बाफ्टा मंच पर आलिया भट्ट का हिंदी में संबोधन, ‘सेंटिमेंटल वैल्यू’ ने रचा इतिहास

आलिया भट्ट ने मंच संभालते हुए आत्मविश्वास के साथ कहा, “नमस्कार! अगला अवॉर्ड एक ऐसी फिल्म के लिए है, जो अंग्रेजी में नहीं है।

मुंबई। ब्रिटिश फिल्म और टेलीविजन कला अकादमी (बाफ्टा) पुरस्कार समारोह में अभिनेत्री Alia Bhatt ने प्रस्तोता के रूप में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराते हुए हिंदी में भाषण की शुरुआत कर अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को सुखद आश्चर्य में डाल दिया। यह भव्य समारोह रविवार को रॉयल फेस्टिवल हॉल, लंदन में आयोजित किया गया, जहां विश्व सिनेमा की बेहतरीन प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

आलिया भट्ट ने मंच संभालते हुए आत्मविश्वास के साथ कहा, “नमस्कार! अगला अवॉर्ड एक ऐसी फिल्म के लिए है, जो अंग्रेजी में नहीं है। उनकी यह शुरुआत सुनते ही सभागार में मौजूद दर्शकों के चेहरों पर मुस्कान फैल गई। इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी में हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “अभी सबटाइटल्स देखने की जल्दी मत कीजिए। मैं बस हिंदी में कह रही थी कि अगला अवॉर्ड ऐसी फिल्म के लिए है जो अंग्रेजी भाषा में नहीं है। क्योंकि फिल्म भले अनगिनत भाषाओं में हो, लेकिन हम हमेशा सिनेमा की भाषा का जश्न मनाते हैं। और उस भाषा को हम सहजता से बोलते हैं।”

उनकी इस टिप्पणी ने समारोह में मौजूद अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सिनेमा की वैश्विक एकता का संदेश दिया। आलिया ने नॉर्वे के फिल्मकार जोआचिम ट्रायर को उनकी फिल्म भावुक मूल्य के लिए गैर-अंग्रेजी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का बाफ्टा पुरस्कार प्रदान किया। यह फिल्म पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त कर चुकी है और ऑस्कर की कई श्रेणियों में भी नामित रही है।

“सेंटिमेंटल वैल्यू” की जीत ऐतिहासिक रही, क्योंकि यह बाफ्टा पुरस्कार जीतने वाली नॉर्वे की पहली फिल्म बन गई। इस उपलब्धि ने नॉर्वेजियन सिनेमा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है।समारोह में आलिया का अंदाज भी खासा चर्चित रहा। उन्होंने इस अवसर के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया सिल्वर रंग का गुच्ची ब्रांड का परिधान पहना था, जिसके साथ उन्होंने सफेद छोटी शॉल को खूबसूरती से कैरी किया। उनका लुक पारंपरिक और आधुनिक शैली का संतुलित मिश्रण प्रतीत हो रहा था।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिंदी में संबोधन देकर आलिया भट्ट ने न केवल भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व किया, बल्कि यह भी साबित किया कि भाषा कोई भी हो, सिनेमा की भावना सार्वभौमिक होती है। उनका यह अंदाज लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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