
Bangladesh Violence News: बांग्लादेश एक बार फिर राजनीतिक उथल-पुथल और हिंसा की चपेट में है। आम चुनाव से ठीक पहले युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। ढाका समेत कई शहरों में प्रदर्शन, आगजनी और मीडिया दफ्तरों पर हमलों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बीच भारत-बांग्लादेश रिश्तों में भी तनाव बढ़ता दिख रहा है, जबकि अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। जानिए 10 अहम सवालों के जवाब, जो इस पूरे घटनाक्रम को समझने में मदद करेंगे।
1. कौन थे शरीफ उस्मान हादी?
शरीफ उस्मान हादी ‘इंकिलाब मंचो मंच’ के प्रवक्ता और आम चुनाव के उम्मीदवार थे। वे युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे थे।
2. हादी की हत्या कैसे हुई?
पिछले शुक्रवार ढाका में रिक्शा से जाते समय बाइक सवार नकाबपोश हमलावरों ने उनके सिर में गोली मार दी।
3. मौत कब और कहां हुई?
पहले ढाका के अस्पताल में भर्ती हादी को बाद में सिंगापुर ले जाया गया। करीब एक हफ्ते तक लाइफ सपोर्ट पर रहने के बाद गुरुवार शाम उनकी मौत हो गई।
4. मौत के बाद हालात कैसे बिगड़े?
हादी की मौत की खबर फैलते ही ढाका की सड़कों पर सैकड़ों लोग उतर आए। शाहबाग चौराहे और ढाका यूनिवर्सिटी के आसपास जमकर प्रदर्शन हुए।
5. आगजनी की घटनाएं कहां हुईं?
नौफेल इलाके में एक पूर्व मंत्री के घर में आग लगा दी गई। इसके बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
6. मीडिया दफ्तरों को क्यों निशाना बनाया गया?
उग्र भीड़ ने प्रोथोम आलो और डेली स्टार के दफ्तरों में तोड़फोड़ की। डेली स्टार के ऑफिस में आग लगा दी गई। प्रदर्शनकारियों ने मीडिया पर भारत समर्थक होने के आरोप लगाए।
7. आग लगने के वक्त क्या स्थिति थी?
डेली स्टार के दफ्तर में आग के दौरान कई पत्रकार और कर्मचारी अंदर फंस गए थे। धुएं से दम घुटने की स्थिति बन गई, हालांकि बाद में सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
8. क्या हिंसा सिर्फ ढाका तक सीमित रही?
नहीं। चटगांव, राजशाही समेत कई शहरों से हिंसा और झड़प की खबरें आईं। चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायोग के बाहर भी विरोध प्रदर्शन हुए।
9. हमलावरों को लेकर क्या कहा गया?
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेशी अधिकारियों ने हमलावर की पहचान कर ली है और उसके भारत भागने की आशंका जताई है। इससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ गया।
10. भारत और अंतरिम सरकार की प्रतिक्रिया क्या रही?
भारत ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को तलब कर भारतीय मिशनों की सुरक्षा पर चिंता जताई। वहीं नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने हादी की मौत को लोकतंत्र के लिए बड़ा झटका बताया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।



