ब्राजील में भीषण बाढ़, 11 साल के बच्चे समेत 46 लोगों ने गंवाई जान, हजारों बेघर, बचाव अभियान जारी

ब्राजील: ब्राजील के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से तबाही मची हुई है। मिनास गेरैस राज्य में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है, जबकि 21 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। यह आपदा मुख्य रूप से जुइज डे फोरा और उबा शहरों में आई है, जो रियो डी जनेरियो से लगभग 310 किलोमीटर दूर उत्तर में स्थित है।

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मलबे में तब्दील हुए घर

ब्राजील में भीषण बाढ़

मिनास गेरैस राज्य के अग्निशमन विभाग द्वारा जारी किये गये आंकड़े पर गौर करें, तो बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 40 मौतें जुइज डे फोरा में हुई हैं, जबकि 6 उबा में दर्ज की गई हैं। विभाग के अनुसार, लगभग 3,600 लोग विस्थापित हो गए हैं, उन्हें अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। कई इलाकों में घर-मकान कीचड़ और मलबे से पूरी तरह ढक गए हैं, जिससे बचाव कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। यह तबाही सोमवार शाम को उस वक्त शुरू हुई जब यहां रिकॉर्ड स्तर की बारिश हुई।

सामान्य से दोगुनी हुई बारिश

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, फरवरी महीने में अब तक जितनी बारिश हुई है, वह सामान्य से दोगुनी से भी अधिक है। अगले कुछ दिनों में और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे स्थिति और बगड सकती है। बचाव दल दिन-रात काम कर रहे हैं, लेकिन कीचड़ भरे रास्तों और अस्थिर ढलानों के कारण ऑपरेशन धीमा पड़ गया है। इस त्रासदी में सबसे दिल दहला देने वाली घटना 11 वर्षीय बर्नार्डो लोपेस दुत्रा की मौत की है। जुइज डे फोरा के एक इलाके में बारिश के कारण उनका घर ढह गया, जिसमें बर्नार्डो की जान चली गई। उनके पिता रिकार्डो दुत्रा ने अंतिम संस्कार के दौरान भावुक होकर कहा, यह ऐसी त्रासदी है, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।

बर्नार्डो एक बड़े दिल वाला लड़का था, जिसने अपने अनोखे अंदाज में सभी को प्रभावित किया। बर्नार्डो की मां और बहन अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। परिवार के सदस्य और दोस्त अंतिम संस्कार में जुटे, जहां हर कोई गमगीन नजर आया। यह घटना पूरे क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर गई है। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने मंगलवार को स्थिति की समीक्षा की थी और कहा था कि, सुरक्षा बलों को तुरंत बचाव अभियान में लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रभावित आबादी को तत्काल सहायता पहुंचाई जा रही है।

  2024 में भी आई थी बाढ़

स्वास्थ्य देखभाल दल भी क्षेत्र में भेजे गए हैं, खासकर उन इलाकों में जहां पहाड़ियां, घाटियां और ढलान हैं, क्योंकि यहां भूस्खलन का खतरा सबसे ज्यादा है। राष्ट्रपति ने लोगों से शांत रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की।

ब्राजील में भीषण बाढ़

बता दें कि, यह आपदा ब्राजील के लिए नई नहीं है। पिछले सालों में भी दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं होती रही हैं। 2024 में रियो ग्रांडे दो सुल राज्य में आई बाढ़ में 185 से अधिक लोग मारे गए थे और आर्थिक नुकसान अरबों डॉलर में था। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसमी घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है, जिससे ऐसी आपदाओं की तीव्रता और आवृत्ति में इजाफा हो रहा है।

अभी भी घरों में फंसे हैं लोग

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जुइज डे फोरा पहले भी यानी 2019 और 2020 में बाढ़ आई थी, लेकिन इस बार की तबाही उससे कहीं ज्यादा भयानक है। कई लोग अपने घरों में फंसे हुए थे और मदद की गुहार लगा रहे थे। बचावकर्ताओं ने कई लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है, लेकिन कुछ इलाकों में पहुंचना अभी भी मुश्किल हो रहा है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां भोजन, पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय संगठन और पड़ोसी देशों से भी सहायता की पेशकश की गई है, लेकिन फिलहाल ब्राजील सरकार इसे राष्ट्रीय स्तर पर संभाल रही है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि, आने वाले दिनों में बारिश जारी रह सकती है, इसलिए लोगों को नदियों और ढलानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों की तलाश में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी, लेकिन इस आपदा ने एक बार फिर प्रकृति की क्रूरता और मानवीय कमजोरियों को उजागर कर दिया है।

 

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