
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी का सीधे नाम लिए बिना उन्हें ‘कांग्रेस का युवराज’ कहते हुए सीएम ने कहा झूठ की गूंज में उन्होंने जो आचरण किया, वह पूरी नारी शक्ति का अपमान है। उन्होंने कहा कि देश को अब ऐसे लोगों से कोई अपेक्षा नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि ये भटके हुए लोग हैं जिनका मकसद समाज में भ्रम और अराजकता फैलाना है।
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देश का ग्रोथ इंजन बना उत्तर प्रदेश
ग्रेटर नोएडा में आयोजित दो दिवसीय ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताया।

उन्होंने कहा कि एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर रह चुके व्यक्ति से उसी गरिमा के अनुरूप आचरण अपेक्षित होता है। यदि वे भारत की समदृष्टि को समझते तो भारत, भारतीयता और हिंदू दृष्टि पर सवाल नहीं उठाते। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण, युवा रोज़गार, स्टार्टअप और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का ज़िक्र करते हुए कहा कि कभी बीमारू कहलाने वाला उत्तर प्रदेश आज रेवेन्यू सरप्लस राज्य और देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है।
योजनाओं में महिलाओं को मिली प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि, महिलाओं की गरिमा की रक्षा और उनका सशक्तीकरण केवल बयानबाज़ी से संभव नहीं। सरकार ने अपनी योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता दी है। घरौनी योजना के तहत देश भर में तीन करोड़ परिवारों को मकान का मालिकाना हक दिया गया, जिसमें पहला अधिकार महिलाओं का रखा गया। 12 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और इतने ही घरों में शौचालय की सुविधा दी गई है। यूपी के गांवों में 54 हज़ार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखियां बैंकिंग सेवाएं दे रही हैं।
उन्होंने झांसी के बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर समूह का उदाहरण देते हुए बताया कि, 2019 में महज़ पांच महिलाओं से शुरू हुआ यह समूह आज 62 हज़ार महिलाओं तक पहुंच चुका है, जिसका टर्नओवर 115 करोड़ रुपये है और हर महिला औसतन आठ से दस हज़ार रुपये महीना कमा रही है। आगरा, काशी, गोरखपुर और लखनऊ में भी ऐसे मिल्क प्रोड्यूसर समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग चार लाख महिलाएं जुड़ी हैं।
10 हज़ार से बढ़कर 44 हज़ार हुआ महिला पुलिस बल
मुख्यमंत्री ने बताया कि, 2017 में यूपी पुलिस में सिर्फ 10 हज़ार महिलाएं थीं, जो अब बढ़कर 44 हज़ार हो चुकी हैं और अगले तीन-चार महीनों में यह आंकड़ा 50 हज़ार पार कर जाएगा। प्रदेश में महिला वर्कफोर्स की हिस्सेदारी भी 12 फीसदी से बढ़कर 36-37 फीसदी हो गई है। डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप योजना के तहत आठ हज़ार न्याय पंचायतों में से चार हज़ार में महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण देकर जोड़ा जाएगा।
लाखों युवाओं की मिली नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि, देश की सबसे बड़ी युवा आबादी उत्तर प्रदेश में है, जहां 56 फीसदी जनसंख्या युवा है। बीते साढ़े नौ वर्षों में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है, जबकि 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में सवा तीन करोड़ युवा कार्यरत हैं। बेहतर कानून-व्यवस्था के चलते प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है, जिससे 65 लाख से ज़्यादा युवाओं को रोज़गार मिला है।
अब कोई यूपी को बीमारू राज्य नहीं कहता
उन्होंने आगे कहा, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट तीन गुना बढ़ चुके हैं, जो प्रदेश नौ-दस साल पहले बीमारू कहलाता था, वह आज रेवेन्यू सरप्लस राज्य और भारत का ग्रोथ इंजन बन चुका है। अब प्रदेश के सामने पहचान का कोई संकट नहीं है। यह बदलाव विरासत के सम्मान और अपराध-भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के कारण संभव हुआ है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि, जो लोग पहले प्रदेश की पहचान पर संकट खड़ा करते थे, वे अब फिर से दंगे, कर्फ्यू, सामाजिक विभाजन, भेदभाव और अराजकता का माहौल लाना चाहते हैं।
24 हज़ार के पार हुआ स्टार्टअप
मुख्यमंत्री ने बताया कि, 2017 से पहले यूपी में 120 से भी कम स्टार्टअप थे, जबकि आज यह संख्या 24 हज़ार से अधिक हो चुकी है, जिनमें लगभग आधे महिलाओं द्वारा संचालित हैं। उन्होंने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर का उल्लेख करते हुए युवाओं से राष्ट्रीय नायकों से प्रेरणा लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। जब देश सुरक्षित रहेगा, तभी धर्म, उपासना पद्धति, जाति, परिवार और व्यक्ति भी सुरक्षित रह सकेंगे। नारी और युवा शक्ति का आत्मनिर्भर होना ही उत्तर प्रदेश और भारत की आत्मनिर्भरता की नींव बनेगा।
पुस्तक ‘द ब्यूटीफुल ट्री’ का ज़िक्र
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने महर्षि अरविंद का हवाला देते हुए कहा कि, जो समाज अपने अतीत के गौरव, वर्तमान की पीड़ा और भविष्य के सपनों को समझता है, वही तरक्की की राह पर आगे बढ़ता है। आचार्य धर्मपाल की पुस्तक ‘द ब्यूटीफुल ट्री’ का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने देश, संस्कृति और उपलब्धियों को जानकर ही भविष्य के सपने संजोने चाहिए।
दीप प्रज्ज्वलन से हुई समापन समारोह की शुरुआत
मुख्यमंत्री योगी ने दीप जलाकर समारोह की शुरुआत की। कार्यक्रम में ‘केशव संवाद’ और ‘प्रेरणा विचार’ पत्रिकाओं की वैचारिक यात्रा पर आधारित वीडियो दिखाया गया, और मुख्यमंत्री को दोनों पत्रिकाओं की प्रतियां भेंट की गईं। एक अन्य वीडियो के माध्यम से प्रदेश की नारी और युवा शक्ति की बदलती तस्वीर प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित लोग
समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, प्रेरणा विमर्श के कार्यकारी अध्यक्ष वीके गुप्ता, अध्यक्ष अनिल त्यागी, डॉ. मनमोहन सिंह सिसोदिया, प्रेरणा शोध संस्थान की अध्यक्ष प्रीति दादू, सचिव मोनिका चौहान समेत गौतम बुद्ध नगर के जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवक मौजूद रहे।
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