
नई दिल्ली। अमेरिका में जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामले ने एक बार फिर दुनिया को हिला दिया है। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने 30 जनवरी 2026 को एपस्टीन फाइल्स की एक बड़ी खेप जारी की, जिसमें 30 लाख से अधिक पन्ने, 1.8 लाख तस्वीरें और 2,000 वीडियो शामिल हैं। इन दस्तावेजों में दुनिया के कई ताकतवर और अमीर लोगों के नाम सामने आए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहे हैं वे संदर्भ जहां ‘कैनिबलिज्म’ (नरभक्षण) और ‘रिचुअलिस्टिक सैक्रिफाइस’ (अनुष्ठानिक बलिदान) जैसे शब्दों का जिक्र है। सोशल मीडिया पर दावे किए जा रहे हैं कि एपस्टीन और उसके साथी बच्चों का मांस खाते थे, लेकिन क्या ये दावे सच हैं? आइए इन नए दस्तावेजों के आधार पर पूरी सच्चाई जानते हैं।
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2019 में हो चुकी है एपस्टीन की मौत
जेफ्री एपस्टीन, जिसकी 2019 में जेल में मौत हो चुकी है, कहा जाता है कि, उसने सुसाइड किया था। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है की उसने आत्महत्या नहीं कि, बल्कि उसकी हत्या हुई थी। एपस्टीन एक कुख्यात सेक्स ट्रैफिकर था। हाल के दिनों में जारी हुई उनकी फाइलों में यौन शोषण, नाबालिग लड़कियों की तस्करी और हाई-प्रोफाइल लोगों से जुड़ाव के आरोप लगे रहे हैं। 2026 की इस रिलीज फ़ाइल में कुल 35 लाख से ज्यादा पेज (कुछ रिपोर्ट्स में 30 लाख+) हैं, जो एफबीआई जांच, गवाहों के बयान, ईमेल, फोटो और वीडियो से भरे हैं। इनमें कई बड़े नाम शामिल हैं।

एलन मस्क: एलन और एपस्टीन के साथ ईमेल एक्सचेंज के द्स्तावेज सामने आये हैं, जिसमें मस्क ने कथित तौर पर एपस्टीन के द्वीप पर होने वाली सबसे वाइल्ड पार्टी के बारे में पूछा था। हालांकि, मस्क का कहना है कि, वे कभी द्वीप गए ही नहीं।
बिल गेट्स: एपस्टीन की तरफ से ड्राफ्ट किए गए कुछ ईमेल की जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक बिल गेट्स को रूसी लड़कियों के साथ संबध बनाने की वजह से यौन संचारित रोग (एसटीडी) हुआ था। हालांकि, गेट्स के प्रवक्ता ने इन दावों को पूरी तरह से बेतुका करार दिया है।
प्रिंस एंड्रयू: रिलीज हुए दस्तावेजों में एक ऐसी तस्वीर देखने को मिल रही है, जिसमें वह कथित तौर पर एक महिला के ऊपर घुटनों के बल झुके हुए नजर आ रहे हैं।
दस्तावेजों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम सैकड़ों बार आया है, जिसमें एफबीआई की टिप लाइन पर उनके खिलाफ मिली कुछ अपुष्ट शिकायतों की डिटेल भी शामिल है।
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इनके अलावा बिल क्लिंटन, रिचर्ड ब्रैनसन, स्टीव बैनन, सर्गेई ब्रिन, सारा फर्ग्यूसन समेत कई दिग्ग्जों का भी जिक्र दस्तावेजों में है।
जारी हुए दस्तावेजों में एपस्टीन की वसीयत से जुड़ी जानकारी भी शामिल है। इसके मुताबिक, मौत से दो दिन पहले उन्होंने संपत्ति (5 करोड़ डॉलर+) अपनी प्रेमिका करीना शुलियाक को देने की योजना बनाई थी।
एक मनोवैज्ञानिक रिपोर्ट में एपस्टीन को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में दिखाया गया था, जिसकी पहचान उसकी संपत्ति, शक्ति और उच्च-प्रोफाइल लोगों के साथ जुड़ाव पर आधारित थी।
शुरू हुआ विवाद
दस्तावेज रिलीज के बाद विवाद भी खड़ा हो गया। कहा जा रहा है कि, कई दस्तावेजों में पीड़ितों के नाम ठीक से संपादित नहीं थे, जिससे गोपनीयता भंग हुई। DOJ को हजारों पेज हटाने पड़े। कुछ मीडिया ने आरोप लगाया कि जरूरी जानकारी छिपाई गई, जबकि अनावश्यक चीजें जारी की गईं।

