नई दिल्ली। हर साल 14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण प्रारंभ होता है। इस अवसर पर सूर्य पूजा, गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। इसके अलावा, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन पहनने वाले वस्त्रों के रंग का भी पूरा वर्ष पर शुभ प्रभाव पड़ता है।

मकर संक्रांति 2026: शुभ रंग और उनके लाभ
केसरिया रंग: अग्नि और सूर्य की ऊर्जा का प्रतीक
सनातन परंपरा में केसरिया रंग को शक्ति, त्याग और अग्नि का प्रतीक माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन केसरिया वस्त्र पहनने से सूर्य देव की कृपा मिलती है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है।
गुलाबी रंग: प्रेम, सौभाग्य और लक्ष्मी कृपा
गुलाबी रंग पहनने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और यह प्रेम, सौभाग्य और मानसिक शांति का संकेत देता है। मकर संक्रांति के दिन गुलाबी रंग पहनने से घर में सुख-शांति और आनंद बना रहता है।
लाल रंग: शुभता और वैवाहिक सुख का संकेत
लाल रंग को शक्ति, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। खासकर महिलाओं के लिए लाल रंग की साड़ी या सूट पहनना सौभाग्य और पारिवारिक सुख दिलाने वाला माना जाता है।
पीला रंग: गुरु कृपा और विष्णु भक्ति
पीला रंग गुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु को प्रिय है। ज्योतिष के अनुसार पीले वस्त्र पहनने से धर्म, अध्यात्म और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। मकर संक्रांति पर पीला पहनना जीवन की बाधाओं को दूर करता है।
हरा रंग: गणपति और शिव कृपा का आशीर्वाद
हरा रंग भगवान गणेश और शिव का प्रिय है। हरे वस्त्र पहनकर पूजा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और सभी बाधाएं दूर होती हैं।
अन्य त्योहारों में काला रंग क्यों अशुभ?
हिन्दू धर्म में सामान्यतः काला रंग अशुभ माना जाता है। लेकिन मकर संक्रांति के मौसम में यह रंग सूर्य की किरणों को अवशोषित कर शरीर को गर्माहट देता है। महाराष्ट्र में सदियों से यह परंपरा चली आ रही है और यह व्यावहारिक कारण अब परंपरा बन गया है।
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