गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। लोनी थाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले हुई सेवानिवृत्त वायुसेना कर्मी की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि मृतक के सगे बेटों ने ही रची थी। संपत्ति विवाद के चलते बेटों ने अपने पिता की हत्या के लिए भाड़े के शूटरों को सुपारी दी थी, जिसमें यूपी पुलिस का एक कांस्टेबल भी शामिल था।

26 दिसंबर को हुई थी गोली मारकर हत्या
पुलिस के अनुसार, मूल रूप से बागपत जिले के रहने वाले 58 वर्षीय योगेश भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त थे और वर्तमान में लोनी की अशोक विहार कॉलोनी में रह रहे थे। बीते 26 दिसंबर को जब वह घर लौट रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल योगेश की मौके पर ही मौत हो गई थी।
संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह
सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सिद्धार्थ गौतम ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में बताया कि इस हत्याकांड के पीछे पारिवारिक विवाद और संपत्ति का लालच मुख्य कारण था। जांच में सामने आया कि योगेश अपने बेटों से मकान खाली कराने की कोशिश कर रहे थे। इसी बात से नाराज होकर दोनों बेटों ने पिता को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
पड़ोसी और सिपाही को दी गई सुपारी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतक के बेटों ने अपने पड़ोसी अरविंद (32) को हत्या की सुपारी दी थी। इस साजिश में अरविंद का साला नवीन, जो कौशांबी जिले में उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात है, भी शामिल था।
आरोपियों ने मिलकर चलाई गोलियां
पूछताछ में आरोपी अरविंद ने कबूल किया कि उसने और कांस्टेबल नवीन ने मिलकर योगेश पर गोलियां चलाई थीं। पुलिस ने बुधवार शाम को अरविंद को गिरफ्तार कर लिया है। उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
हथियार बरामद, बाकी आरोपी फरार
पुलिस ने आरोपी के पास से .315 बोर की देसी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, कांस्टेबल नवीन और मृतक के दोनों बेटे फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
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