
Asian Games 2026: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित करते हुए एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने कट्टर प्रतिद्वंद्वी ईरान को कड़े संघर्ष के बाद 37-34 के अंतर से मात दी। यह मुकाबला अंत तक इतना रोमांचक रहा कि दर्शकों की सांसें थमी रहीं और नतीजा आखिरी क्षणों तक अनिश्चित बना रहा। इस जीत के साथ ही यह एशियन गेम्स 2026 में भारत का तीसरा स्वर्ण पदक और समग्र रूप से 27वां पदक बन गया है।
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भारत का दबदबा, ईरान की जोरदार वापसी
मुकाबले की शुरुआत भारतीय टीम के लिए बेहद शानदार रही। पहले हाफ में टीम इंडिया ने अपने अनुभव और आक्रामक खेल के दम पर ईरान पर स्पष्ट बढ़त बना ली थी। हाफ टाइम तक स्कोरबोर्ड पर भारत 22-16 से आगे था, जिससे लग रहा था कि, भारतीय टीम आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लेगी। रेडर्स ने लगातार सफल छापे मारे, जबकि डिफेंस ने भी ईरानी खिलाड़ियों को रोकने में अहम भूमिका निभाई।

हालांकि, दूसरे हाफ की शुरुआत होते ही मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। ईरानी टीम ने जबरदस्त वापसी करते हुए भारतीय डिफेंस को चुनौती देना शुरू किया। एक के बाद एक सफल रेड और मजबूत डिफेंस के दम पर ईरान ने भारत की बढ़त को तेजी से कम करना शुरू किया। यह इस मुकाबले का सबसे नाटकीय दौर था, जब स्कोर 27-26 तक जा पहुंचा और भारतीय टीम अचानक दबाव में आ गई। इसी दौरान टीम इंडिया एक समय पूरी तरह ऑलआउट भी हो गई, जिससे स्टेडियम में मौजूद भारतीय समर्थकों की धड़कनें बढ़ गईं। मुकाबला पूरी तरह ईरान के पक्ष में झुकता नजर आ रहा था और भारत की बढ़त महज एक अंक तक सिमट गई थी।
टाइम-आउट बना टर्निंग पॉइंट
मैच के सबसे नाजुक मोड़ पर भारतीय टीम मैनेजमेंट ने टाइम-आउट लेने का फैसला किया। यह टाइम-आउट पूरे मुकाबले का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। कोचिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों को नए सिरे से रणनीति समझाई और मानसिक रूप से मजबूत बने रहने का हौसला दिया। टाइम-आउट के बाद मैदान पर लौटी भारतीय टीम पूरी तरह बदली हुई नजर आई। रेडर्स ने आक्रामक तेवर अपनाए और डिफेंस यूनिट ने भी संगठित होकर ईरानी रेडर्स को रोकना शुरू किया।
आखिरी पांच मिनट में भारतीय खिलाड़ियों ने ऐसा दमदार प्रदर्शन किया कि, ईरानी टीम पूरी तरह दबाव में आ गई। लगातार सफल रेड और शानदार टैकल के दम पर भारत ने न सिर्फ अपनी बढ़त वापस हासिल की, बल्कि उसे और मजबूत भी कर लिया। ईरानी खिलाड़ी इस दबाव को झेल नहीं पाए और गलतियां करने लगे, जिसका पूरा फायदा भारतीय टीम ने उठाया। अंततः मुकाबला 37-34 के स्कोर के साथ भारत के पक्ष में समाप्त हुआ और पूरे स्टेडियम में तिरंगा लहरा उठा।
एशियन गेम्स में चौथी बार ऐतिहासिक जीत
इस स्वर्णिम जीत के साथ भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स के इतिहास में चौथी बार स्वर्ण पदक जीतने का गौरव हासिल किया है। यह भारतीय कबड्डी के दबदबे को एक बार फिर प्रमाणित करता है। हालांकि, 2018 में हुए जकार्ता एशियन गेम्स भारतीय टीम के लिए अपवाद साबित हुए थे, जब टीम को फाइनल में हार का सामना करते हुए रजत पदक से संतोष करना पड़ा था, लेकिन उसके अलावा हर एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम शिखर पर ही रही है।
इस जीत के साथ टीम इंडिया ने एशियन गेम्स में पदक जीतने का शत-प्रतिशत रिकॉर्ड भी बरकरार रखा है, यानी अब तक जितनी भी बार भारतीय महिला टीम इस प्रतियोगिता में उतरी है, उसने हर बार पदक अपने नाम किया है। यह आंकड़ा भारतीय कबड्डी की मजबूत नींव और खिलाड़ियों की निरंतरता को दर्शाता है।
कप्तान पुष्पा राणा ने जताया आत्मविश्वास
मुकाबला समाप्त होने के बाद भारतीय टीम की कप्तान पुष्पा राणा ने मीडिया से बातचीत में इस जीत को लेकर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने स्वीकार किया कि, ईरान की टीम इस बार बेहद कड़ी टक्कर देने वाली साबित हुई और मुकाबला किसी भी तरह से आसान नहीं था।
दूसरे हाफ में जिस तरह ईरानी टीम ने वापसी की, उसने भारतीय खेमे में भी दबाव बढ़ा दिया था। बावजूद इसके, कप्तान पुष्पा राणा ने बताया कि उन्हें अपनी टीम की क्षमता पर पूरा भरोसा था और वह आश्वस्त थीं कि उनकी टीम अंततः स्वर्ण पदक के साथ ही मैदान से लौटेगी। उनका यह आत्मविश्वास आखिरकार सही साबित हुआ, जब टीम ने आखिरी मिनटों में शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
पदक तालिका में मजबूत स्थिति
कबड्डी में मिली इस जीत के साथ ही यह एशियन गेम्स 2026 में भारत का तीसरा स्वर्ण पदक बन गया है। इससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी अपने इवेंट में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। इसके अलावा निशानेबाजी में भी भारत को बड़ी सफलता मिली, जब कमलजीत और सुरुचि सिंह की जोड़ी ने मिक्स्ड 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग इवेंट में स्वर्ण पदक जीता।
इन तीनों स्वर्ण पदकों के साथ भारत की झोली में अब तक कुल 27 पदक आ चुके हैं, जिसके दम पर भारत मौजूदा पदक तालिका में 12वें स्थान पर बना हुआ है। प्रतियोगिता अभी जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी पदक तालिका में देश की स्थिति को और मजबूत करेंगे।
कबड्डी में मिली यह जीत न केवल एक और स्वर्ण पदक के रूप में अहम है, बल्कि यह भारतीय खेल जगत में कबड्डी के प्रति बढ़ते उत्साह और खिलाड़ियों के जज्बे को भी दर्शाती है। आखिरी पांच मिनट में जिस तरह टीम इंडिया ने दबाव में वापसी की, वह आने वाले समय में युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक प्रेरणा बनकर सामने आएगा।
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