World Heart Day 2026: सीने का दर्द ही नहीं, ये 7 संकेत भी देते हैं हार्ट अटैक की चेतावनी

  • कई बार घंटों, दिनों या हफ्तों पहले दिखने लगते हैं लक्षण

  • बार-बार आकर चली जाने वाली तकलीफ को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी

दिल की सेहत के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जाता है। इस दिन को मानने का मकसद लोगों को दिल की बीमारियों के खतरे से आगाह करना और समय रहते सावधान रहने का संदेश देना है। हार्ट अटैक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, लेकिन कई मामलों में शरीर इस खतरे का संकेत पहले से ही देने लगता है। ये संकेत हार्ट अटैक से कुछ घंटे, कुछ दिन या कभी-कभी हफ्तों से भी मिलते है, लेकिन आम तौर पर लोग इन्हें थकान, गैस, अपच या रोजमर्रा की कमजोरी समझकर इग्नोर कर देते हैं। यही अनदेखी कई बार जानलेवा साबित होती है।

इसे भी पढ़ें- बिना लक्षण भी बढ़ सकते हैं BP, कोलेस्ट्रॉल और शुगर, 30 के बाद जरूर कराएं ये टेस्ट

हर किसी में एक जैसे लक्षण नहीं

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, हर व्यक्ति में हार्ट अटैक के शुरुआती संकेत एक जैसे नहीं होते। किसी में कई लक्षण एक साथ दिख सकते हैं, तो किसी में सिर्फ एक या दो। ऐसे में शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों को पहचानना और वक्त पर मेडिकल मदद लेना बेहद जरूरी हो जाता है। आइए जानते हैं वे सात शुरुआती संकेत, जिन पर नजर रखना अनिवार्य है।

 बार-बार सीने में दर्द या असहजता

सीने की हर तकलीफ को गैस मान लेना ठीक नहीं है। हार्ट अटैक से पहले सीने में दर्द या असहजता थोड़ी देर के लिए हो सकती है और अपने आप ठीक भी हो सकती है। यह कुछ मिनट तक रहकर दोबारा लौट सकती है।

World Heart Day

जरूरी नहीं कि दर्द बहुत तेज हो। कुछ लोगों को सीने में दबाव, जकड़न, भारीपन, भराव या जलन जैसा महसूस होता है। अगर ऐसी परेशानी बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर से संपर्क कर एक बार जांच जरूर करवा लेनी चाहिए।

बिना वजह बहुत ज्यादा थकान

अगर सामान्य काम करने में भी अचानक जरूरत से ज्यादा थकान महसूस होने लगे, तो इस पर ध्यान देना चाहिए, जो काम आप रोज आसानी से निपटा लेते हैं, उसमें अचानक बहुत ज्यादा ऊर्जा लगने लगे या मामूली गतिविधि के बाद ही शरीर जवाब देने लगे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। कुछ लोगों को अटैक से पहले के दिनों या हफ्तों में सामान्य से ज्यादा थकान महसूस होती है। खासकर तब, जब थकान का कोई साफ कारण न दिख रहा हो, डॉक्टर से बात करना बेहतर है।

सामान्य काम में सांस फूलना

जिस काम में पहले कोई परेशानी नहीं होती थी। उसी काम को करने में अचानक परेशानी महसूस होने लगे, सांस फूलने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ लोगों को कम मेहनत में या आराम की हालत में भी सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। अगर यह समस्या बार-बार हो रही है या इतनी बढ़ जाए कि लेटने में भी दिक्कत हो, तो मेडिकल सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।

बार-बार जी मिचलाना

मतली को अक्सर पेट की गड़बड़ी से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन कुछ मामलों में यह दिल से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है। अगर बिना किसी साफ वजह के बार-बार जी मिचला रहा है और साथ में दूसरे असामान्य लक्षण भी दिख रहे हैं, तो इसे टालना नहीं चाहिए। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

अचानक खुद को ठीक महसूस न करना

कभी-कभी शरीर ऐसा संकेत देता है, जिसे शब्दों में समझाना मुश्किल होता है। व्यक्ति को लगता है कि, वह ठीक नहीं है, पर परेशानी क्या है, यह समझ नहीं आता। एक्सपर्ट बताते हैं कि, हार्ट अटैक से पहले वे सामान्य तौर पर अस्वस्थ महसूस कर रहे थे। यह एहसास अटैक से कुछ दिन पहले भी बना रह सकता है। अगर लगातार ऐसा लगे कि, शरीर में कुछ सामान्य नहीं है, तो डॉक्टर से मिलें और जरूरी जांच कराएं।

शरीर के ऊपरी हिस्से में असहजता

दिल की परेशानी हमेशा सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहती। कुछ लोगों को शरीर के ऊपरी हिस्से में भी असहजता महसूस हो सकती है, इसलिए अचानक होने वाली ऐसी तकलीफ को हल्के में नहीं लेना चाहिए, खासकर तब, जब साथ में सीने में दबाव, सांस फूलना या कमजोरी जैसे लक्षण भी महसूस हो रहे हों।

 लक्षणों का बार-बार आना और चले जाना

हार्ट अटैक से पहले के संकेत हमेशा लगातार नहीं रहते। कई बार लक्षण कुछ मिनट के लिए आते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। इसी वजह से लोग उन्हें गंभीरता से नहीं लेते।

World Heart Day

सीने में असहजता, सांस फूलना, असामान्य थकान या मतली जैसे लक्षण बार-बार लौट रहे हों, तो सिर्फ इसलिए राहत न मान लें कि, वे अपने आप ठीक हो गए। बार-बार लौटने वाले ऐसे लक्षणों की जांच करवाना जरूरी है।

कब तुरंत मदद लें

अगर आपको लगता है कि, हार्ट अटैक हो सकता है, तो इंतजार न करें। सीने में लगातार दबाव या दर्द, सांस लेने में गंभीर परेशानी या अचानक बिगड़ती हालत की स्थिति में तुरंत इमरजेंसी मेडिकल मदद लें। हार्ट अटैक में समय बेहद कीमती होता है। जल्दी इलाज मिलने से दिल की मांसपेशियों को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।

जागरूकता ही बचाव

वर्ल्ड हार्ट डे का संदेश साफ है कि दिल की बीमारी से बचाव की पहली सीढ़ी जागरूकता है। शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को समझना, उन्हें गंभीरता से लेना और वक्त पर डॉक्टर तक पहुंचना कई बार जान बचा सकता है। थकान, गैस या कमजोरी जैसे आम लगने वाले लक्षण अगर बिना कारण बार-बार लौट रहे हैं, तो उन्हें खुद से समझा लेने के बजाय जांच कराना ही समझदारी है।

 

इसे भी पढ़ें- CDSCO की सख्त चेतावनी: बिना पर्चे धड़ल्ले से खाई जा रहीं दवाएं बिगाड़ सकती हैं किडनी की सेहत

 

नोट- यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी लक्षण की स्थिति में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

Related Articles

Back to top button