बिहार चुनाव: चिराग पासवान ने चला बहुत बड़ा दांव, बढ़ गई नीतीश की मुश्किलें

बिहार विधानसभा चुनाव में सभी दल जीत हासिल कर सत्ता के शिखर पर पहुंचने की कवायद में जुटे हैं। इसी कवायद के तहत राजनीतिक नेता लगातार नए-नए दांव खेलते नजर आ रहे हैं। ऐसा ही दांव लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने भी चला है। उनके इस दांव ने सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। दरअसल, मंगलवार को होने वाले दूसरे चरण के चुनाव से पहले चिराग पासवान ने एक ऐसा नारा दिया है, जिससे बीजेपी-जदयू गठबंधन सवालों के घेरे में आ गया है। यह चुनावी नारा है- नीतीश कुआं तो तेजस्वी खाई, लोजपा-भाजपा सरकार बनाई।

चिराग पासवान ने नीतीश पर बोला हमला

बिहार चुनाव में दूसरे चरण के मतदान से पहले चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुंगेर में नीतीश कुमार के कहने पर ही गोली चलाई गई थी। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग की छापेमारी से नीतीश कुमार परेशान हैं, सात निश्चय में जांच की बात से भी नीतीश घबराए हुए हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने 15 साल सुशासन बाबू का टैग पहने रखा, लेकिन अब उनकी सच्चाई सबके सामने आ रही है।

चिराग पासवान ने कहा कि शराब तस्करों के लिए नीतीश कुमार चिंतित हैं, क्योंकि बिना पैसों के लेन-देन बिहार में शराब बेचना संभव नहीं है। उन्होंने सवालिया हमला बोलते हुए कहा कि पिछले पांच साल में नीतीश कुमार ने क्या किया है, आने वाले दिनों में उनका क्या रोडमैप है।

नीतीश पर सवाल उठाते हुए चिराग पासवान ने फिर कहा कि नीतीश कुमार 2024 में प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। चिराग पासवान ने कहा कि जब मेरे पिता की तबीयत खराब थी, तब नीतीश कुमार मिलने नहीं गए थे लेकिन अब सबके खास बनने का ढोंग कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी ने परिवारवाद पर बोला तीखा हमला, लगाया यह गंभीर आरोप

आपको बता दें कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) एनडीए की घटक नहीं है। वह बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए से अगल होकर इस चुनावी महासंग्राम में ताल ठोकती नजर आ रही है। चिराग पासवान इस चुनाव में वे भले ही नीतीश कुमार के खिलाफ हमलावर रुख अपनाए हुए हैं, लेकिन यह बात वह कई बार कह चुके हैं कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन्त्र पर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।  

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया सरकारी मंथन के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...

Related Articles

Back to top button