यरुशलम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को इजराइल की संसद नेसेट में अपने ऐतिहासिक संबोधन में गाजा शांति पहल को पूरे क्षेत्र के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी शांतिै का मार्ग बताया, साथ ही उन्होंने इजराइल के प्रति एकजुटता का सशक्त संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद चाहे कहीं हो, यह हर जगह की शांति के लिए खतरा है। मोदी ने कहा कि इजराइल की तरह भारत भी आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एक सुसंगत और अडिग नीति अपनाता है और इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है। उन्होंने इस खतरे का मुकाबला करने के लिए निरंतर और समन्वित वैश्विक प्रयासों का आह्वान भी किया।
In Israel, the principle of Tikkun Olam speaks of healing the world.
In India, Vasudhaiva Kutumbakam affirms that the world is one family. pic.twitter.com/QhzqqpjHAn
— PMO India (@PMOIndia) February 25, 2026
प्रधानमंत्री इजराइल की प्रतिनिधि सभा, नेसेट को संबोधित करने के कई घंटे पहले यहां पहुंचे। बेन गुरियन हवाई अड्डे पर इजराइल के उनके समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने उनका जोरदार स्वागत किया। मोदी ने कहा, मैं सात अक्टूबर (2023) को हमास द्वारा किए गए बर्बर आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति और उस परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिसकी दुनिया इस हमले में बिखर गई। उन्होंने कहा, हम आपकी पीड़ा को समझते हैं। हम आपके शोक में आपके साथ हैं।
भारत इस समय और भविष्य में भी पूरी दृढ़ता के साथ इजराइल के साथ खड़ा है। कोई भी कारण नागरिकों की हत्या को जायज नहीं ठहरा सकता। आतंकवाद को किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता। यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का नेसेट में दिया गया पहला भाषण है और इस दौरान मोदी ने आतंकवाद से पूरी ताकत से लड़ने के भारत के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया।
इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और कई अन्य वरिष्ठ नेता और सांसद इस दौरान संसद में मौजूद रहे।उन्होंने कहा,भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है। हमें 26ा11 मुंबई हमले और उनमें जान गंवाने वाले निर्दाेष लोगों की याद है, जिनमें इजराइली नागरिक भी शामिल थे। आपकी तरह, हमारी भी आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एक दृढ़ और अटल नीति है और इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है।
The Holocaust stands as one of humanity’s darkest chapters. Yet, even in those turbulent years, some acts of humanity stood out.
The Maharaja of Nawanagar in Gujarat, also known as the Jam Saheb, offered refuge to Polish children, including Jewish children, who had nowhere else… pic.twitter.com/ptX3SKezs6
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उन्होंने कहा,आतंकवाद का उद्देश्य समाजों को अस्थिर करना, विकास को बाधित करना और विश्वास को कमजोर करना है। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए सतत और समन्वित वैश्विक कार्वाई आवश्यक है, क्योंकि चाहे आतंकवाद कहीं हो, यह हर जगह शांति के लिए खतरा है। उन्होंने कहा, इसीलिए भारत उन सभी प्रयासों का समर्थन करता है जो स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देते हैं। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया की बदलती परिस्थितियों पर भी विस्तार से चर्चा की और कुछ वर्ष पहले इजराइल के कई देशों के साथ अब्राहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, यह लंबे समय से अशांत रहे क्षेत्र के लिए नई उम्मीद का क्षण था। तब से परिस्थितियां काफी बदल गई हैं। राह और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है, फिर भी उस उम्मीद को बनाए रखना जरूरी है। वर्तमान संदर्भ में मोदी ने गाज शांति पहल का स्पष्ट समर्थन किया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अनुमोदित इस योजना को पूरे क्षेत्र के लिए न्यायसंगत और स्थाई शांति की दिशा में निर्णायक मार्ग बताया। प्रधानमंत्री ने कहा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अनुमोदित गाजा शांति पहल एक मार्ग प्रदान करती है।
भारत ने इस पहल के प्रति अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि यह पहल क्षेत्र के सभी लोगों के लिए न्यायसंगत और स्थाई शांति का वादा करती है, जिसमें फÞलस्तीन मुद्दे का समाधान भी शामिल है। उन्होंने कहा, हमारे सभी प्रयास बुद्धिमत्ता, साहस और मानवता से प्रेरित हों। शांति की राह हमेशा आसान नहीं होती, लेकिन भारत इस क्षेत्र में संवाद, शांति और स्थिरता के लिए आपके साथ और दुनिया के साथ खड़ा है।
मोदी ने कहा कि भारत और इजराइल इतिहास से आकार पाई लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं हैं और भविष्य पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा, हमारी साझेदारी साझा अनुभवों और साझा आकांक्षाओं पर आधारित है। हमारी मजबूत भागीदारी न केवल राष्ट्रीय हितों की पूर्ति करती है, बल्कि वैश्विक स्थिरता और समृद्धि में भी योगदान देती है।
दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा, आज की अनिश्चित दुनिया में भारत और इजÞराइल जैसे भरोसेमंद साझेदारों के बीच सशक्त रक्षा साझेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत-इजराइल के बीच द्विपक्षीय वस्तु व्यापार में कई गुना वृद्धि हुई है। मोदी ने कहा कि भारत और इजÞराइल विभिन्न प्रारूपों में भी मिलकर काम करेंगे, जैसे इंडिया मिडिल ईस्ट-यूरोप इकनॉमिक कॉरीडोर और आई2यू2 ढांचा, जिसमें भारत, इजÞराइल, यूएई और अमेरिका शामिल हैं।



