नई दिल्ली। देश में हर साल लगभग पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें करीब 1.8 लाख लोगों की मौत हो जाती है। दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति का इलाज शुरू करने से पहले पैसों की मांग कई बार जानलेवा साबित होती है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार जल्द ही एक नई कैशलेस इलाज योजना लॉन्च करने जा रही है, ताकि किसी की जान पैसों की कमी के कारण खतरे में न पड़े।
कैशलेस इलाज योजना का उद्देश्य
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस योजना को देशभर में लागू करेंगे। योजना का मकसद है कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी भी व्यक्ति को समय पर इलाज मिले और पैसों की वजह से देरी न हो। यह सुविधा हाईवे, शहर की सड़क या गांव के रास्तों पर हुए सभी प्रकार के हादसों पर लागू होगी।
घायल को तुरंत मिलेगा अस्पताल में भर्ती
योजना के तहत घायल व्यक्ति को तय अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा और इलाज तुरंत शुरू होगा। दुर्घटना के प्रकार या वाहन की श्रेणी देखे बिना इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे एंबुलेंस स्टाफ, पुलिस और आम लोग बिना झिझक घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचा सकेंगे।
1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज
‘सड़क दुर्घटना पीड़ितों की कैशलेस उपचार योजना, 2025’ के तहत हर दुर्घटना में घायल को अधिकतम सात दिन तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। यह पायलट प्रोजेक्ट 14 मार्च 2024 को चंडीगढ़ में शुरू हुआ था और बाद में छह राज्यों तक फैलाया गया।
अब तक हजारों लोगों को मिला लाभ
लोकसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, अब तक 6,833 आवेदन मिले, जिनमें से 5,480 पात्र पाए गए। मोटर वाहन दुर्घटना कोष से इलाज पर अब तक 73.88 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। सरकार की योजना है कि देशभर में इस योजना के लागू होने से हर साल हजारों लोगों की जान बचाई जा सके।
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