फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के डायरेक्टर और टीम के खिलाफ लखनऊ में दर्ज हुई FIR

  •  जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने, दुश्मनी फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के इरादे से ब्रॉडकास्ट करने का आरोप
  • OTT प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के आपत्तिजनक कंटेंट पर लखनऊ पुलिस की कार्रवाई

लखनऊ। बीते तीन फरवरी को मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का टीजर रिलीज हुआ। टीजर के रिलीज होते ही ये फिल्म विवादों में आ गई। लोग इसके खिलाफ न सिर्फ सड़क पर उतरे, बल्कि इसके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल हो गई। वहीं, अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाने फिल्म के निर्देशक नीरज पाण्डेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

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आपत्तिजनक पाया गया कंटेंट 

घूसखोर पंडित

ये एफआईआर सूबे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, धार्मिक/सांप्रदायिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के तहत दर्ज की गई है। ये फिल्म OTT प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होनी थी और इसी प्लेटफार्म पर इसे प्रमोट और ब्रॉडकास्ट किया जा रहा है। पहली नज़र में फ़िल्म का कंटेंट आपत्तिजनक पाया गया।

देश भर में हो रहा विरोध

जानकरी के अनुसार, थाना हज़रतगंज के इंचार्ज विक्रम सिंह ने OTT प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर प्रमोट हो रही मनोज बाजपेयी की इस अपकमिंग फ़िल्म के सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने वाले कंटेंट को संज्ञान लिया। उनके मुताबिक, आने वाली फ़िल्म का टाइटल ‘घूसखोर पंडत’ और  इसकी प्रमोशनल सामग्री पहली नजर से आपत्तिजनक पाई गई।

FIR में जातिगत अपमान की बात को स्पष्ट किया किया गया है कि फ़िल्म का टाइटल एक खास समुदाय/जाति (ब्राह्मण) का अपमान करने के मकसद से बनाया गया लगता है। नेटफ्लिक्स और सोशल मीडिया पर प्रमोट किए गए इस नामकरण और इसके डायलॉग्स पर समाज के अलग-अलग हिस्सों से कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

हिंसक विरोध प्रदर्शन की चेतावनी

घूसखोर पंडित

बता दें कि, फ़िल्म के नाम और इसके कंटेंट को लेकर ब्राह्मण समुदाय और अलग-अलग सामाजिक संगठनों में गुस्सा है। कई संगठनों ने इसके खिलाफ़ हिंसक विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इससे कानून व्यवस्था प्रभावित होगी और सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है। ऐसे में पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक्शन लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है।

सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का डर

पुलिस के मुताबिक, पहली नज़र में ऐसा लगता है कि, डायरेक्टर और उनकी टीम ने समाज में दुश्मनी फैलाने, शांति और भाईचारा बिगाड़ने के मकसद से फिल्म का प्रचार किया था। ऐसे कंटेंट से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचने की संभावना है, जिसे किसी भी हालत में मंज़ूर नहीं किया जा सकता।

ऊपर दिए गए तथ्यों और संवेदनशील हालात को देखते हुए, थाना हजरतगंज पुलिस ने फिल्म के डायरेक्टर और उनकी टीम के खिलाफ संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, आगे की कानूनी कार्रवाई और विवेचना जारी है। पुलिस ने साफ किया है कि जांच के दौरान मिले सबूतों, फैलाई गई सामग्री और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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