
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। यहां यमुना एक्सप्रेसवे पर सरपट दौड़ रही एक स्लीपर बस में अचानक से आग लग गई। इस हृदयविदारक हादसे में 9 यात्रियों की जलकर मौत हो गई। वहीं कई अन्य यात्री गंभीर रूप से झुलस गये हैं। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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कैसे हुआ हादसा
यह भीषण अग्निकांड बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात करीब साढ़े 11 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ। घटनास्थल जीरो पॉइंट से लगभग 32 किलोमीटर आगे, जेवर थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित है। बस दिल्ली से उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की ओर जा रही थी, तभी रास्ते में अचानक से उसमें आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। आग बस को आग से घिरा देख उसमें सवार बस के भीतर सवार यात्रियों में हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, बस में उस समय करीब 40 से 50 यात्री सवार थे, और गहरी नींद में सोए हुए थे। आग लगते ही स्थिति बेहद भयावह हो गई। जान बचाने की जद्दोजहद में कई यात्रियों ने चलती बस से ही छलांग लगा दी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें भी आईं। हालांकि, हर कोई इतनी जल्दी बाहर नहीं निकल पाया और कुछ यात्री आग की लपटों के बीच बस के भीतर ही फंसे रह गए।
पूरी तरह से जल चुकी है बस
ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे में 9 यात्रियों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, फायर विभाग की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं और मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के कार्य में जुट गईं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन उसके बाद भी बस को पूरी तरह ठंडा करने की प्रक्रिया लंबे समय तक जारी रही, क्योंकि आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बस का ढांचा बुरी तरह जल चुका था।
सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान यह आशंका जताई गई कि कुछ यात्री अभी भी बस के भीतर फंसे हो सकते हैं। फायर विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि, जब तक पूरा रेस्क्यू अभियान संपन्न नहीं हो जाता और बस को अच्छी तरह जांचा नहीं जाता, तब तक अंदर फंसे लोगों की सही स्थिति और हादसे में प्रभावित हुए कुल यात्रियों की सटीक संख्या के बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता।
सीएम योगी ने जताया दुःख
इस दर्दनाक हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल इसका संज्ञान लिया और हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ, प्रशासनिक अधिकारियों को घायलों के समुचित और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि, योगी आदित्यनाथ ने स्वयं मृतकों के परिजनों से बातचीत की और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
साथ ही उन्होंने घायल यात्रियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन और चिकित्सा विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित हो सके।
मुआवजे का ऐलान
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की है। हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक यात्री के परिजनों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जायेगा। वहीं घायल हुए यात्रियों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। प्रशासन को इस राशि को जल्द से जल्द संबंधित परिवारों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
कौन सी बस थी हादसे का शिकार
जानकारी के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई बस राज कल्पना ट्रैवल्स की थी, जिसका पंजीकरण नंबर BR32 PA8647 था। यह बस दिल्ली से उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के लिए रवाना हुई थी। बताया जा रहा है कि, यह ट्रैवल कंपनी मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के मार्गों पर अपनी सेवाएं संचालित करती है और लंबी दूरी के यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय मानी जाती है।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
इस भीषण अग्निकांड के पीछे का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस घटनास्थल पर मौजूद और बचाव कार्य में सुरक्षित निकाले गए यात्रियों से पूछताछ कर घटना से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाने में जुटी हुई है।

पूरा मामला फिलहाल गहन जांच का विषय बना हुआ है और आने वाले समय में और अधिक जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल दोनों ही घटनास्थल पर मौजूद रहकर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
चालक पर लापरवाही का आरोप
इस हादसे को लेकर दर्ज की गई प्राथमिकी में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बस में सवार यात्री सुनील कुमार ने अपनी शिकायत में बस चालक और परिचालक पर घोर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। सुनील के अनुसार, आग लगने की घटना से पहले ही ड्राइवर केबिन की दिशा से जलने की तेज बदबू महसूस होने लगी थी। यात्रियों ने इस असामान्य गंध को भांपते हुए तुरंत इसकी सूचना चालक और परिचालक को दी थी।
हालांकि, आरोप है कि, चालक ने यात्रियों की इस चेतावनी को पूरी तरह इग्नोर कर दिया और बस नहीं रोकी। चालक ने बस को धीरे करके चेक करने की भी जरूरत नहीं समझी। नतीजा ये हुआ कि, कुछ देर बाद ही चालक सीट के आसपास से आग की भीषण लपटें उठनी शुरू हो गईं।
शिकायतकर्ता ने बताया, जब तक स्थिति की गंभीरता का अंदाजा होता, तब तक आग तेजी से पूरी बस में फैल चुकी थी। पुलिस अब इस लापरवाही के आरोप की गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या समय रहते बस रोक दी जाती तो इतनी बड़ी जनहानि को टाला जा सकता था।
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