PM मोदी ने इजराइल में आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस दोहराया, कहा-‘मिलकर लड़ेंगे’

यरुशलम/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के दो दिवसीय राजकीय दौरे के दौरान साफ और मजबूत शब्दों में आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई। इजरायल की संसद (Knesset) को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, आतंकवाद का दुनिया में कोई स्थान नहीं है और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और इजरायल आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे और आगे भी ऐसा ही करते रहेंगे।

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पाकिस्तान के लिए कड़ा संदेश

PM मोदी

इजरायल की धरती से दिया गया यह बयान विशेष रूप से पाकिस्तान जैसे आतंकवाद के समर्थक देशों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। पीएम मोदी ने नेसेट अपने ऐतिहासिक संबोधन में कहा, कोई भी कारण नागरिकों की हत्या को जायज नहीं ठहरा सकता। आतंकवाद को कुछ भी जस्टिफाई नहीं कर सकता। भारत ने भी लंबे समय से आतंकवाद का दर्द झेला है। हम 26/11 मुंबई हमलों को याद करते हैं, जिसमें निर्दोष जानें गईं, जिसमें इजरायली नागरिक भी शामिल थे। आपकी तरह, हमारे पास भी आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है, बिना किसी डबल स्टैंडर्ड के।

नेसेट में लगे मोदी-मोदी के नारे 

उनका यह बयान Knesset में खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के बीच आया, जहां सदस्यों ने “Modi, Modi” के नारे लगाए।प्रधानमंत्री ने इजरायल के साथ भारत की एकजुटता दोहराते हुए कहा, भारत इजरायल के साथ पूर्ण विश्वास और दृढ़ संकल्प से खड़ा है, इस पल में और आगे भी। उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमलों को बार्बर, क्रूर और आतंकवादी करार देते हुए कहा कि भारत इजरायल के दर्द को महसूस करता है और उसका शोक साझा करता है। पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समन्वित कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि आतंकवाद कहीं भी हो, शांति हर जगह खतरे में पड़ जाती है।

पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता को भारत के सीधे हित से जुड़ा बताते हुए कहा कि भारत शुरू से ही संवाद और शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता रहा है। उन्होंने गाजा पीस प्लान का समर्थन करते हुए कहा कि यह क्षेत्र में न्यायपूर्ण और टिकाऊ शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दोनों देशों के नेतृत्व ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें आतंकवाद विरोधी सहयोग प्रमुख रहा।

पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का जताया आभार

प्रधानमंत्री ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि 9 साल पहले (2017 में) वे इजरायल आने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे और अब एक बार फिर यहां आना गर्व और भावनात्मक अनुभव है। इजरायली संसद द्वारा मिले सम्मान के लिए भी उन्होंने धन्यवाद दिया। पीएम मोदी ने नेतन्याहू को प्रिय मित्र बताते हुए दोनों देशों के बीच गहरे व्यक्तिगत और रणनीतिक संबंधों की सराहना की। ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जादौरे के दौरान भारत-इजरायल संबंधों को नई ऊंचाई मिली। दोनों देशों ने अपनी साझेदारी को ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा देने का फैसला किया।पीएम मोदी ने कहा कि यह संबंध गहरे विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित हैं।

PM मोदी

पीएम मोदी ने बताया कि पिछले साल BTA (Bilateral Trade Agreement) समझौता हुआ था, जिससे आपसी निवेश बढ़ा है। अब जल्द ही FTA (Free Trade Agreement) को अंतिम रूप दिया जाएगा, जो दोनों देशों के बीच व्यापार को और बढ़ावा देगा। टेक्नोलॉजी को साझेदारी का केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि इजरायल में UPI के इस्तेमाल को लेकर समझौता हुआ है। रक्षा क्षेत्र में दशकों पुराना सहयोग और मजबूत होगा, जिसमें टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और जॉइंट प्रोडक्शन पर फोकस रहेगा।

कृषि क्षेत्र में सहयोग पर जोर

कृषि क्षेत्र में इजरायल के साथ सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया गया। पीएम मोदी ने कहा कि इजरायल के सहयोग से भारत में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की संख्या 100 तक ले जाने का लक्ष्य है। ‘विलेज ऑफ एक्सीलेंस’ प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, जिससे इजरायली तकनीक भारत के गांवों तक पहुंचेगी और किसानों को फायदा होगा। इसके अलावा इंडिया-इजरायल इनोवेशन एग्रीकल्चर सेंटर और इंडिया-इजरायल एकेडमिक फोरम की स्थापना भी की जाएगी।

पीएम मोदी का यह दौरा भारत-इजरायल संबंधों में मील का पत्थर साबित हुआ है।  पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इजराइल की संसद को संबोधित किया है।

आतंकवाद विरोधी मजबूत संदेश से भारत ने स्पष्ट किया कि वह वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर अडिग है। दौरे से रक्षा, टेक्नोलॉजी, कृषि और व्यापार में नए अवसर खुले हैं, जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को मजबूत करेंगे। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि क्षेत्रीय शांति और वैश्विक सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत देता है। पीएम मोदी ने इजरायल की धरती से दुनिया को संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई समझौता नहीं होगा।

 

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