अंडर-19 विश्व कप फाइनल: इंग्लैंड के खिलाफ छठा विश्व कप जीतने के इरादे से उतरेगी युवा भारतीय टीम

पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम शुक्रवार को जिम्बाब्वे के हरारे में इंग्लैंड के खिलाफ मैदान पर उतरेगी।

हरारे। खेल डेस्ट,सरकारी मंथन। आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के रोमांचक सफर का अंतिम पड़ाव अब सामने है, जहां पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम शुक्रवार को जिम्बाब्वे के हरारे में इंग्लैंड के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। भारतीय टीम अपने छठे विश्व खिताब की तलाश में है और जिस तरह का प्रदर्शन उसने अब तक टूर्नामेंट में दिखाया है, उससे यह स्पष्ट है कि टीम इंडिया का पलड़ा इंग्लैंड पर भारी रहने वाला है। सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ मिली नाटकीय जीत ने भारतीय खेमे के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

300 से अधिक रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने न केवल जीत दर्ज की, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि दबाव की परिस्थितियों में भी यह युवा ब्रिगेड बिखरती नहीं है। कप्तान आयुष म्हात्रे और सलामी बल्लेबाज आरोन जॉर्ज की शानदार बल्लेबाजी ने विपक्षी टीमों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। पिछले कुछ मुकाबलों में जॉर्ज ने अपनी निरंतरता से प्रभावित किया है, तो वहीं म्हात्रे का फॉर्म में लौटना फाइनल से पहले टीम इंडिया के लिए सबसे सुखद संकेत है। भारतीय टीम साल 2022 में भी चैंपियन बनी थी और दिलचस्प बात यह है कि उस समय भी फाइनल में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को ही धूल चटाई थी, जिससे मानसिक तौर पर भारतीय खिलाड़ियों को मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल होगी।

भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो सबकी निगाहें युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी पर टिकी हैं। अगले महीने अपना 15वां जन्मदिन मनाने जा रहे सूर्यवंशी ने अपनी आतिशबाजी से इस टूर्नामेंट में गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए हैं। उनके नाम पहले ही तीन अर्धशतक और एक शानदार शतक दर्ज है, लेकिन इंग्लैंड की मजबूत तेज गेंदबाजी के सामने उन्हें अपनी आक्रामक शैली और संयम के बीच सही संतुलन बनाना होगा। मध्यक्रम में विहान मल्होत्रा की स्थिरता और विकेटकीपर बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू के दो अर्धशतक भारत की बल्लेबाजी की गहराई को दर्शाते हैं। यदि शीर्ष क्रम शुरुआती ओवरों में इंग्लैंड के खतरनाक तेज गेंदबाजों को खेलने में सफल रहता है, तो भारत एक विशाल स्कोर खड़ा करने या किसी भी लक्ष्य को हासिल करने की क्षमता रखता है। भारतीय बल्लेबाजों को विशेष रूप से इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मैन्नी लुम्सडेन से सतर्क रहना होगा, जो अब तक 15 विकेट लेकर टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक रहे हैं। इंग्लैंड की स्विंग और गति भारतीय बल्लेबाजों के कौशल की कड़ी परीक्षा लेगी, जिसे पार करना खिताबी जीत के लिए अनिवार्य है।

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गेंदबाजी विभाग में भारत ने एक संयुक्त इकाई के रूप में काम किया है। हालांकि, टूर्नामेंट के शीर्ष पांच गेंदबाजों में कोई भारतीय नाम शामिल नहीं है, लेकिन दीपेश देवेंद्रन, हेनिल पटेल और आर एस अम्बरीश की तेज गेंदबाजी तिकड़ी ने महत्वपूर्ण मौकों पर सफलता दिलाई है। इंग्लैंड की टीम पारंपरिक रूप से तेज गेंदबाजों के खिलाफ सहज रहती है, ऐसे में हरारे की पिच पर स्पिनर कनिष्क चौहान और खिलन पटेल की भूमिका बेहद निर्णायक हो जाएगी। बीच के ओवरों में रनों की गति पर अंकुश लगाना और विकेट चटकाना ही भारत को मैच में बनाए रखेगा।

इंग्लैंड की ओर से बेन मायेस ने 399 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है, जबकि कप्तान थॉमस रियू ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक जड़कर यह स्पष्ट कर दिया है कि वे बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं। भारतीय गेंदबाजों को इन दोनों प्रमुख खिलाड़ियों को जल्द से जल्द पवेलियन भेजने की रणनीति बनानी होगी ताकि इंग्लैंड के मध्यक्रम पर दबाव बनाया जा सके।

दसवीं बार फाइनल में पहुंचना भारतीय अंडर-19 टीम की निरंतरता और मजबूत घरेलू ढांचे का प्रमाण है। रिकॉर्ड बुक में भारत का पलड़ा भले ही भारी दिखता हो, लेकिन इंग्लैंड की टीम मौजूदा समय में अपराजेय है और उसने गत विजेता ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल का टिकट कटाया है। टॉस की भूमिका भी हरारे के मैदान पर महत्वपूर्ण हो सकती है, जहां दोपहर एक बजे शुरू होने वाले मैच में शुरुआती नमी तेज गेंदबाजों को मदद दे सकती है।

भारतीय टीम को अपनी क्षेत्ररक्षण (फील्डिंग) पर भी विशेष ध्यान देना होगा क्योंकि फाइनल जैसे बड़े मंच पर एक भी छूटा हुआ कैच मैच का रुख पलट सकता है। कुल मिलाकर, यह मुकाबला केवल कौशल का नहीं बल्कि मानसिक मजबूती का भी होगा। आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली यह टीम अगर अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करती है, तो भारत एक बार फिर अंडर-19 क्रिकेट की दुनिया का बेताज बादशाह बन जाएगा।

दोनों टीमें इस प्रकार हैं:

भारत: आरोन जॉर्ज, अभिज्ञान कुंडू, हरवंश पंगालिया, वैभव सूर्यवंशी,
वेदांत त्रिवेदी, आयुष म्हात्रे (कप्तान), विहान मल्होत्रा, आरएस
अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलन पटेल, दीपेश देवेंद्रन, हेनिल
पटेल, मोहम्मद एनान, उद्धव मोहन और किशन सिंह।

इंग्लैंड : थॉमस रियू (कप्तान), राल्फी अलबर्ट, अली फारूक, बेन डॉकिंस,
कालेब फाकनेर, फरहान अहमद, एलेक्स फ्रेंच, एलेक्स ग्रीन,
ल्यूक हैंड्स, इसाक मोहम्मद, मैन्नी लुम्सडेन, बेन मायेस,
जेम्स मिंटो, जोसेफ मूरेस, सेबेस्टियन मोर्गन
मैच का समय : दोपहर एक बजे से।

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