
न्यूयार्क: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भड़क गए हैं। इस हमले में 15 लोगों की मौत के बाद ट्रंप ने इसे यहूदी विरोधी आतंकवाद करार देते हुए दुनिया के सभी देशों से कट्टरपंथी इस्लामी आतंक के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका यहूदी समुदाय के साथ मजबूती से खड़ा है और आगे भी उनका समर्थन करता रहेगा।
व्हाइट हाउस में यहूदी हनुक्का फेस्टिवल के अवसर पर यहूदी अमेरिकी समुदाय की मेजबानी करते हुए ट्रंप ने इस हमले पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि सिडनी में हनुक्का समारोह के दौरान हुआ यह हमला मानवता पर हमला है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
ट्रंप का बयान बना सुर्खियां
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मैं ऑस्ट्रेलिया के लोगों को अपना प्यार और प्रार्थनाएं भेजता हूं, खासकर उन परिवारों के लिए जो सिडनी में हुए इस भयावह और यहूदी विरोधी आतंकी हमले से प्रभावित हुए हैं। अब समय आ गया है कि दुनिया के सभी देश कट्टर इस्लामी आतंकवाद की बुरी ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों।”
हनुक्का समारोह के दौरान हुआ हमला
यह आतंकी हमला रविवार को सिडनी के बॉन्डी बीच पर उस समय हुआ, जब बड़ी संख्या में यहूदी समुदाय के लोग हनुक्का सेलिब्रेशन में शामिल थे। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने भी इस घटना को यहूदी विरोधी आतंकवादी कृत्य बताया है। पुलिस के मुताबिक, हमलावर इस्लामिक स्टेट से प्रेरित थे और गोलीबारी करने वालों में एक पिता और उसका बेटा शामिल था।
यहूदी विरोध की पृष्ठभूमि
ऑस्ट्रेलिया के सबसे व्यस्त और लोकप्रिय समुद्र तटों में से एक पर हुआ यह हमला बीते एक साल से बढ़ रही यहूदी विरोधी घटनाओं की कड़ी माना जा रहा है। न्यू साउथ वेल्स पुलिस कमिश्नर मैल लैन्योन ने बताया कि 50 वर्षीय एक हमलावर को मौके पर ही पुलिस ने मार गिराया, जबकि उसका 24 वर्षीय बेटा घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया है।
घायलों का इलाज जारी
इस हमले में जान गंवाने वालों की उम्र 10 से 87 साल के बीच बताई गई है। वहीं, कम से कम 42 लोग घायल हुए हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना की दुनियाभर में निंदा हो रही है। इजरायल ने सख्त प्रतिक्रिया दी है, जबकि भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी इजरायल दौरे के दौरान इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की।



