‘किसी भी दल से मिलने में आपत्ति नहीं’, विपक्ष के धरने के बाद चुनाव आयोग की सफाई

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन और आयोग से मुलाकात की मांग के बीच चुनाव आयोग ने अपना पक्ष रखा है। आयोग ने साफ किया है कि, उसे किसी भी राजनीतिक दल के सदस्यों से मिलने में कोई आपत्ति नहीं है। उसके मुताबिक, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडल पहले भी तय प्रक्रिया के तहत मिलते रहे हैं और आगे भी उसी प्रक्रिया का पालन करते हुए मिल सकते हैं।

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 किसी दल ने नहीं मांगा समय- आयोग

आयोग ने कहा कि, अब तक किसी भी राजनीतिक दल की तरफ से मुलाकात के लिए समय नहीं मांगा गया है, इसलिए किसी बैठक का निर्धारण भी नहीं हुआ। आयोग के अनुसार, मंगलवार शाम चार बजे तक किसी दल ने बैठक के लिए समय का अनुरोध नहीं किया था। आयोग ने यह भी कहा कि, वह किसी भी दल के सदस्यों से मिलने और उनके साथ चर्चा करने के लिए तैयार है।

Gyanesh Kumar,

आयोग के मुताबिक, राजनीतिक दलों के साथ बैठक के लिए वर्ष 2025 में एक निर्धारित प्रक्रिया और प्रोटोकॉल बनाया गया था। इसके तहत किसी भी दल या प्रतिनिधिमंडल को अपने अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए पहले आयोग से समय मांगना होता है। इस प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रतिनिधिमंडल पहले की तरह आयोग से मिल सकते हैं।

आकाशवाणी भवन में धरना-हिरासत

यह सफाई उस घटनाक्रम के बाद आई, जिसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेता मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। नेता सुबह से आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे थे। उनका कहना था कि वे आयोग से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं और जब तक आयोग की ओर से बुलावा नहीं आता, धरना जारी रखेंगे।

विपक्ष का आरोप था कि, चुनाव आयोग उनसे मिलने को तैयार नहीं है। इसी वजह से कई नेता आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। मंगलवार शाम दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी नेताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें बस में बैठाकर आकाशवाणी भवन परिसर से हटा दिया।

240 सांसदों के साथ एनेक्सी में बैठक का प्रस्ताव

आयोग ने बताया कि मंगलवार शाम दिल्ली पुलिस के जरिए उसे सूचना मिली कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहता है। आयोग इस अनुरोध पर विचार कर रहा था।

आयोग के अनुसार, बाद में दिल्ली पुलिस ने बताया कि राहुल गांधी इंडिया गठबंधन के करीब 240 सांसदों के साथ संसद भवन की एनेक्सी में बैठक करना चाहते हैं। आयोग ने कहा कि इस तरह की बैठक उसके तय प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं थी। उसने इस अनुरोध को नियमों के खिलाफ और असामान्य मानते हुए स्वीकार नहीं किया।

प्रोटोकॉल के तहत बैठक आयोग परिसर में ही

आयोग ने स्पष्ट किया कि तय प्रोटोकॉल के मुताबिक राजनीतिक दलों या उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक आयोग के परिसर में ही हो सकती है। उसने कहा कि वह संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के साथ-साथ अपने प्रोटोकॉल और स्थापित परंपराओं का पूरा सम्मान करता है।

हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आयोग ने एक असाधारण विकल्प भी सुझाया था। इसके तहत सांसदों से ज्ञापन लेने के लिए आयोग के सबसे वरिष्ठ कार्यरत अधिकारी को संसद भवन की एनेक्सी में भेजने का प्रस्ताव दिया गया। आयोग का कहना है कि सांसद इस प्रस्ताव पर सहमत नहीं हुए।

  आयोग बोला- मुलाकात का रास्ता खुला

आयोग ने दोहराया कि किसी भी राजनीतिक दल के सदस्यों से मिलने में उसे कोई आपत्ति नहीं है। दल तय नियमों और प्रक्रिया के तहत किसी भी समय मुलाकात का अनुरोध कर सकते हैं। चूंकि अब तक किसी दल ने निर्धारित समय की मांग नहीं की है, इसलिए फिलहाल किसी बैठक का समय तय नहीं किया गया है।

 

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