लखनऊ। नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार शहरों में घर बनाने और खरीदने का सपना देख रहे लोगों को बड़ी सौगात देने जा रही है। प्रदेश के विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद मिलकर करीब 22 शहरों में नई आवासीय योजनाएं लॉन्च करने की तैयारी में हैं। इन योजनाओं के जरिए लगभग 50 हजार लोगों को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार ने इन योजनाओं के लिए भूमि व्यवस्था का काम काफी हद तक पूरा कर लिया है। सभी आवासीय योजनाएं मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत लाई जाएंगी और इन्हें शहरवार चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2026 में लॉन्च किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आवास विभाग को निर्देश दिए हैं कि हर जरूरतमंद तक आवासीय सुविधा पहुंचे। इसी उद्देश्य से विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद को सीड कैपिटल के आधार पर भूमि खरीदने के लिए धनराशि दी जा रही है। योजनाओं से होने वाली आय के जरिए यह राशि धीरे-धीरे शासन को वापस की जाएगी।
आवास विभाग प्रदेश के 31 शहरों में आवासीय योजनाएं लाने के लिए कुल 13,887 करोड़ रुपये उपलब्ध करा रहा है, जिसमें से अब तक 6,440 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। आवासीय योजनाओं के लिए कुल 7,183.94 हेक्टेयर भूमि ली जानी है, जबकि अब तक 1,539.25 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।
इन योजनाओं में केवल मकान ही नहीं, बल्कि स्कूल, कॉलेज, नर्सिंग होम, पार्क और अन्य सामुदायिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। साथ ही वायु प्रदूषण को कम करने के लिए हर योजना में पर्याप्त हरित क्षेत्र (ग्रीन एरिया) सुनिश्चित किया जाएगा।
इन शहरों में जल्द आएंगी आवासीय योजनाएं:
गोरखपुर, चित्रकूट, आगरा, बुलंदशहर, वाराणसी, मुरादाबाद, कानपुर, सहारनपुर, मथुरा-वृंदावन, फिरोजाबाद, लखनऊ आईटी सिटी और वेलनेस सिटी, खुर्जा, बांदा, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़-पिलखुआ, रामपुर सहित अन्य शहर। इसके अलावा आवास विकास परिषद लगभग चार और शहरों में भी योजनाएं लाएगा।
प्राधिकरणों से मांगे गए प्रस्ताव:
सरकार ने आवास विकास परिषद और अन्य विकास प्राधिकरणों से विस्तृत प्रस्ताव भी मांगे हैं। इनमें भूमि का रकबा, भूमि खरीद पर आने वाला खर्च और योजना लॉन्च होने की संभावित समय-सीमा स्पष्ट करने को कहा गया है।
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