
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शब्दों का ऐसा संग्राम बढ़ा कि, सदन की कार्यवाही पूरे दिन बाधित रही। दरअसल, पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ में 2020 की अग्निवीर स्कीम पर पीएम मोदी के साथ हुए मतभेद का जिक्र है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे आधार बनाकर सरकार पर चीनी घुसपैठ का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने जवाब में गांधी परिवार पर लिखी किताबों का हवाला देकर पलटवार किया।

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सुबह से गरम था सदन का माहौल

इस संग्राम की आंच इतनी तेज हुई कि, पीएम नरेंद्र मोदी का शाम 5 बजे का प्रस्तावित भाषण स्थगित हो गया और सदन की कार्यवाही कल तक के लिए टाल दी गई। सुबह से ही सदन में माहौल गर्म था। राहुल गांधी नरवणे की किताब लेकर लोकसभा पहुंचे और सरकार को घेरने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि किताब में साफ है कि चीनी घुसपैठ पर सरकार ने सेना को बंधक बना रखा था। राहुल ने सदन में किताब का जिक्र करते हुए कहा, “यह किताब सच्चाई बयान कर रही है।
सरकार क्यों चुप है?” लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी, जिससे विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन में नारे लगाए “चीन की घुसपैठ पर जवाब दो” और “पीएम सदन में आएं”। इसके जवाब में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार पर हमला बोला।
विपक्ष ने लगाया भेदभाव का आरोप

उन्होंने सदन में गांधी परिवार से जुड़ी किताबों का जिक्र किया, जिनमें कथित रूप से आपत्तिजनक बातें हैं। दुबे ने कहा, “अगर नरवणे की किताब पर चर्चा होनी है, तो गांधी परिवार की किताबों पर भी बात हो।” दुबे के बयान पर विपक्ष ने जोरदार विरोध जताया। कांग्रेस सांसदों ने दुबे के बयान को आपत्तिजनक बताते हुए स्पीकर से शिकायत की। स्पीकर ओम बिरला ने दुबे को बोलने की इजाजत दी, लेकिन राहुल गांधी को किताब पर बोलने से रोका, जिससे विपक्ष ने भेदभाव का आरोप लगाया।
हंगामा बढ़ता देख सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित की गई। दोपहर में विपक्षी सांसद स्पीकर के चैंबर में पहुंचे और शिकायत की कि “जब राहुल को किताब पर बोलने नहीं दिया गया, तो दुबे को गांधी परिवार पर हमला करने की अनुमति क्यों?” स्पीकर ने सभी को शांत रहने की अपील की, लेकिन माहौल नहीं संभला। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पीएम मोदी से मुलाकात की। यह मीटिंग पीएम के प्रस्तावित भाषण से ठीक पहले हुई।
राहुल बोले-पीएम को दूंगा किताब
सूत्रों के मुताबिक, मीटिंग में सदन के हंगामे और विपक्ष के हमलों पर चर्चा हुई। इसके बाद शाह स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस पहुंचे, जहां निशिकांत दुबे भी मौजूद थे। मीटिंग में सदन की कार्यवाही सुचारू चलाने के उपायों पर बात हुई, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण कोई नतीजा नहीं निकला। राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “लगता नहीं है कि, आज पीएम सदन में आएंगे। अगर वो आते हैं, तो मैं उन्हें नरवणे की किताब दूंगा। सरकार चीनी घुसपैठ पर चुप क्यों है?” राहुल ने किताब का हवाला देकर कहा कि सेना प्रमुख ने खुद लिखा है कि अग्निवीर स्कीम पर पीएम से मतभेद था और चीन के मुद्दे पर सेना को रोका गया।

कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताते हुए सरकार पर दबाव बनाया। बीजेपी ने राहुल के आरोपों को आधारहीन बताया। पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, “राहुल गांधी किताब के चुनिंदा हिस्सों को पढ़कर राजनीति कर रहे हैं। नरवणे की किताब में सरकार की सराहना भी है। विपक्ष सिर्फ हंगामा कर रहा है।” बीजेपी ने गांधी परिवार पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने सेना का राजनीतिकरण किया है। दिन भर के हंगामे के बाद शाम 5 बजे पीएम मोदी का भाषण नहीं हो सका। स्पीकर ने सदन को कल तक स्थगित कर दिया।
कल होगा पीएम का भाषण
सूत्रों के मुताबिक, कल सत्र में पीएम का भाषण संभव है, जहां वे बजट और राष्ट्रीय मुद्दों पर बोल सकते हैं। विपक्ष ने घोषणा की कि वे किताब और चीनी घुसपैठ पर सवाल उठाते रहेंगे। यह संग्राम सिर्फ किताबों का नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति का है। नरवणे की किताब में सेना और सरकार के रिश्तों पर खुलासे ने विपक्ष को हथियार दे दिया है, जबकि बीजेपी इसे कांग्रेस की पुरानी किताबों से जोड़कर जवाब दे रही है।
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