BJP का बड़ा दांव: 28 राज्यों में नए प्रभारी नियुक्त, यूपी में चार सह-प्रभारी, स्मृति ईरानी-राम माधव को मिली जिम्मेदारी

नई दिल्ली। आगामी वर्षों में विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा ने अपनी संगठनात्मक तैयारियों को नई गति दे दी है। पार्टी ने बुधवार को विभिन्न राज्यों के लिए प्रभारियों और सह-प्रभारियों की एक बड़ी सूची जारी करते हुए संगठन में महत्वपूर्ण फेरबदल किया है। इस नियुक्ति प्रक्रिया के तहत केंद्रीय मंत्री रह चुकीं स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है, जबकि वरिष्ठ नेता राम माधव को उत्तराखंड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा हरीश द्विवेदी को कर्नाटक और श्रीकांत को हिमाचल प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

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28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों में नियुक्तियां

पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कुल 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त करते हुए संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से तैयार किया है। यह कदम पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

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दिल्ली इकाई की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता विनय सहस्रबुद्धे को सौंपी गई है, जबकि जामयांग नामग्याल और दर्शना जरदोश को यहां सह-प्रभारी के तौर पर नियुक्त किया गया है। राजधानी में संगठन की मजबूती को देखते हुए यह नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि दिल्ली में आगामी समय में होने वाले चुनावों के मद्देनजर पार्टी हर मोर्चे पर सक्रियता बढ़ाना चाहती है।

 विनोद तावड़े को मिली यूपी की कमान

सबसे अधिक चर्चा का विषय बना उत्तर प्रदेश, जहां पार्टी ने विनोद तावड़े को प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ काम करने के लिए जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, प्रदीप वर्मा और आनंद को सह-प्रभारी बनाया गया है। यूपी में चार सह-प्रभारियों की नियुक्ति इस बात का संकेत है कि पार्टी इस बड़े राज्य में संगठन को और अधिक मजबूत करने और जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रही है। राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले उत्तर प्रदेश में पार्टी किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ना चाहती, यही वजह है कि यहां एक साथ चार वरिष्ठ नेताओं को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजस्थान और महाराष्ट्र में भी बदलाव

राजस्थान में पार्टी ने संजय भाटिया को नया प्रभारी नियुक्त किया है। उनके सहयोग के लिए कविता पाटीदार और कुलजीत चहल को सह-प्रभारी बनाया गया है। वहीं, महाराष्ट्र जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य में पार्टी ने बैजयंत जय पांडा को प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। उनके साथ अमित मालवीय, सदानंद तनावड़े और कमलजीत सहरावत को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। महाराष्ट्र में एक साथ तीन सह-प्रभारियों की नियुक्ति यह दर्शाती है कि पार्टी इस राज्य में संगठन को लेकर विशेष रूप से गंभीर है, क्योंकि वहां की राजनीतिक परिस्थितियां लगातार बदलती रही हैं।

बिहार और मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी

बिहार में पार्टी ने हरीश द्विवेदी को प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि रोहन गुप्ता को वहां सह-प्रभारी बनाया गया है। मध्य प्रदेश की कमान विप्लव कुमार देव को सौंपी गई है। बिहार में हाल के समय में सियासी हलचलें तेज रही हैं। ऐसे में वहां संगठन को मजबूत करने के लिए अनुभवी नेताओं की तैनाती को पार्टी की दूरदर्शी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

गुजरात, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में भी नियुक्तियां

गुजरात में तरुण चुग को प्रभारी बनाया गया है, जो पार्टी के गृह राज्य में संगठन को और सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी निभाएंगे। इसके अतिरिक्त राम माधव को तमिलनाडु की भी जिम्मेदारी दी गई है, जहां पार्टी दक्षिण भारत में अपनी पैठ मजबूत करने के प्रयासों में जुटी है। राजदीप रॉय को मणिपुर, डी. पुरंदेश्वरी को ओडिशा और भारती पवार को गोवा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं, सुनील बंसल को तेलंगाना और पश्चिम बंगाल जैसे दो महत्वपूर्ण राज्यों की दोहरी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो उनके संगठनात्मक अनुभव और क्षमता पर पार्टी के भरोसे को दर्शाता है।

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत पर फोकस

गौर करने वाली बात यह है कि, इस पूरी नियुक्ति सूची में पार्टी ने दक्षिण भारत के राज्यों जैसे तमिलनाडु, तेलंगाना और कर्नाटक के साथ-साथ पूर्वोत्तर के मणिपुर जैसे राज्यों पर भी विशेष ध्यान दिया है। इन राज्यों में बीजेपी अपनी संगठनात्मक पकड़ को और मजबूत करने की कोशिश में लगातार जुटी हुई है। ऐसे में अनुभवी और सक्रिय नेताओं की तैनाती इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

चुनावी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही नियुक्तियां

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि, पार्टी द्वारा की गई यह बड़ी नियुक्ति प्रक्रिया आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का ही एक हिस्सा है। संगठन के विभिन्न स्तरों पर अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपकर पार्टी हर राज्य में अपनी जमीनी पकड़ को मजबूत करना चाहती है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में एक साथ कई सह-प्रभारियों की नियुक्ति यह संकेत देती है कि पार्टी वहां संगठनात्मक स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी नहीं रखना चाहती।

इस नई सूची के सामने आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में भी उत्साह देखा जा रहा है। नवनियुक्त प्रभारी और सह-प्रभारी जल्द ही अपने-अपने राज्यों का दौरा शुरू कर संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा करेंगे और आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने में जुट जाएंगे। कुल मिलाकर, यह नियुक्ति प्रक्रिया बीजेपी की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत पार्टी हर राज्य में मजबूत और अनुभवी नेतृत्व सुनिश्चित करना चाहती है।

 

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