नई दिल्ली: आईटी सेक्टर में जारी वैश्विक अनिश्चितता के बीच टाटा ग्रुप की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। तीसरी तिमाही के नतीजों के साथ कंपनी ने डिविडेंड का ऐसा ऐलान किया है, जिसे बाजार में “डबल धमाका” कहा जा रहा है। मुनाफे में हल्की गिरावट के बावजूद TCS ने प्रति शेयर कुल 57 रुपये का डिविडेंड घोषित कर शेयरहोल्डर्स का भरोसा मजबूत किया है।

एक साथ दो डिविडेंड का ऐलान
12 जनवरी को हुई बोर्ड बैठक में TCS ने दो तरह के डिविडेंड को मंजूरी दी। इसमें 11 रुपये प्रति शेयर का तीसरा अंतरिम डिविडेंड और 46 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड शामिल है। यानी निवेशकों को एक ही बार में दोहरा फायदा मिलेगा। इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में भी सकारात्मक असर देखने को मिला।
शेयर में दिखी मजबूती
डिविडेंड ऐलान के बाद कारोबारी सत्र के अंत तक TCS का शेयर 0.86 फीसदी की बढ़त के साथ 3,235.70 रुपये पर बंद हुआ। आईटी सेक्टर में सुस्ती के माहौल के बावजूद TCS के शेयर में आई मजबूती से साफ है कि निवेशक कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और कैश फ्लो पर भरोसा जता रहे हैं।
किन निवेशकों को मिलेगा डिविडेंड
TCS ने डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट शनिवार, 17 जनवरी 2026 तय की है। शेयर बाजार में T+1 सेटलमेंट सिस्टम के चलते जिन निवेशकों को डिविडेंड का लाभ लेना है, उन्हें शुक्रवार, 16 जनवरी तक अपने डीमैट अकाउंट में TCS के शेयर रखने होंगे। कंपनी ने बताया है कि डिविडेंड की राशि 3 फरवरी 2026 तक निवेशकों के खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
तिमाही नतीजों में क्या रहा खास
अक्टूबर-दिसंबर 2025 की तिमाही में TCS का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13.8 फीसदी घटकर 10,720 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 12,444 करोड़ रुपये था। हालांकि, कंपनी की ऑपरेशनल परफॉर्मेंस मजबूत रही और रेवेन्यू 4.8 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 67,087 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि मुनाफे में गिरावट कारोबार की कमजोरी नहीं, बल्कि भारत में लागू नए लेबर कोड के कारण किए गए अतिरिक्त प्रावधानों की वजह से हुई है।
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