वरिष्ठ धर्म गुरु मौलाना कल्बे जवाद ने जताया विरोध, जाने क्या है विरोध की वजहें

लखनऊ. वरिष्ठ धर्म गुरु मौलाना कल्बे जवाद ने हुसैनाबाद ट्रस्ट के चेयरमैन व जिलाधिकारी लखनऊ के फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। शिया धर्मगुरु गुरु ने आरोप लगाते हुए कहा की कोरोना महामारी के नाम पर ऐतिहासिक बड़ा इमामबाड़ा और छोटे इमामबाड़े को टूरिज़्म के लिए खोला जाना गलत है.

मौलाना कल्बे जवाद

मौलाना ने कहा इमामबाड़े की तामीर अज़ादारी के लिए की गई है और अज़ादारी की अनुमति दिए बगैर इमामबाड़े में पर्याटको के प्रवेश की अनुमति देना शिया समुदाय के लोगो के साथ सौतेला व्यवहार करने जैसा लग रहा है. कल्बे जव्वाद ने कहा की प्रशासन में बैठे हुए कुछ लोग लगातार हमारी भावनाओं को आहत करने का निर्णय ले रहे हैं.

यह भी पढ़ेंजयपुर में पहली भूमिगत मेट्रो फेज-1 का लोकार्पण

हमारी कौम एक ज़िम्मेदार कौम है और उसने कोरोना महामारी पर पूरे देश मे मोहर्रम पर हर तरह का सहयोग दिया है इसके साथ ही मौलाना ने कहा है कि अगर सरकार ने इमामबाड़े में अज़ादारी की अनुमति नही दी तो सरकार की बात ना मान कर शिया समुदाय के लोग अज़ादारी करेंगे। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी.

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया सरकारी मंथन के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...