‘जेलों को सुधार केंद्र बनाएं’… जेल से बाहर आते ही राजपाल यादव ने की स्मोकिंग ज़ोन की अनोखी मांग

'जेलों को सुधार केंद्र बनाएं': जेल से बाहर आते ही राजपाल यादव ने की स्मोकिंग ज़ोन की अनोखी मांग

मुंबई। मशहूर फिल्म अभिनेता राजपाल यादव हाल ही में चेक बाउंस मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल से अंतरिम जमानत पर बाहर आए हैं। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने जेल प्रशासन और वहां के नियमों में सुधार को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जो सोशल मीडिया और गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। अपने पैतृक गांव शाहजहांपुर पहुंचे राजपाल यादव ने जेल के भीतर कैदियों की सुविधाओं और उनके मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक अनोखी मांग रखी। उन्होंने कहा कि जेलों को केवल सजा देने का केंद्र न मानकर ‘सुधार केंद्र’ के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने सुझाव दिया कि जिस तरह एयरपोर्ट और बड़े रेलवे स्टेशनों पर धूम्रपान के लिए एक निश्चित क्षेत्र होता है, उसी तरह जेलों के भीतर भी कैदियों के लिए अलग स्मोकिंग एरिया बनाया जाना चाहिए।

राजपाल यादव ने जेल सिस्टम में सुधार की वकालत करते हुए कहा कि जेलों को आज के आधुनिक दौर के हिसाब से अपग्रेड करने की सख्त जरूरत है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “मेरी हाथ जोड़कर विनती है कि हमें अक्सर यह पता नहीं होता कि जेल में बंद कौन सा व्यक्ति वास्तव में अपराधी है और कौन बेगुनाह या परिस्थितियों का शिकार है।” उन्होंने तर्क दिया कि कई कैदी ऐसे होते हैं जो पेशेवर अपराधी नहीं होते, बल्कि उनसे जीवन में एक बार कोई गलती हो गई होती है। ऐसे कैदियों का आचरण और व्यवहार अगर 10 वर्षों से अच्छा है, तो उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने का एक अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने लोकप्रिय शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वहां तीन लाइफलाइन मिलती हैं, तो इन कैदियों को भी जीवन सुधारने के लिए एक लाइफलाइन दी जानी चाहिए ताकि वे देश की ताकत बन सकें।

अभिनेता ने अपनी कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है और वह अदालत के आभारी हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वह फिलहाल अपने परिवार में एक शादी समारोह में व्यस्त हैं, इसलिए अगले दो दिनों तक मीडिया से विस्तृत बात नहीं कर पाएंगे। कानूनी पेचीदगियों और चेक बाउंस मामले से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि उनके वकील ही उचित जवाब देंगे। राजपाल यादव ने स्पष्ट किया कि उनका पूरा ध्यान अब काम करने और पैसे कमाने पर है ताकि वह अपनी देनदारियों को चुका सकें। उन्होंने कहा कि वह किसी की सहानुभूति नहीं चाहते, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक और अपने गांव के वोटर के रूप में अपनी पहचान बनाए रखना चाहते हैं।

राजपाल यादव की जेल यात्रा के पीछे का मुख्य कारण एक पुराना वित्तीय विवाद है। उन्होंने अपनी एक फिल्म बनाने के लिए एक निजी कंपनी से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जो ब्याज समेत बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये हो गया था। इस राशि के भुगतान के लिए उन्होंने जो चेक दिए थे, वे बाउंस हो गए, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा। कोर्ट ने उन्हें पैसे लौटाने के लिए कई मौके दिए, लेकिन समय सीमा के भीतर भुगतान न कर पाने के कारण दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया और उन्हें तिहाड़ जेल जाना पड़ा। वर्तमान में, अदालत ने उन्हें 1.5 करोड़ रुपये जमा कराने की शर्त पर 18 मार्च 2026 तक के लिए अंतरिम राहत प्रदान की है, जिससे उन्हें अपनी फिल्मों की शूटिंग पूरी करने और धन की व्यवस्था करने का समय मिल सके।

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