लखनऊ में भव्यता के साथ मना 77वां गणतंत्र दिवस

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में 77वें गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह विधान भवन के सामने अत्यंत गौरव और उल्लास के साथ आयोजित किया गया, जहाँ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। समारोह की शुरुआत हेलीकॉप्टर द्वारा की गई पुष्पवर्षा और देशभक्ति के गीतों से हुई, जिसने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

परेड के दौरान भारतीय थल सेना, यूपी पुलिस, पीएसी और एनसीसी कैडेटों के अनुशासित मार्च पास्ट के साथ-साथ इस बार विशेष रूप से शामिल हरियाणा पुलिस के दस्ते ने राष्ट्रीय एकता की अनूठी मिसाल पेश की। विभिन्न शिक्षण संस्थानों, जैसे सैनिक स्कूल और सेंट जोसेफ कॉलेज के विद्यार्थियों ने ‘शिक्षित बेटियां’ और ‘सारे जहां से अच्छा’ की धुन पर कदमताल कर दर्शकों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में ‘विकसित भारत’ और ‘नारी शक्ति’ की थीम पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियों ने नए उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर पेश की, जिसमें अयोध्या धाम की सांस्कृतिक चेतना और आत्मनिर्भरता की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

इस वर्ष के आयोजन का एक विशेष आकर्षण ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ थीम रही, जिसके तहत पहली बार नौ विभिन्न राज्यों (मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम आदि) के 200 से अधिक कलाकारों ने अपनी लोक संस्कृतियों का प्रदर्शन किया। साथ ही, भिक्षावृत्ति से मुक्त हुए बच्चों द्वारा की गई ‘तिरंगा नृत्य’ की प्रस्तुति ने सभी को भावुक कर दिया।

समारोह के अंतिम चरण में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सहित विभिन्न विभागों की झांकियों ने प्रदेश की तकनीकी और आध्यात्मिक प्रगति का प्रदर्शन किया, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल, मेट्रो और भव्य राम मंदिर के मॉडलों के माध्यम से विरासत और विकास के समन्वय को दर्शाया गया। कार्यक्रम के समापन पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने आकाश में तिरंगे गुब्बारे छोड़कर शांति और प्रगति का संदेश दिया, जो हर प्रदेशवासी के लिए गर्व का क्षण रहा।

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