‘मिर्जापुर’ के बाद अब क्या ‘पंचायत’ पर भी बनेगी फिल्म? ‘प्रधान जी’ ने खोला राज

ओटीटी की सुपरहिट वेब सीरीज पर आधारित फिल्म ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार सफलता हासिल की है, जिसके चलते अब दर्शकों और फिल्म प्रेमियों के बीच यह उम्मीद और तेज हो गई है कि आने वाले समय में अन्य लोकप्रिय स्ट्रीमिंग शोज को भी बड़े पर्दे पर उतारा जा सकता है। इसी कड़ी में लोकप्रिय वेब सीरीज ‘पंचायत’ का नाम भी सुर्खियों में आ गया है।

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सीरिज में दिखती है ग्रामीण भारत की झलक

कई फैंस और फिल्म समीक्षकों का मानना है कि ‘पंचायत’ को भी थिएटर के लिए बखूबी अडैप्ट किया जा सकता है, क्योंकि इस सीरीज ने अपने हल्के-फुल्के हास्य और ग्रामीण भारत की सजीव झलक पेश करने के अपने खास अंदाज से चार सीजन में ही दर्शकों का एक बेहद मजबूत और वफादार फैन-बेस तैयार कर लिया है। इन तमाम अटकलों और चर्चाओं के बीच हाल ही में सीरीज में प्रधान जी का यादगार किरदार निभाने वाले दिग्गज अभिनेता रघुबीर यादव ने खुद इस विषय पर खुलकर अपनी बात रखी और बताया कि आखिर ‘पंचायत’ पर फिल्म बनने की संभावना कितनी है।

फिल्म बनाने के सवाल पर क्या बोले रघुबीर यादव

‘पंचायत’ के बड़े पर्दे तक पहुंचने की संभावनाओं को लेकर एक बातचीत के दौरान रघुबीर यादव ने साफ शब्दों में कहा कि इस बारे में अंतिम फैसला वह पूरी तरह से सीरीज के क्रिएटर्स और लेखकों पर ही छोड़ना चाहेंगे। अनुभवी अभिनेता ने खुलकर स्वीकार किया कि उन्होंने अब तक इस विषय पर गंभीरता से विचार ही नहीं किया है कि सीरीज को फिल्म के रूप में तब्दील किया जाना चाहिए या नहीं।

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रघुबीर यादव ने कहा, मुझे सच में नहीं पता, यह पूरी तरह से लेखक पर निर्भर करता है। अगर यह फिल्म बनती भी है, तो मैं इसमें किसी तरह की दखलअंदाजी नहीं करूंगा। सच कहूं तो मैं अभी यह सोच भी नहीं पा रहा हूं कि इसे फिल्म के रूप में बनाया जाना चाहिए या नहीं। यह पूरी तरह लेखकों की अपनी रचनात्मक सोच का विषय है। हां, अगर भविष्य में यह फिल्म बनती है, तो निश्चित रूप से मैं इसमें बतौर अभिनेता काम जरूर करूंगा।

अभिनेता ने आगे यह भी माना कि, भले ही ‘पंचायत’ को थिएटर या फिल्म के रूप में पेश करने से काल्पनिक गांव फुलेरा और वहां के किरदारों की कहानी कहीं अधिक व्यापक और बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंच सकती है, लेकिन उनका निजी तौर पर यह मानना है कि फिल्म का यह प्रारूप शो की मूल कहानी कहने की शैली के लिए एक बड़ी चुनौती भी साबित हो सकता है। इस पर विस्तार से बात करते हुए रघुबीर यादव ने कहा, हो सकता है कि लेखकों के मन में सीरीज के आगे और भी कई सीजन की योजना बनी हो। ऐसे में वे भला फिल्म बनाकर आने वाले सीजनों की कहानी को क्यों खराब करना चाहेंगे?

तीन घंटे में नहीं समेटी जा सकती ‘पंचायत’ की दुनिया

रघुबीर यादव ने इस बातचीत के दौरान एक और अहम और दिलचस्प पहलू की ओर भी सबका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि ‘पंचायत’ सीरीज में मौजूद किरदारों की विविधता और हर एक किरदार की अपनी अलग और गहरी कहानी होने की वजह से, पूरी सीरीज की समृद्ध दुनिया को महज दो से तीन घंटे की सामान्य फिल्म में समेट पाना बेहद मुश्किल भरा काम होगा।

इस पर अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, मैं खुद वर्षों तक गांवों में रह चुका हूं और मुझे बखूबी पता है कि, गांव की जिंदगी और वहां के रिश्तों की गहराई को तीन-चार घंटे में समेट पाना कितना कठिन है। अगर आप शो में मौजूद किसी भी किरदार की जिंदगी को गौर से देखें, चाहे वह बनराकस हो, मंजू देवी हों या फिर सचिव जी, तो आपको समझ आएगा कि उनकी कहानियों के लिए तीन घंटे का समय वाकई नाकाफी है।

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गौरतलब है कि ‘पंचायत’ सीरीज की खासियत यही रही है कि, यह केवल अपने मुख्य किरदार सचिव जी पर ही पूरी तरह निर्भर नहीं है, बल्कि मंजू देवी, बनराकस, प्रधान-पति बृजभूषण दुबे और सचिव जी जैसे तमाम सहायक किरदारों ने भी अपने-अपने चार सीजन के दौरान अलग-अलग, दिलचस्प और भावनात्मक रूप से गहरी कहानियां तथा आपसी रिश्ते गढ़े हैं, जिन्होंने दर्शकों के दिलों में गहरी जगह बनाई है। यही वजह है कि रघुबीर यादव जैसे अनुभवी कलाकार भी इस बात को लेकर आशंकित हैं कि, इतनी समृद्ध और विस्तृत कहानी को एक सीमित समय-सीमा वाली फिल्म में पूरी तरह न्याय के साथ पेश कर पाना आसान नहीं होगा।

‘पंचायत’ के पांचवें सीजन का इंतजार

रघुबीर यादव के ये बयान ऐसे नाजुक समय पर सामने आए हैं, जब दर्शक और फैंस पहले से ही ‘पंचायत’ सीरीज के पांचवें सीजन की रिलीज का बेहद बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लोकप्रिय डिजिटल कंटेंट प्लेटफॉर्म ‘द वायरल फीवर’ यानी टीवीएफ द्वारा निर्मित यह सीरीज मूल रूप से अभिषेक त्रिपाठी नामक एक शहर में पला-बढ़ा युवा ग्रेजुएट की कहानी है, जो हालात के चलते एक काल्पनिक गांव ‘फुलेरा’ की ग्राम पंचायत में सेक्रेटरी यानी सचिव के पद पर नियुक्त होता है और धीरे-धीरे गांव की जिंदगी में पूरी तरह रम जाता है।

अपने अब तक के चार सफल सीजन के सफर के दौरान इस शो ने न केवल अपने किरदारों की संख्या और उनकी कहानियों के दायरे को लगातार विस्तार दिया है, बल्कि इसके साथ ही अपने मूल और जमीनी अंदाज को भी बेहद खूबसूरती से बरकरार रखा है, जो शुरुआत से ही इस सीरीज की सबसे बड़ी खासियत रही है। इस बीच स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो ने भी आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि कर दी है कि सीरीज के प्रतीक्षित पांचवें सीजन को अक्टूबर और नवंबर 2026 के बीच रिलीज करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे लेकर फैंस के बीच उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है।

 

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