वरिष्ठ धर्म गुरु मौलाना कल्बे जवाद ने जताया विरोध, जाने क्या है विरोध की वजहें

लखनऊ. वरिष्ठ धर्म गुरु मौलाना कल्बे जवाद ने हुसैनाबाद ट्रस्ट के चेयरमैन व जिलाधिकारी लखनऊ के फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। शिया धर्मगुरु गुरु ने आरोप लगाते हुए कहा की कोरोना महामारी के नाम पर ऐतिहासिक बड़ा इमामबाड़ा और छोटे इमामबाड़े को टूरिज़्म के लिए खोला जाना गलत है.

मौलाना कल्बे जवाद

https://youtu.be/X4uLjSEHcb4

मौलाना ने कहा इमामबाड़े की तामीर अज़ादारी के लिए की गई है और अज़ादारी की अनुमति दिए बगैर इमामबाड़े में पर्याटको के प्रवेश की अनुमति देना शिया समुदाय के लोगो के साथ सौतेला व्यवहार करने जैसा लग रहा है. कल्बे जव्वाद ने कहा की प्रशासन में बैठे हुए कुछ लोग लगातार हमारी भावनाओं को आहत करने का निर्णय ले रहे हैं.

यह भी पढ़ेंजयपुर में पहली भूमिगत मेट्रो फेज-1 का लोकार्पण

हमारी कौम एक ज़िम्मेदार कौम है और उसने कोरोना महामारी पर पूरे देश मे मोहर्रम पर हर तरह का सहयोग दिया है इसके साथ ही मौलाना ने कहा है कि अगर सरकार ने इमामबाड़े में अज़ादारी की अनुमति नही दी तो सरकार की बात ना मान कर शिया समुदाय के लोग अज़ादारी करेंगे। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी.

Related Articles

Back to top button