
लखनऊ। वाराणसी से अहमदाबाद जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में हुई इस खौफनाक वारदात ने भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी कोचों में यात्रियों की सलामती पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। यह घटना केवल एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि एक मेडिकल छात्रा के उस संघर्ष की दास्तां है जिसने आधी रात को चलती ट्रेन के बंद कोच में अपनी अस्मत बचाने के लिए एक दरिंदे का डटकर मुकाबला किया।
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नशीला पदार्थ खिलाने का प्रयास
फर्स्ट एसी कोच, जिसे रेलवे का सबसे सुरक्षित और मर्यादित हिस्सा माना जाता है, वहां एक छात्रा के साथ दुष्कर्म की कोशिश होना बेहद विचलित करने वाला है। इस पूरी घटना की शुरुआत तब हुई जब ट्रेन वाराणसी से रवाना होकर अपनी मंजिल की ओर बढ़ रही थी और छात्रा अपने कोच में अकेली थी। उसी दौरान सहयात्री अमित सिंह यादव ने अपनी मर्यादा की सीमाएं लांघते हुए छात्रा को निशाना बनाने की योजना बनाई।
आरोप है कि अमित सिंह यादव ने पहले छात्रा के साथ सामान्य बातचीत करने की कोशिश की और फिर उसे कोई संदिग्ध नशीला पदार्थ खिलाने का प्रयास किया। आरोपी की मंशा छात्रा को बेहोश कर अपनी हवस का शिकार बनाने की थी, लेकिन छात्रा ने उसकी संदिग्ध हरकतों को भांप लिया और पदार्थ लेने से साफ इनकार कर दिया। जब आरोपी अपनी चाल में नाकाम रहा, तो वह हिंसक हो उठा और उसने छात्रा के साथ जबरदस्ती और छेड़खानी शुरू कर दी। इस पर छात्रा ने शोर मचाना शुरू कर दिया। छात्रा की चीख-पुकार सुनकर पास के कोचों में मौजूद अन्य यात्री और ड्यूटी पर तैनात टीटीई मौके पर पहुंचे, जिन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को तुरंत दबोच लिया।
छात्रा ने मां को दी जानकारी
दरअसल, छात्रा ने स्थिति को भांपते हुए इसकी जानकारी अपनी मां दे दी थी। इसके बाद मां ने तत्काल डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उत्तर प्रदेश पुलिस, रेल मंत्रालय और लखनऊ के रेल अधिकारियों को टैग करते हुए बेटी की सुरक्षा की गुहार लगाई। उन्होंने विस्तार से बताया कि, उनकी बेटी किस ट्रेन और किस कोच में है और उसे किस तरह के खतरे का सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर यह शिकायत बिजली की गति से फैली और रेलवे के उच्च अधिकारियों तक जा पहुंची। देखते ही देखते कंट्रोल रूम सक्रिय हो गया और तत्काल इसकी सूचना लखनऊ की जीआरपी और आरपीएफ को दी गई।
जैसे ही साबरमती एक्सप्रेस देर रात लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर पहुंची। पहले से ही प्लेटफॉर्म पर मुस्तैद पुलिस बल ने आरोपी को पकड़ लिया। हुआ यूं कि ट्रेन के रुकते ही जीआरपी की टीम सीधे फर्स्ट एसी कोच में दाखिल हुई और आरोपी अमित सिंह यादव को हिरासत में ले लिया। डरी-सहमी छात्रा ने पुलिस के सामने अपनी पूरी कहानी बयान की, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्रा के बयान दर्ज किए और आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास, छेड़खानी और नशीला पदार्थ देने की कोशिश जैसी अत्यंत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि आरोपी के पास वह नशीला पदार्थ कहां से आया और क्या वह पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल रहा है।
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