’70 हजार करोड़ की परियोजनाएं, फिर भी सपा को नहीं दिखता विकास’- अखिलेश पर बीजेपी का सीधा हमला

  • अयोध्या के विकास पर सवाल उठाने को लेकर भाजपा नेताओं का अखिलेश पर पलटवार

  •  ‘रामभक्तों पर गोली बरसाकर सरयू का जल लाल करने वाले आज अयोध्या के विकास पर उंगली उठा रहे’ – दयाशंकर सिंह का सपा पर हमला

 लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों पर उठाए गए सवालों पर भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ और भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने सपा पर एक साथ निशाना साधा है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि, जिन लोगों ने सदैव प्रभु श्रीराम और राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, वही आज अयोध्या में हो रहे ऐतिहासिक कार्यों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

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अयोध्या के विकास से सपा को दिक्कत- दयाशंकर सिंह

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अखिलेश के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि, समाजवादी पार्टी को अयोध्या में हो रहा विकास रास नहीं आ रहा। उन्होंने बताया कि अयोध्या में 70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाएं अभी जारी हैं और देश-विदेश से लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

Dayashankar Singh

दयाशंकर सिंह ने अयोध्या के धार्मिक महत्व की चर्चा करते हुए कहा कि, जिस तरह मुसलमान अपने जीवनकाल में एक बार मक्का-मदीना जाने की चाह रखते हैं।  ईसाई वेटिकन सिटी जाने का सपना संजोते हैं, ठीक उसी प्रकार भारत और विश्व भर में बसा हर हिंदू भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या पहुंचने की इच्छा रखता है।

रामभक्तों पर हुई फायरिंग का जिक्र

उन्होंने कहा कि, सपा को अयोध्या में बढ़ते पर्यटन और रोजगार के अवसर भी देखने चाहिए। सपा शासनकाल में रामभक्तों पर हुई फायरिंग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि, आज अयोध्या की दुहाई देने वाले यही वो लोग हैं जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलवाकर सरयू नदी का पानी लाल कर दिया था। दयाशंकर सिंह ने दावा किया कि, सपा दोबारा सत्ता में नहीं आ पाएगी और यूपी में अगली सरकार भी योगी आदित्यनाथ के ही नेतृत्व में बनेगी।

 बेमतलब बयानबाजी कर रहे अखिलेश

अखिलेश यादव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग को कठपुतली करार दिया था। इस बयान पर आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि, भारत की चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता की तारीफ पूरी दुनिया में होती है और भारत को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में जाना जाता है, लेकिन जनता द्वारा नकारे जाने के बाद अखिलेश अब लोकतंत्र पर ही हमला बोल रहे हैं।

दयालु ने कहा कि, अखिलेश अपने ही कार्यकर्ताओं पर लगाम नहीं रख पाते और सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साधते रहते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाना देशहित में उचित नहीं है।

 मुस्लिम तुष्टिकरण करते हैं अखिलेश

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सपा प्रमुख को पहले जनता को यह बताना चाहिए कि अपने कार्यकाल में उन्होंने विकास के क्षेत्र में क्या किया। उन्होंने आरोप लगाया कि, अखिलेश यादव की पूरी राजनीति जातिगत आधार पर टिकी है और जब भी अयोध्या का जिक्र आता है, वे मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति शुरू कर देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव अब तक अयोध्या स्थित राम मंदिर के दर्शन करने नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम करती रही है।

 

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