
ढाका। बांग्लादेश में आज एक नया राजनीतिक अध्याय लिखा गया। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने उन्हें और नए मंत्रिमंडल के सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह समारोह राष्ट्रीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में आयोजित हुआ, जो परंपरा से हटकर था। करीब दो दशक बाद BNP के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में लौटी है, जो 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद राजनीतिक बदलाव की परिणति है। 12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनाव में BNP ने भारी मतों से जीत दर्ज की थी।
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बहुमत से जीती है बीएनपी

पार्टी ने 297 निर्वाचित सीटों में से 209 सीटें जीतीं, जबकि उसके गठबंधन सहयोगियों के हिस्से में 3 सीटें आईं। कुल मिलाकर BNP-गठबंधन को 212 सीटों का मजबूत बहुमत मिला, जिससे 300 सदस्यीय संसद (जातीय सांसद) में दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत सुनिश्चित हुआ। विपक्ष में जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटें जीतीं, जो चुनाव में सबसे बड़ी विपक्षी ताकत बनी। यह चुनाव 2024 में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद पहला था। इसके बाद से आज शपथ ग्रहण तक मोहम्मद युनुस के नेतृत्व ने अंतरिम सरकार ने देश को चलाया था। चुनाव में लगभग 60% मतदान हुआ। शपथ ग्रहण समारोह में तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
मंत्रिमंडल में 50 सदस्य
नए मंत्रिमंडल में कुल 50 सदस्य हैं, जिनमें 25 कैबिनेट मंत्री (प्रधानमंत्री सहित), 24 राज्य मंत्री और 3 टेक्नोक्रेट्स (तकनीकी विशेषज्ञ) है। मंत्रिमंडल की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें नए चेहरों को प्राथमिकता दी गई है। 25 मंत्रियों में से 17 ऐसे है जो पहली बार मंत्री बने हैं, जबकि 24 राज्य मंत्रियों में सभी नए हैं। प्रधानमंत्री तारिक रहमान भी पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं। यह नया मंत्रिमंडल युवा ऊर्जा और नई सोच का प्रतीक माना जा रहा है।
पहली बार मंत्री बने प्रमुख नाम में तारिक रहमान के अलावा एजेडएम जाहिद हुसैन, खलीलुर रहमान (टेक्नोक्रेट), अब्दुल अवल मिंटू, मिजानुर रहमान मीनू, खंडाकर अब्दुल मोक्तादिर, अरिफुल हक चौधरी, जहीर उद्दीन स्वपन, मोहम्मद अमीन उर राशिद (टेक्नोक्रेट), अफरोजा खानम रीता, शाहिद उद्दीन चौधरी एनी, मोहम्मद असदुज्जमां, जकारिया ताहेर सुमन, दीपेन दीवान, फकीर महबूब अनम स्वपन, सरदार सखावत हुसैन बकुल और शेख रबीउल आलम शामिल हैं। ये नेता विभिन्न क्षेत्रों से हैं और पार्टी में नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
ये नेता बने मंत्री
पहली बार राज्य मंत्री बने प्रमुख नामों में एम रशीदुज्जमां मिल्लत, अनिंद्य इस्लाम अमित, मोहम्मद शरीफुल आलम, शमा ओबैद इस्लाम, सुल्तान सलाहुद्दीन टुकू, कैसर कमाल, फरहाद हुसैन आजाद, अमीनुल हक (टेक्नोक्रेट), मीर मोहम्मद हेलाल उद्दीन, हबीबुर रशीद, मोहम्मद राजीब अहसन, मोहम्मद अब्दुल बारी, मीर शाहे आलम, जोनायद साकी, इशराक हुसैन, फरजाना शर्मिन, शेख फरीदुल इस्लाम, नुरुल हक, यासर खान चौधरी, इकबाल हुसैन, एम ए मुहिथ, अहमद सोहेल मंज़ूर, बॉबी हज्जाज और अली नेवाज़ महमूद खय्याम शामिल हैं। इनमें से कई युवा और पेशेवर पृष्ठभूमि से हैं।
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संवैधानिक सुधार आयोग के सदस्य के रूप में नहीं ली शपथ
रिपोर्ट के अनुसार, शपथ ग्रहण के दौरान एक महत्वपूर्ण घटना घटी। दरअसल, तारिक रहमान और BNP सांसदों ने जुलाई चार्टर के तहत संवैधानिक सुधार आयोग के सदस्य के रूप में दूसरी शपथ लेने से इनकार कर दिया। जुलाई चार्टर एक प्रस्ताव था, जिसमें लोकतंत्र में सुधार के लिए संसद को 180 दिनों के लिए संवैधानिक सुधार परिषद के रूप में काम करने का प्रावधान था। BNP ने इसे खारिज कर दिया और कहा कि, वे चुनाव में इसी चार्टर के लिए नहीं चुने गए थे। पार्टी का कहना है कि संवैधानिक बदलाव संसद के माध्यम से होने चाहिए, न कि अलग परिषद से। तारिक का यह फैसला अब बांग्लादेश में नई राजनीतिक बहस को जन्म दे रहा है।
17 साल बाद लौटे हैं बांग्लादेश

गौरतलब है कि, तारिक रहमान बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया और जियाउर रहमान के पुत्र हैं। तारिक ने 17 साल तक निर्वासन का जीवन बिताया। साल 2025 के अंतिम महीने में वे लन्दन से अपने वतन वापस लौटे थे। उनकी वापसी और BNP की जीत 2024 के छात्र आंदोलन के बाद राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव है। रहमान अब देश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री बन गए हैं। ऐसा 35 साल बाद ऐसा हुआ है जब बांग्लादेश में किसी पुरुष ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है।
सामने हैं ये चुनौतियां
अब उनकी सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं, जैसे- आर्थिक स्थिरता बहाल करना, गारमेंट सेक्टर को मजबूत करना, राजनीतिक स्थिरता लाना और अंतरिम सरकार के दौरान हुए सुधारों को लागू करना। समारोह में 1200 से ज्यादा देशी-विदेशी गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। भारत से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शिरकत की थी। यह नई सरकार बांग्लादेश में लोकतंत्र की बहाली और नई शुरुआत का प्रतीक है। तारिक रहमान ने जीत को बांग्लादेश की जीत बताया और जनता से लोकतंत्र मजबूत करने का वादा किया।
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