अहमदाबाद। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, अहमदाबाद पहुंच गए हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 12 और 13 जनवरी को भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए हैं। इस दौरे के दौरान भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर रहेगा।

साबरमती आश्रम से होगी दिन की शुरुआत
चांसलर फ्रेडरिक मर्ज आज सुबह करीब साढ़े नौ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साबरमती आश्रम जाएंगे। इसके बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचकर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का उद्घाटन करेंगे और रिवरफ्रंट का भ्रमण भी करेंगे। सुबह सवा 11 बजे गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता प्रस्तावित है।
रणनीतिक साझेदारी के 25 साल, कई मुद्दों पर मंथन
पीएम मोदी और चांसलर मर्ज भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्षों में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। बातचीत में व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रक्षा-सुरक्षा, साइंस और इनोवेशन जैसे अहम विषय शामिल होंगे। ग्रीन अमोनिया और सबमरीन डील भी चर्चा के प्रमुख एजेंडे में हैं। चांसलर मर्ज के साथ 25 प्रमुख जर्मन कंपनियों के सीईओ सहित बड़ा बिजनेस डेलीगेशन भी भारत आया है।
भारत में जर्मनी का बढ़ता निवेश
जर्मनी भारत में नौवां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 51.23 अरब डॉलर का है, जो भारत के कुल यूरोपीय संघ व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत है। वर्ष 2024-25 में सेवाओं का व्यापार 16.65 अरब डॉलर रहा, जबकि अप्रैल 2000 से जून 2025 तक जर्मनी से भारत में 15.40 अरब डॉलर का एफडीआई आया है।
डिफेंस डील पर लग सकती है मुहर
प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज की मुलाकात के दौरान करीब 8 अरब डॉलर की बड़ी डिफेंस डील पर अंतिम सहमति बन सकती है। यह डील भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट-75I से जुड़ी है। इसके तहत 2500 टन वजनी टाइप 214NG स्टेल्थ सबमरीन का चयन किया गया है, जो एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन तकनीक से लैस होगी। जून 2025 में जर्मन कंपनी TKMS और भारत की मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) के बीच समझौता हुआ था, जिसके तहत भारत में छह पनडुब्बियों का निर्माण किया जाएगा। इससे मेक इन इंडिया को रक्षा क्षेत्र में नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ग्रीन एनर्जी डील पर भी नजर
ग्रीन एनर्जी को लेकर भी दोनों देशों के बीच अहम समझौता हो सकता है। जर्मनी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारत से ग्रीन अमोनिया आयात करने की तैयारी में है। जर्मनी की सरकारी कंपनी यूनिपर पहले ही भारत के ग्रीनको ग्रुप के साथ करार कर चुकी है, जिसके तहत हर साल 2.5 लाख मीट्रिक टन ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति हो सकती है। इस यात्रा के दौरान इस डील को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
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