
-
शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना और ऋचा घोष की शानदार पारी ने दिलाई जीत
-
दीप्ति शर्मा की घातक गेंदबाजी के आगे महज 69 रनों पर ढेर हुई श्रीलंकाई टीम
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया और बड़ी जीत हासिल की। टीम ने देश को टूर्नामेंट का पहला गोल्ड मेडल दिला दिया है। कप्तान हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में मैदान में उतरी टीम इंडिया ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रनों के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। यह एशियन गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का लगातार दूसरा गोल्ड मेडल है, जिसने भारतीय क्रिकेट जगत में जश्न का माहौल बना दिया है।
इसे भी पढ़ें- गोल्ड की उम्मीदों को झटका! नीरज चोपड़ा के साथ क्या हुआ जो 2026 एशियन गेम्स से हो गए बाहर
भारतीय टीम ने जीता टॉस
फाइनल मुकाबले में टॉस जीतकर भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। इस फैसले को सही साबित करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने टीम को धमाकेदार शुरुआत की। दोनों खिलाड़ियों ने पहले विकेट के लिए 99 रनों की मजबूत साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारतीय पारी की नींव को मजबूत कर दिया।

शेफाली वर्मा अपने अर्धशतक से महज दो रन दूर रह गईं। उन्होंने महज 29 गेंदों का सामना करते हुए 3 छक्कों और 3 चौकों की मदद से 48 रनों की आक्रामक पारी खेली। उनकी तेज-तर्रार बल्लेबाजी ने भारतीय पारी को शुरुआत से ही तेज गति दे दी थी।
वहीं स्मृति मंधाना ने भी अपने बल्ले से कमाल दिखाया और अर्धशतक पूरा करने के बाद शतक की तरफ बढ़ रही थीं। हालांकि श्रीलंकाई गेंदबाज सुगंदिका ने उन्हें 79 रनों के स्कोर पर आउट कर दिया। मंधाना ने 45 गेंदों की अपनी पारी में 7 छक्के और 5 चौके लगाए। इस पारी के दौरान एक और बड़ी उपलब्धि उनके नाम दर्ज हुई।
स्मृति ने पूरे किए 11 हजार रन
स्मृति मंधाना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 11,000 रन पूरे करने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। यह उपलब्धि उन्हें विश्व क्रिकेट के इतिहास में एक अलग मुकाम पर बैठाती है। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी की और 17 गेंदों में 19 रनों का योगदान दिया।
ऋचा घोष की तूफानी पारी ने बदली तस्वीर
स्मृति मंधाना के आउट होने के समय भारत का स्कोर 16.5 ओवर में 163 रन था और ऐसा लग रहा था कि, टीम 200 रनों के आंकड़े तक पहुंचने में संघर्ष करेगी, लेकिन विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। ऋचा ने महज 22 गेंदों पर नाबाद 49 रनों की धमाकेदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 3 छक्के और 6 चौके भी जड़े।
खास बात यह रही कि, अकेले अंतिम ओवर में ही टीम इंडिया ने 25 रन जोड़ लिए, जिसमें ऋचा घोष ने दो छक्के लगाए। उनकी इस विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित ओवरों में 216 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया, जो फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य साबित हुआ।
69 रनों पर सिमटी श्रीलंकाई टीम
217 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। कप्तान चमारी अट्टापट्टू और इमेशा दुलानी ने पारी की शुरुआत की, लेकिन दोनों सलामी बल्लेबाज पहले विकेट के लिए महज 18 रन ही जोड़ पाईं।
बल्ले से कमाल दिखाने वाली शेफाली वर्मा ने गेंदबाजी में भी अपना जलवा बिखेरा। उन्होंने पावरप्ले के दौरान दो अहम विकेट चटकाए और दुलानी (3 रन) तथा हसीनी परेरा (0 रन) को पवेलियन भेजा। पावरप्ले खत्म होते ही अगले ओवर में अनुभवी गेंदबाज दीप्ति शर्मा ने श्रीलंका को तगड़ा झटका देते हुए कप्तान चमारी अट्टापट्टू को कैच आउट कराया। अट्टापट्टू ने 21 गेंदों में 5 चौकों की मदद से 21 रन बनाए थे, लेकिन उनका आउट होना श्रीलंकाई पारी के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।
लय में नहीं आ सकी श्रीलंकाई टीम
इसके तुरंत बाद अगले ओवर में गेंदबाज श्रेयांका पाटिल ने हर्षिता माधवी को बिना खाता खोले ही आउट कर दिया। इसके बाद हंसिमा करुणारत्ने भी सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हुईं, जिससे 49 रनों के स्कोर पर श्रीलंका का पांचवां विकेट गिर गया। उसी स्कोर पर दीप्ति शर्मा ने एक और सफलता हासिल करते हुए कविशा दिलहरी को महज 11 रनों पर आउट किया, जिससे श्रीलंका को छठा झटका लगा।
लगातार गिरते विकेटों के बीच श्रीलंकाई टीम कभी भी लय में नहीं आ सकी और पूरी टीम महज 69 रनों पर ऑलआउट हो गई। भारतीय गेंदबाजों में दीप्ति शर्मा सबसे सफल गेंदबाज रहीं, जिन्होंने 3 विकेट अपने नाम किए। वहीं शेफाली वर्मा, श्रेयांका पाटिल और श्री चरणी ने 2-2 विकेट चटकाकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।
लगातार दूसरा स्वर्ण पदक
भारत ने यह मुकाबला 147 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम करते हुए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। यह जीत खास इसलिए भी है क्योंकि यह एशियन गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का लगातार दूसरा स्वर्ण पदक है, जो टीम की निरंतरता और दबदबे को दर्शाता है।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि, वह विश्व क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में शुमार है। बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक हर विभाग में टीम इंडिया का दबदबा फाइनल मुकाबले में साफ नजर आया। शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना की आक्रामक शुरुआत, ऋचा घोष की फिनिशिंग टच वाली पारी और दीप्ति शर्मा के नेतृत्व में गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन ने मिलकर इस जीत की नींव रखी।
इसे भी पढ़ें- संघर्ष की मिसाल: जमीन बेचकर पिता ने दिलाई राइफल, बेटी ने एशियन गेम्स में जीत लिया सिल्वर



