उज्जैन में शाही मस्जिद के पास पथराव, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, 2500 से अधिक जवान तैनात

  • सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के हिस्से को तोड़े जाने के विरोध में जुटी भीड़

  • रात में बातचीत से सुलझा था मामला, सुबह फिर बिगड़े हालात

  • 500 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग, दूसरे जिलों से भी बुलाया गया बल

उज्जैन। शाही मस्जिद को लेकर उज्जैन में चल रहा विवाद रविवार सुबह एक बार फिर उग्र हो गया। मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और इसके बाद पथराव शुरू हो गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। मौके पर 2500 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं और एहतियात के तौर पर पूरे शहर में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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 भीड़ ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ लगाए नारे

बीती रात हुई बातचीत के बाद माहौल कुछ शांत हुआ था और भोर के समय मस्जिद के आसपास जमा लोग अपने-अपने घरों को लौट गए थे। इससे प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन यह शांति ज्यादा देर नहीं टिक सकी।

Ujjain Shahi Mosque

कुछ ही देर बाद समुदाय के लोग दोबारा मस्जिद के आसपास इकट्ठा होने लगे और कुछ ही समय में भीड़ बढ़ गई। भीड़ ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए, जिससे इलाके में तनाव फ़ैल गया।

500 मीटर का क्षेत्र किया गया सील

स्थिति की गभीरता को देखते हुए पुलिस पहले से मुस्तैद थी। लोगों को मस्जिद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए करीब 500 मीटर के दायरे को बैरिकेड कर दिया गया था। बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। बताया जा रहा है कि, नारेबाजी के दौरान ही भीड़ के कुछ लोगों ने पुलिस की टीम पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।

आंसू गैस से खदेड़ी गई भीड़

पथराव शुरू होते ही पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस के अनुसार, इन्हीं गोलों की मदद से भीड़ को पीछे हटाया जा रहा है। एसपी सहित पुलिस के अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और पूरी कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं। इलाके में हालात पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त बल भी लगाया गया है।

2500 से अधिक जवान तैनात 

शाही मस्जिद और उसके आसपास के क्षेत्र में 2500 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि, प्रशासन स्थिति को हल्के में नहीं ले रहा। जरूरत पड़ने पर किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए आसपास के जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया है। जवानों को अलग-अलग बिंदुओं पर तैनात किया गया है ताकि भीड़ को किसी भी दिशा से आगे बढ़ने का मौका न मिले।

पूरे शहर में अलर्ट

घटनाक्रम के मद्देनजर उज्जैन शहर में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि वह हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि तनाव का असर शहर के दूसरे हिस्सों तक न फैले। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल भीड़ को तितर-बितर कर कानून-व्यवस्था बहाल करना है।

क्या है पूरा विवाद

पूरे विवाद की जड़ सड़क चौड़ीकरण की योजना है। इस योजना के तहत शाही मस्जिद के एक हिस्से को तोड़ा जाना प्रस्तावित है। मुस्लिम समाज के लोग इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि, धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाए बिना विकल्प तलाशे जाने चाहिए। दूसरी ओर, प्रशासन का पक्ष है कि सड़क चौड़ीकरण जनहित का काम है और इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाने हैं।

बैठक के बाद सुलझता दिखा था मामला

तनाव बढ़ने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मुस्लिम समाज के लोगों के साथ बैठक की थी। बताया गया कि, रात में हुई इस बातचीत के बाद मामला सुलझ गया था और लोग घर लौट गए थे। यही वजह है कि, सुबह अचानक भीड़ के दोबारा जमा होने और पथराव की घटना ने प्रशासन को चौंका दिया। सवाल उठ रहे हैं कि, रात की सहमति के बावजूद हालात क्यों बिगड़े और क्या बातचीत के दौरान सभी पक्षों की चिंताओं का समाधान हो पाया था।

प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती

जानकारों का मानना है कि, इस पूरे मामले में प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर विकास कार्य को आगे बढ़ाना है, दूसरी ओर धार्मिक भावनाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर संतुलन साधना है।

Ujjain Shahi Mosque

ऐसे मामलों में संवाद और आपसी भरोसा सबसे अहम माना जाता है। जब तक सभी पक्षों में सहमति नहीं बनती, तब तक तनाव की आशंका बनी रहती है। यही कारण है कि, पुलिस-प्रशासन कानून-व्यवस्था के साथ-साथ बातचीत का रास्ता खुला रखने की कोशिश भी कर रहा है।

अफवाहों से बचें

इस तरह की घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर अफवाहें तेजी से फैलती हैं, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। ऐसे में लोगों से अपेक्षा की जाती है कि वे बिना पुष्टि की सूचनाओं पर भरोसा न करें और आधिकारिक जानकारी का ही इंतजार करें। शहर में शांति बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

 स्थिति पर नजर

खबर लिखे जाने तक शाही मस्जिद के आसपास पुलिस बल का भारी जमावड़ा बना हुआ था और भीड़ को हटाने की कार्रवाई जारी थी। घटना में कितना नुकसान हुआ या कोई घायल हुआ या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। प्रशासन की ओर से स्थिति की समीक्षा की जा रही है और आगे की रणनीति उसी के आधार पर तय की जाएगी।

 

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