई लोग अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंच चुके हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खातों से रकम किस तरह निकाली गई या दूसरे खातों में भेजी गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
जांच के अहम बिंदु
फिलहाल जांच एजेंसियों और बैंक की आंतरिक टीम के सामने कुछ सवाल अहम हैं। पहला, एफडी समय से पहले बंद करने की प्रक्रिया किसके स्तर पर और किस आधार पर पूरी की गई। दूसरा, जिन खातों में रकम भेजी गई, वे किसके थे और उनसे आगे पैसा कहां गया। तीसरा, क्या खाताधारकों को एसएमएस या अन्य माध्यम से कोई अलर्ट गया था या नहीं। इन सवालों के जवाब ही यह तय करेंगे कि गड़बड़ी कितनी बड़ी है और इसके पीछे कौन लोग हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में आरोप कथित हैं और जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
सतर्क रहें खाताधारक
बैंकिंग विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में खाताधारकों को सतर्क रहना चाहिए। अपने खाते और एफडी की स्थिति समय-समय पर जांचते रहें और पासबुक अपडेट कराएं। मोबाइल नंबर बैंक खाते से जुड़ा होना चाहिए, ताकि हर लेन-देन का संदेश मिल सके। किसी भी अनधिकृत लेन-देन की जानकारी मिलते ही बैंक और पुलिस को लिखित शिकायत दें और उसकी पावती अपने पास रखें। सामान्य नियम के तहत बैंक में जमा रकम पर डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीसी) के जरिए प्रति जमाकर्ता प्रति बैंक पांच लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है।
कार्रवाई पर टिकीं निगाहें
फिलहाल शाखा पर खाताधारकों की भीड़ लगी है। कोई अपनी जमा पूंजी का हाल जानने पहुंचा है तो कोई आवेदन जमा कराने। बैंक रकम लौटाने का भरोसा दे रहा है, लेकिन पीड़ित ग्राहकों को ठोस समय-सीमा का इंतजार है। अब सबकी नजर बैंक की आंतरिक जांच और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है।
इसे भी पढ़ें- हिंडनबर्ग मामले में अडानी ग्रुप जांच में नहीं मिले हेराफेरी के सबूत, सुप्रीम कोर्ट की एक्सपर्ट कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट


