हिंदू की गाड़ी जलाने वाला अबूजर गिरफ्तार, किसके इशारे पर किया ये काम, बड़ा खुलासा

बिजनौर। प्रदेश के बिजनौर जनपद में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने और सुनियोजित तरीके से धार्मिक उन्माद फैलाने की एक बेहद खतरनाक साजिश का खुलासा हुआ है। किरतपुर पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने चंद रुपयों की खातिर एक हिंदू व्यक्ति की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी वारदात को अंजाम देने का निर्देश उसे सुदूर मुंबई से एक अज्ञात व्यक्ति ने टेलीग्राम पर दिया था। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह किसी बड़ी साजिश का केवल एक छोटा सा हिस्सा है?

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जलती गाड़ी का बनाया वीडियो

घटना 4 मार्च की रात करीब साढ़े दस बजे की है। बिजनौर के किरतपुर स्थित झंडा चौक पर निमिष रस्तोगी की एक पिकअप गाड़ी खड़ी थी। इस गाड़ी पर हिंदू देवी-देवताओं के चित्र और नाम अंकित थे। मोहल्ला अफगानान निवासी अबूजर उर्फ राईन नामक युवक ने रात के अंधेरे में सुनसान इलाके का फायदा उठाया और गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर उसे आग के हवाले कर दिया। केवल इतना ही नहीं, उसने अपनी इस आपराधिक करतूत को एक प्रमाण की तरह दर्ज करने के लिए मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो बनाया। पुलिस के अनुसार, इस वीडियो को उसने टेलीग्राम ऐप के जरिए अपने आकाओं को भेजा, ताकि वह यह साबित कर सके कि उसने काम पूरा कर दिया है और पैसे का भुगतान हासिल कर सके।

मोटी रकम का दिया गया लालच

पुलिस की पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। गिरफ्तार अबूजर मूल रूप से गुरुग्राम के एक सैलून में काम करता था, लेकिन करीब छह महीने पहले वह वापस अपने घर लौट आया था। घर आने के बाद वह गंभीर रूप से बीमार हो गया और भारी आर्थिक तंगी का सामना करने लगा। इसी दौरान उसने अपने मौसेरे भाई मोहम्मद जैद से मदद मांगी, जो मुंबई के पनवेल में एक सैलून में काम करता है।

पुलिस का दावा है कि जैद ने ही अबूजर को अबूबकर नाम के एक अज्ञात व्यक्ति से टेलीग्राम पर जुड़वाया। अबूबकर ने खुद को मुस्लिम समाज का हमदर्द बताकर अबूजर को जाल में फंसाया। उसने शर्त रखी कि यदि वह हिंदू धर्म से संबंधित चिन्हों वाली गाड़ियों को निशाना बनाएगा और उसका वीडियो बनाकर उसे भेजेगा, तो उसे मोटी रकम दी जाएगी। अपनी बीमारी के इलाज और पैसों की जरूरत के नाम पर अबूजर इस खौफनाक खेल का मोहरा बन गया।

सीसीटीवी फुटेज से खुली पोल

10 मार्च को जब पीड़ित निमिष रस्तोगी ने किरतपुर थाने में अपनी गाड़ी में आग लगाने की शिकायत दर्ज कराई, तो पुलिस ने इसे महज एक सामान्य आगजनी की घटना नहीं माना। पुलिस ने आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया। फुटेज में एक संदिग्ध युवक को वारदात को अंजाम देते हुए देखा गया। तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने मोहल्ला अफगानान के अबूजर की पहचान की और बुधवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

बिजनौर के एसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है, लेकिन पुलिस की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा, यह सिर्फ एक गाड़ी जलाने का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश और किसी बड़े नेटवर्क के होने की संभावना है। पुलिस अब इस मामले में दो मोर्चों पर काम कर रही है।

मोहम्मद जैद की तलाश

मुंबई में रह रहे आरोपी के मौसेरे भाई जैद की भूमिका संदिग्ध है, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम मुंबई भेजी जा रही है।साथ  ही टेलीग्राम पर निर्देश देने वाले कथित अबूबकर का पता लगाने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस फंडिंग का मुख्य सूत्रधार कौन है और ऐसे कितने और युवाओं को इस तरह के अपराधों के लिए उकसाया जा रहा है। फिलहाल, बिजनौर पुलिस इस केस को क्रिटिकल मानकर जांच कर रही है।

 

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