योगी सरकार का बड़ा फैसला, खत्म होगी DIOS की मनमानी, छुट्टी के दिन नहीं बुला सकेंगे शिक्षकों को

 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग में कार्यरत हजारों शिक्षकों के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला सामने आया है। अब छुट्टी या अवकाश के दिनों में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) द्वारा शिक्षकों को जबरन या मनमाने ढंग से ड्यूटी पर बुलाना मुश्किल हो जाएगा। योगी सरकार जल्द ही इस संबंध में स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी करने वाली है, जिससे शिक्षकों की छुट्टियों का सम्मान सुनिश्चित होगा और अनावश्यक उत्पीड़न पर लगाम लगेगी।

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शिक्षकों ने जताई आपत्ति

योगी सरकार

प्रदेश भर में माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों की प्रमुख शिकायत रही हैं कि, डीआईओएस अक्सर रविवार, त्योहारों की छुट्टियां या मौसमी अवकाश (जैसे कि वेंटर और समर वेकेशन) के दिनों में भी उन्हें विद्यालय बुला लेते हैं। कई मामलों में तो स्कूल खुलने का समय बीत जाने के बाद फोन या मैसेज से सूचना देकर बुला लिया जाता था। हाल ही में कड़ाके की ठंड के दौरान जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर पूरे प्रदेश में माध्यमिक स्कूलों तक बंद कर दिए गए थे, तब भी कुछ जिलों में डीआईओएस ने शिक्षकों को काम के लिए बुलाने की कोशिश की। इससे शिक्षकों में भारी रोष फैला और विभिन्न शिक्षक संगठनों ने शासन, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय और उच्च अधिकारियों से शिकायतें दर्ज कराईं।

कहा- मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है

शिक्षकों का तर्क है कि, छुट्टियां उनके व्यक्तिगत जीवन, परिवार और आराम के लिए होती हैं। जबरन बुलावा न केवल उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक थकान भी बढ़ाता है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने कहा, “शिक्षक अपनी ड्यूटी से कभी मुंह नहीं मोड़ते, लेकिन छुट्टियों में बिना वजह या मुआवजे के बुलाना पूरी तरह अन्याय है। यदि कोई विशेष कार्य जरूरी हो, तो उसके बदले प्रतिकर अवकाश (कंपेंसेटरी लीव) दिया जाना चाहिए।”

DIOS को भेजा पत्र 

इस मुद्दे पर पहले भी माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी डीआईओएस को पत्र जारी कर छुट्टियों में शिक्षकों को बुलाने पर सख्त रोक लगाई थी। निर्देश थे कि, केवल अत्यंत आवश्यक और अपवादस्वरूप ही ऐसा किया जाए, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों का पालन नहीं हो रहा था। शिकायतें बढ़ने पर निदेशालय ने संबंधित डीआईओएस को नाराजगी जताते हुए पत्र भेजे और चेतावनी दी कि अब शासन स्तर से और सख्त दिशा-निर्देश जारी होंगे।

नए प्रस्तावित नियम क्या होंगे?

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शासन के आने वाले निर्देशों में मुख्य रूप से यह व्यवस्था होगी कि, छुट्टी के दिन किसी शिक्षक को ड्यूटी पर बुलाने से पहले संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडई या जॉइंट डायरेक्टर एजुकेशन) से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह कदम डीआईओएस स्तर पर हो रही मनमानी को रोकने के लिए उठाया जा रहा है। अनुमति केवल वास्तविक जरूरत जैसे आपात निरीक्षण, बोर्ड परीक्षा संबंधी कार्य, शासन द्वारा निर्देशित विशेष कार्यक्रम या कोई असाधारण स्थिति में ही दी जाएगी। बिना अनुमति के बुलावा करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रावधान होगा।

बढ़ेगा शिक्षकों का मनोबल

यह फैसला प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत कार्यरत हजारों शिक्षकों के लिए बड़ी सकारात्मक खबर है। शिक्षक संगठन इसे शिक्षक-हितैषी कदम मान रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि, निर्देश जल्द जारी होकर प्रभावी ढंग से लागू होंगे। इससे न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में नियमों का पालन और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

शिक्षकों का मुख्य दायित्व छात्रों को बेहतर शिक्षा देना है और इसके लिए उन्हें संतुलित कार्य-जीवन, उचित आराम और सम्मान की जरूरत होती है। योगी सरकार का यह संवेदनशील फैसला शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। शासन ने स्पष्ट किया है कि नए निर्देशों में कोई अस्पष्टता नहीं रहेगी और शिक्षकों से अपील की गई है कि वे भी नियमों का पालन करें तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं।

 

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