
न्यूयार्क: अमेरिका की विदेश नीति में तेल और खनिज संपन्न देशों पर ध्यान केंद्रित रहा है। वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर ग्रीनलैंड पर गई है। ट्रंप ने खुले तौर पर इस देश को अमेरिका में शामिल करने की योजना का इशारा किया है।
रणनीतिक और खनिजीय महत्व
ग्रीनलैंड खनिज संपन्न है, खासकर रेयर अर्थ मिनरल्स में, जो मोबाइल फोन, कंप्यूटर और बैटरियों में इस्तेमाल होते हैं। इसके अलावा आर्कटिक क्षेत्र में इसकी रणनीतिक स्थिति अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण है। जलवायु परिवर्तन के कारण आर्कटिक में नए समुद्री रास्तों के खुलने से भी ग्रीनलैंड का महत्व बढ़ गया है।
अमेरिकी प्रस्ताव और नागरिकों को भुगतान
अमेरिकी अधिकारियों ने ग्रीनलैंड के नागरिकों को अमेरिका में शामिल होने के लिए 10,000 डॉलर से 1,00,000 डॉलर प्रति व्यक्ति देने का प्रस्ताव रखा है। कुल राशि लगभग 6 बिलियन डॉलर हो सकती है। अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और यह अटकलों में ही है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और चेतावनी
इस योजना को लेकर फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन और डेनमार्क ने संयुक्त बयान जारी कर चेतावनी दी है। डेनमार्क ने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड की संप्रभुता पर कोई भी हमला नाटो के अस्तित्व को खतरे में डाल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में विवाद
यह मामला ग्रीनलैंड के अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। अमेरिका की यह योजना विवाद और अंतरराष्ट्रीय हलचल का कारण बन गई है।



