
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बख्शी का तालाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और ऐलान किया कि, फैजुल्लागंज से नैमिष तक के इलाके को बाढ़ से बचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर तटबंध बनाया जाएगा। इसकी स्वीकृति दे दी गई है। जल्द ही इसके लिए धनराशि भी जारी कर दी जाएगी और मानसून समाप्त होने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।
इसे भी पढ़ें- मुख्यमंत्री योगी ने 4.60 लाख विद्यार्थियों के खातों में भेजी 148 करोड़ की धनराशि, 11 छात्रों को दिए प्रमाणपत्र
सर्वे कर तटबंध के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा
आपको बता दें कि, मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने साथ ही बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट की एवं राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री बांटी और उनकी समस्याएं सुनीं। साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों में लगी टीमों से बात कर स्थिति की जानकारी ली और स्वास्थ्य विभाग के शिविर का जायजा लिया। इससे पहले उन्होंने फैजुल्लागंज से नैमिष तक प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे भी किया।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती किनारे सर्वे कर तटबंध बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही ये भी कहा कि, कुछ ऐसा भी इंतजाम भी किया जाए कि तटबंध के बाहर बारिश का पानी जमा न हो। जैसे इसके लिए पंपिंग सेट लगाए जाएंगे, ताकि नदी का जलस्तर बढ़ने पर पानी को आबादी की ओर बढने से रोका जा सके और उसे वापस नहीं ने ही निकाला जा सके। उन्होंने कहा, तटबंध ऐसा बने कि वह हर मौसम में अवागमन के लिए उपयोगी साबित हो।
मूसलाधार बारिश की वजह से बिगड़े हालात
मुख्यमंत्री ने कहा कि, पिछले 10 दिनों में प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश हुई है। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल में हुई बारिश का पानी पांच-छह दिन बाद नीचे पहुंचने से गोमती का जलस्तर बढ़ा। इससे बख्शी का तालाब, लखनऊ उत्तर और फैजुल्लागंज से नैमिष तक के इलाके में बाढ़ जैसे हालात बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लगातार स्थिति और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे थे और जमीनी स्थिति देखने पहुंचे हैं।
प्रभावित परिवारों को बांटी राहत सामग्री
बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री के तौर पर चावल, दाल, आटा, चना और तिरपाल समेत 26 जरूरी वस्तुएं प्रदान की रही हैं। इसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो अरहर दाल और एक लीटर सरसों या रिफाइंड तेल के साथ नमक, मिर्च-मसाला, बाल्टी, लाई-भुजा, मोमबत्ती, माचिस और बरसाती समेत अन्य सामान शामिल है।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को खुले में रहने के बजाय स्कूलों और मैरिज हॉल में बनाए गए राहत शिविरों में ठहराने के निर्देश दिए। राहत शिविरों में दोनों समय के लिए गर्म भोजन की व्यवस्था होगी। छोटे बच्चों को दूध और गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार भी दिए जाने के निर्देश दिए गये हैं। पशुओं के लिए सूखे भूसे के साथ चोकर भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
जनहानि पर 4 लाख का मुआवजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ में डूबने या आकाशीय बिजली से जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को तत्काल 4 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बारिश से मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर पात्र परिवार को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना से घर दिया जायेगा। पशुहानि की भी भरपाई होगी। राहत एवं बचाव कार्यों के बाद फसलों का समय से सर्वे कर किसानों को नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा।
मेडिकल और पशु चिकित्सा शिविर लगेंगे
मुख्यमंत्री ने बाढ़ के दौरान सांप-बिच्छू और अन्य जीवों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। कुत्ता या अन्य जानवर के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन भी उपलब्ध रहेगा। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल और पशु चिकित्सा शिविर लगाने के भी निर्देश दिए गये हैं। राहत शिविरों में बिजली न होने पर पेट्रोमैक्स या सोलर लाइट की व्यवस्था होगी। शिविरों में आने वाले परिवारों की सामानों की सुरक्षा के लिए चौकीदार, होमगार्ड, पीआरडी और पुलिस के जवान रात में पेट्रोलिंग करेंगे।
रक्षामंत्री ने ली बाढ़ की जानकारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार सुबह फोन कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने भी फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनने से बाढ़ की समस्या से राहत मिलने की बात कही। मुख्यमंत्री ने बताया कि, तटबंध के लिए शासन स्तर स्तर से स्वीकृति दे दी गई है। जल्द ही धनराशि जारी कर काम आगे बढ़ाया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी, विधायक योगेश शुक्ला व डॉ. नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय मौर्य और नगर पंचायत इटौंजा अध्यक्ष अखिलेश कुमार अवस्थी समेत प्रशासन, पुलिस और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसे भी पढ़ें- ‘नमो सेवा’ कार्यक्रम में सीएम योगी का विपक्ष पर प्रहार, कहा- ‘अब सीधे गरीब के खाते में पहुंच रहा पैसा’