नरभक्षण (Cannibalism) के दावे
दस्तावेजों में नरभक्षण का जिक्र कई बार हुआ है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि, क्या एपस्टीन और उसके साथी बच्चों का मांस खाते थे?
फाइलों में कैनिबल (नरभक्षी) शब्द 52 बार और ‘कैनिबलिज्म’ (नरभक्षण) 6 बार आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है कि, ये एपस्टीन या उसके साथियों के अपराधों की ओर इशारा कर रहा है, लेकिन फैक्ट-चेकर्स की जांच से साफ है कि, ये जिक्र अपराध साबित नहीं करते। मुख्य आरोप एक अज्ञात व्यक्ति के 2019 एफबीआई इंटरव्यू पर आधारित हैं। उसने दावा किया है की 2000 में एपस्टीन के यॉट पर अनुष्ठानिक बलि और बच्चों के कटे हुए अंग देखे गये।
उसने ये भी दावा किया कि, उस पर मौजूद लोग शवों से मल निकालकर उसे खा रहे थे। इसके बयान को लेकर एफबीआई ने जांच भी की, लेकिन कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिला और न ही उस व्यक्ति ने कोई पुख्ता प्रमाण नहीं दिया। ऐसे में एजेंसी ने जांच रोक दी। रिपोर्ट्स के कहा गया कि, इन आरोपों को लगाने वाले व्यक्ति को एक पूर्व विशेष एजेंट और एक कॉन्सपिरेसी थ्योरी रचने वाली वेबसाइट से जुड़े पत्रकार ने एफबीआई के पास भेजा था।
नहीं मिले सबूत
फाइलों में ‘कैनिबल’ जिक्र के ज्यादातर संदर्भ अलग हैं जैसे कि एक ईमेल में ‘Cannibal’ नाम के रेस्तरां का जिक्र। एक और का जिक्र
मीडिया डाइजेस्ट, ट्रांसक्रिप्ट या शैक्षिक सामग्री से मिलता है। ऐसे में कोई भी सीधे एपस्टीन या साथियों पर अपराध का आरोप नहीं लगाता।

इसी अज्ञात व्यक्ति ने भी दावा किया था कि, इन हिंसक कृत्यों के दौरान कुछ पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति भी वहां मौजूद थे। हालांकि इस बात का कोई सबूत होने का जिक्र फाइलों में नहीं है। ये भी स्पष्ट नहीं हो पाया कि आरोप लगाने वाला व्यक्ति तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश का जिक्र कर रहा है या उनके बेटे जॉर्ज डब्ल्यू बुश का, जो आगे चलकर अमेरिका के राष्ट्रपति बने।
गैब्रिएला रिको जिमेनेज के वीडियो का जिक्र
कई ऐसे दावे फाइलों में हैं, जो अप्रमाणित और अपुष्ट हैं। ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है,जो ये साबित कर सके कि एपस्टीन या उसके साथी नरभक्षण में शामिल थे। ये ज्यादातर गवाहों के बिना प्रमाण वाले आरोप हैं, जिन्हें एफबीआई ने खारिज कर दिया था। एप स्टीन के नरभक्षण के जिक्र के बाद अब साल 2009 का वीडियो भी चर्चा में आ गया है, जिसमें गैब्रिएला रिको जिमेनेज नाम की मॉडल एक होटल के बाहर अभिजात (इलीट) वर्ग के लोगों के नरभक्षी होने और बलिदानों के बारे में चिल्लाती हुई नजर आ रही थी।
हालांकि, पुलिस ने उन्हें लेकर चली गई, उसके बाद वह गायब हो गईं, वह कहां गईं, किसी को नहीं पता। अब कई लोग इसे एपस्टीन से जोड़ रहे हैं, लेकिन कोई सीधा लिंक नहीं। इस वीडियो का जिक्र भी एपस्टीन फाइलों में नहीं है, ये अलग घटना है।
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