UPI ने 2025 में तोड़े सारे रिकॉर्ड, 2026 में स्मार्ट पेमेंट का बिग प्लान तैयार!

नई दिल्ली। डिजिटल इंडिया की दिशा में यूपीआई (UPI) ने साल 2025 में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल यूपीआई के ट्रांजैक्शन में 33% और कुल वैल्यू में 21% की अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज हुई। अब छोटे गांव से लेकर बड़े महानगरों तक कैश का चलन घटा है और मोबाइल वॉलेट हर जगह रीढ़ की हड्डी बन चुका है।

साल 2026 की शुरुआत के साथ विशेषज्ञों का मानना है कि यूपीआई अब केवल पेमेंट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि और भी स्मार्ट और इंटेलिजेंट हो जाएगी।

दिसंबर में नया रिकॉर्ड

साल 2025 का आखिरी महीना यूपीआई के लिए सबसे शानदार रहा। प्लेटफॉर्म ने दिसंबर में 21.6 बिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जिनकी कुल वैल्यू 30 ट्रिलियन रुपये रही, जो पिछले साल की तुलना में 29% अधिक है। रोजाना औसतन 698 मिलियन ट्रांजैक्शन हुए, जो डिजिटल भुगतान के बदलते रुझान को दर्शाते हैं।

ऑटोपे और सुरक्षा पर जोर

NPCI ने यूपीआई ऑटोपे (Autopay) को मजबूत करने के लिए एक विशेष पोर्टल लॉन्च किया है। इससे सब्सक्रिप्शन और यूटिलिटी बिलों के भुगतान में पारदर्शिता आएगी और यूजर अपने खर्चों पर बेहतर नियंत्रण रख पाएंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम बार-बार होने वाले पेमेंट को आसान और सुरक्षित बनाएगा।

2026 का भविष्य

साल 2026 में यूपीआई और भी इंटेलिजेंट होगी। बायोमेट्रिक पहचान और स्थानीय भाषाओं वाले इंटरफेस के इनोवेशन ग्रामीण क्षेत्रों में इसे और लोकप्रिय बनाएंगे। भविष्य में कन्वर्सेशनल पेमेंट और क्रॉस-बॉर्डर फ्लो से ट्रांजैक्शन की संख्या तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

छोटे शहरों की बड़ी भूमिका

टियर-3 शहरों और गांवों में स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग ने यूपीआई की पहुंच और व्यापक कर दी है। अब चाय की टपरी से लेकर बड़े शोरूम तक हर जगह QR Code का दबदबा है। साल 2026 में नए पेमेंट बिहेवियर और एजेंटिक पेमेंट डिजिटल इकोनॉमी को और मजबूत बनाएंगे।

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