
पटना/जमुई। बिहार के जमुई जिले में एक लड़की के साथ हुए वीभत्स छेड़खानी के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने मंगलवार को मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में घायल करने के साथ ही उसे दबोच भी लिया है। पुलिस का कहना है कि, आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली लगी है। इससे पहले इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया चुका है। इस तरह छेड़खानी की इस पूरी घटना से जुड़े सभी आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं।
इसे भी पढ़ें- गोरखपुर बन रहा हेल्थ हब, बिहार और नेपाल से भी इलाज कराने आते हैं मरीज
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पहले जमुई की यह घटना सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद से बिहार में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई थी। छेड़खानी के दौरान बनाए गए वीडियो के वायरल होने के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर घेरना शुरू कर दिया था और लगातार निशाना साध रहा था। ऐसे में अब मुख्य आरोपी के एनकाउंटर में घायल होने और पूरे मामले का खुलासा हो जाने के बाद सत्तारूढ़ एनडीए खेमे ने विपक्ष पर पलटवार शुरू कर दिया है।
एडीजी बोलीं- सभी आरोपी अरेस्ट
घटना पर जानकारी देते हुए एडीजी सुहिता अनुपम ने बताया कि, जमुई छेड़खानी मामले में शामिल सभी आरोपियों को पुलिस ने चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया है।

उन्होंने बताया कि, मुख्य आरोपी नंदन यादव को मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद पकड़ा गया, जबकि इससे पहले तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। पुलिस प्रशासन का कहना है कि, मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई ताकि दोषियों को जल्द कानून के दायरे में लाया जा सके।
जीतन राम मांझी का तेजस्वी पर वार
एनकाउंटर के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी प्रमुख जीतन राम मांझी ने राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि, उनकी पार्टी ‘हम’ केवल बातें नहीं करती, बल्कि करके दिखाती है। मांझी ने कहा, ‘हम बोलते नहीं करके दिखलाते हैं। जमुई वाले मामले की जानकारी तो सबको लग ही गई होगी। पर इसमें हम आपको लेटेस्ट जानकारी दे देते हैं।’
मांझी ने इसके आगे तेजस्वी यादव के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें वे अक्सर कहते रहे हैं कि, बिहार और उत्तर प्रदेश का हर ‘यादव’ उनका भाई है। इसी बयान को आधार बनाते हुए मांझी ने कहा कि, जमुई की घटना में शामिल आरोपी भी तेजस्वी के उन्हीं ‘भाइयों’ में से एक है। उन्होंने आरोप लगाया कि, इन तथाकथित भाइयों ने जमुई में लड़की के साथ छेड़खानी कर उसका वीडियो इसलिए बनाया, ताकि राज्य की एनडीए सरकार को बदनाम किया जा सके।
सम्राट का सुशासन है भाई- मांझी
अपने बयान में जीतन राम मांझी ने आगे व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि, अब आरोपी के एनकाउंटर में घायल होने के बाद तेजस्वी यादव यह कह सकते हैं कि ‘देखिए ना सम्राट चौधरी ने मेरे भाई को ठोकवा दिया।’ मांझी ने इशारा किया कि उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह विभाग की निगरानी में हुई इस कार्रवाई पर तेजस्वी यादव आगे भी सवाल उठा सकते हैं।
जमुई कांड में एनकाउंटर के बाद आरोपी नंदन यादव को पुलिस ने पकड़ा…. pic.twitter.com/pqi5LNPbQr
— Romita Tiwari (@romita_tiwari) September 22, 2026
मांझी ने इसी क्रम में तेजस्वी यादव को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि, वे अपने तथाकथित भाइयों को सचेत कर दें, क्योंकि सम्राट चौधरी की निगरानी वाला प्रशासन अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शने वाला नहीं है। उन्होंने अपनी बात को दोहराते हुए तंज कसा कि, यह ‘सम्राट का सुशासन’ है, जहां अपराधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी भी जाति या समुदाय से संबंध रखता हो।
विपक्ष की घेराबंदी से हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि, जमुई में छेड़खानी की घटना सामने आने के बाद से विपक्षी दल लगातार बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर एनडीए सरकार पर हमलावर थे। महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को मुद्दा बनाकर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिस मुठभेड़ में उसके घायल होने के बाद सत्तापक्ष के नेताओं ने इसे प्रशासन की सक्रियता और सख्ती के उदाहरण के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है।
जीतन राम मांझी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में आगामी चुनावी सरगर्मियां भी तेज हैं, और अपराध व कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बिंदु बने हुए हैं। मांझी का बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि, एनडीए गठबंधन के नेता अब हर ऐसे मामले में तेजी से प्रतिक्रिया देकर विपक्ष को जवाब देने की रणनीति अपना रहे हैं, जहां अपराध में शामिल आरोपियों की जातीय पहचान को लेकर सवाल उठाए जा सकें।
वीडियो वायरल करने की पीछे साजिश तो नहीं
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। घायल आरोपी नंदन यादव का इलाज अस्पताल में चल रहा है, जबकि पुलिस मामले की समग्र जांच में जुटी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि, वीडियो बनाने और उसे वायरल करने के पीछे कोई और साजिश तो नहीं थी।
घटना को राजनीतिक रंग दे रहे दल
फिलहाल, जमुई की यह घटना राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ले चुकी है, जहां एक ओर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को सरकार अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है। वहीं दूसरी तरफ जीतन राम मांझी जैसे नेताओं के बयान इस मुद्दे को जातीय और राजनीतिक रंग देने में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि तेजस्वी यादव और राजद की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।
इसे भी पढ़ें- राज्यसभा की शपथ से पहले नीतीश का बड़ा धमाका, अब यही रहूंगा, बिहार छोड़ दूंगा



