
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकास पथ पर शुक्रवार का दिन एक स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नए उत्तर प्रदेश के सपने को साकार करते हुए, शहर को एक अत्याधुनिक 57 किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोर की सौगात मिली। इस भव्य परियोजना का लोकार्पण केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से किया।
इसे भी पढ़ें- कांशीराम जयंती से पहले कांग्रेस का ‘महामंथन’, राहुल गांधी के लखनऊ दौरे ने मचाई सियासी हलचल
झूलेलाल पार्क में आयोजित लोकार्पण समारोह में सरकार के वरिष्ठ मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। यह परियोजना न केवल लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करेगी, बल्कि शहर के भविष्य को एक वैश्विक महानगर के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
राजनाथ ने की सराहना
इस अवसर पर केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश के विकास मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि आज लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बुलडोजर बाबा के नाम से जानते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुलडोजर का कार्य केवल अवैध निर्माण को ढहाना ही नहीं है, बल्कि यह वह शक्ति है जो माफियाओं के चंगुल से जमीन मुक्त कराकर विकास के नए रास्ते खोलती है। रक्षामंत्री ने कहा कि बुलडोजर ने उस जमीन को खाली कराया है जिस पर कभी भू-माफियाओं का अवैध कब्जा हुआ करता था।
माननीय रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh जी के साथ लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के कार्यों के लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम में… https://t.co/XrbsAdi5vo
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 13, 2026
उन्होंने लखनऊ की बदलती कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए कहा, आने वाले कुछ ही समय में लखनऊ से कानपुर की दूरी सिमटकर महज 35 से 45 मिनट की रह जाएगी। यह केवल सड़क की दूरी कम होना नहीं है, बल्कि यह आर्थिक विकास की गति को कई गुना बढ़ा देने वाला कदम है।
डिफेंस हब के रूप में उभर रही राजधानी
रक्षामंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से लखनऊ के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि लखनऊ अब केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा का एक प्रमुख स्तंभ बनता जा रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल के संदर्भ में उन्होंने कहा, ब्रह्मोस ने आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। अब इस मिसाइल की टेस्टिंग और इंटीग्रेशन फैसिलिटी का काम लखनऊ में होगा। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक मिसाइल बनाने वाले ज्यादातर इंजीनियर इसी शहर के सरकारी कॉलेजों, पॉलीटेक्निक और एकेटीयू (AKTU) से निकले हैं। यह शहर अब देश की सुरक्षा को मजबूती देने के लिए नई तकनीक और आत्मनिर्भर भारत की नींव रख रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में लखनऊ की विकास यात्रा का खुलासा करते हुए कहा कि यह परियोजना प्रशासन की संकल्प शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा, जिस जमीन पर कभी माफियाओं ने अवैध कब्जा कर रखा था, उसी जमीन को मुक्त कराकर और वहां से प्राप्त राजस्व से इस विशाल प्रोजेक्ट का निर्माण किया गया है। शासन ने प्राधिकरण को इसके लिए अतिरिक्त धन का बोझ नहीं दिया, बल्कि अवैध संसाधनों को ही विकास का आधार बनाया।
एआई सिटी के तौर पर विकसित होगा लखनऊ
सीएम योगी ने घोषणा की कि लखनऊ को जल्द ही ‘एआई सिटी’ (AI City) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने धन की व्यवस्था कर ली है। उन्होंने कहा कि लखनऊ अब इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और आधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। यह शहर निवेश का हब बन रहा है और यहां के युवा तकनीक के माध्यम से दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।
57 किलोमीटर लंबा यह ग्रीन कॉरिडोर लखनऊ के निवासियों के लिए एक राहत भरा कदम है। शहर की बढ़ती जनसंख्या और वाहनों के दबाव को देखते हुए यह प्रोजेक्ट गेम-चेंजर साबित होगा। समता मूलक क्रॉसिंग से शुरू होकर यह कॉरिडोर पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने का कार्य करेगा। इसमें पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए सौंदर्यीकरण और आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन तकनीकों का उपयोग किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर के बनने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण के स्तर में भी कमी आएगी।
इसे भी पढ़ें- लखनऊ की स्काईलाइन को मिलेगी नई ऊंचाई, एमार इंडिया ने किया ‘एलीट ओएसिस’ का भूमि पूजन किया।



