
नई दिल्ली। एशियन गेम्स के क्रिकेट फाइनल में टीम इंडिया ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रनों से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। रोमांच से भरे इस मुकाबले में एक वक्त ऐसा भी आया जब भारतीय फैंस की सांसें थम गई थीं, लेकिन आखिरकार भारतीय टीम में दमदार वापसी करते हुए जीत दर्ज कर ली। पाकिस्तान की टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
मुकाबले की सबसे बड़ी कहानी पाकिस्तानी बल्लेबाज हसन नवाज की रही, जिन्होंने आखिरी ओवर तक अकेले दम पर लड़ाई जारी रखी और भारतीय खेमे की धड़कनें बढ़ा दीं। मगर जसप्रीत बुमराह के 19वें ओवर ने मैच का रुख पूरी तरह से बदल दिया। इस ओवर में बुमराह ने महज 11 रन दिए और पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
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भारत ने खड़ा किया 211 रनों का पहाड़
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 211 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस पारी की नींव अभिषेक शर्मा ने रखी, जिन्होंने 68 रन की शानदार पारी खेली। उनके बाद तिलक वर्मा ने भी तूफानी अंदाज में 51 रन ठोके और स्कोर को उस मुकाम तक पहुंचाया, जहां से पाकिस्तान के लिए लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था। पाकिस्तान को जीत के लिए 212 रनों का लक्ष्य मिला, जो फाइनल जैसे बड़े मंच पर किसी भी टीम के लिए दबाव भरा साबित हो सकता था।
शुरुआती झटकों से लड़खड़ाया पाकिस्तान
लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम के तीन विकेट सिर्फ 39 रन के स्कोर पर गिर गए और ऐसा लगा कि मुकाबला एकतरफा हो जाएगा। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत में ही मैच पर शिकंजा कस लिया था, लेकिन इसके बाद मैच में नाटकीय मोड़ आया।

हसन नवाज और सैम अयूब ने क्रीज पर जमकर पाकिस्तान की पारी को संभाला और चौथे विकेट के लिए 87 रनों की अहम साझेदारी कर डाली। इस साझेदारी ने मैच का पूरा समीकरण बदल दिया। जब तक ये दोनों बल्लेबाज क्रीज पर थे। भारत हार की ओर बढ़ता दिख रहा था और स्टेडियम से लेकर टीवी स्क्रीन के सामने बैठे करोड़ों फैंस के चेहरों पर तनाव साफ झलक रहा था।
15वां ओवर रहा टर्निंग पॉइंट
मैच का टर्निंग पॉइंट 15वां ओवर रहा। शिवम दुबे ने इस ओवर में सैम अयूब को आउट कर भारत को बहुप्रतीक्षित सफलता दिलाई। यहीं से पाकिस्तानी टीम लड़खड़ाने लगी। अयूब के आउट होने के बाद पाकिस्तान की रन गति पर ब्रेक लग गया और भारतीय गेंदबाजों ने वापसी करते हुए मैच पर पकड़ मजबूत कर ली।
हसन नवाज हालांकि एक छोर पर डटे रहे और आखिरी ओवर तक टीम को जीत की उम्मीद दिलाते रहे। उन्होंने 96 रनों की जुझारू पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से मिले कमजोर सहयोग के कारण उनकी यह पारी पाकिस्तान को जीत नहीं दिला सकी। शतक से चूकने का मलाल भी उन्हें जरूर रहेगा।
फैसले की घड़ी में जसप्रीत बुमराह ने 19वें ओवर में गजब की गेंदबाजी की। उन्होंने सिर्फ 11 रन खर्च किए, जिससे पाकिस्तान के लिए अंतिम ओवर में लक्ष्य बेहद मुश्किल हो गया। यही ओवर मैच में सबसे बड़ा अंतर साबित हुआ।
भारत की झोली में 19वां स्वर्ण
इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में अपना 19वां स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। यह भारत का कुल 81वां पदक भी है। इससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर सोना जीता था। अब पुरुष टीम ने भी पाकिस्तान को मात देकर क्रिकेट के दोनों स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाल दिए हैं।

यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें भारत की गेंदबाजी और बल्लेबाजी, दोनों का संतुलन दिखा। अभिषेक और तिलक की आक्रामक बल्लेबाजी ने बड़ा स्कोर दिया। दुबे ने निर्णायक विकेट चटकाया और बुमराह ने अनुभव का परिचय देते हुए अंतिम क्षणों में मैच पर ताला लगा दिया।
क्रिकेट प्रेमियों में ख़ुशी की लहर
भारत की जीत की खबर के साथ ही देशभर के क्रिकेट प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई। भारत-पाकिस्तान का मुकाबला हमेशा से ही रोमांच और भावनाओं से भरा रहा है, और फाइनल जैसे बड़े मौके पर मिली यह जीत फैंस के लिए और भी यादगार बन गई। सोशल मीडिया पर भी टीम इंडिया को बधाइयों का तांता लग गया।
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