
वॉशिंगटन। अमेरिका में हिंदू धर्मस्थलों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताज़ा मामला ओहायो राज्य के रिचमंड हाइट्स का है, जहां श्री स्वामीनारायण वडताल धाम हिंदू मंदिर पर अज्ञात हमलावरों ने ईंटें बरसा दीं। हमले में मंदिर की इमारत को काफ़ी नुकसान पहुंचा है। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि, जिस समय यह हमला हुआ, मंदिर के भीतर पुजारी और कई श्रद्धालु मौजूद थे।
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यह घटना ऐसे वक्त हुई है, जब अमेरिका में बसा हिंदू समुदाय ‘हिंदू हेरिटेज मंथ’ मना रहा है और नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत की तैयारियों में जुटा है। उत्सव के माहौल के बीच हुए इस हमले ने समुदाय में गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है।
शुक्रवार दोपहर हुआ हमला
हिंदू संगठनों ‘कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ (CoHNA) और ‘हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन’ (HAF) के अनुसार, हमला शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। हमलावरों ने मंदिर की इमारत पर ईंटें फेंकीं, जिससे खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। इस दौरान मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना से जुड़े लोग और श्रद्धालु मौजूद थे, जिनकी सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा। राहत की बात यह रही कि, दोनों संगठनों की ओर से दी गई शुरुआती जानकारी में किसी के घायल होने का ज़िक्र नहीं है।
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस घटना की जानकारी साझा की। संगठन ने लिखा कि ओहायो में एक हिंदू मंदिर पर हमला हुआ है और रिचमंड हाइट्स स्थित श्री स्वामीनारायण वडताल धाम मंदिर पर दोपहर 1:30 बजे हमलावरों ने ईंटें फेंकीं, जिससे इमारत को काफ़ी क्षति पहुंची।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना के तुरंत बाद हिंदू संगठनों ने स्थानीय पुलिस और अमेरिकी जांच एजेंसी FBI से संपर्क किया। HAF के मुताबिक मंदिर परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज स्थानीय पुलिस को सौंप दी गई है और अधिकारी उसकी जांच कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि, मामले की जानकारी अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग और FBI को भी दे दी गई है।
⚠️Hindu temple attacked in Ohio today| At 1:30 PM today, the Shree Swaminarayan Vadtal Dham Hindu Mandir in Richmond Heights, Ohio was attacked by perpetrator(s) who threw bricks at the temple causing significant damage.
Surveillance video is available and being reviewed by… pic.twitter.com/yruWaC7TnR
— Hindu American Foundation (@HinduAmerican) October 3, 2026
अब तक हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है और न ही हमले के पीछे की मंशा स्पष्ट हुई है। हालांकि, हिंदू संगठनों ने इसे नफरत से प्रेरित घटना के रूप में देखते हुए गहन जांच की मांग की है।
मेयर से निंदा और कार्रवाई की मांग
CoHNA और HAF ने रिचमंड हाइट्स की मेयर किम थॉमस तथा स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि वे इस हमले की सार्वजनिक रूप से निंदा करें। संगठनों ने यह भी मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि समुदाय में सुरक्षा का भरोसा बहाल हो सके।
पहले भी हो चुकी हैं इस तरह की घटनाएं
यह कोई अकेली घटना नहीं है। बीते कुछ वर्षों में अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में हिंदू मंदिरों को बार-बार निशाना बनाया गया हैं।
मार्च 2025: कैलिफोर्निया के चीनो हिल्स में स्थित BAPS मंदिर में तोड़फोड़ की गई और नफरत भरे संदेश लिखे गए।
सितंबर 2024: न्यूयॉर्क के मेलविले और कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में BAPS मंदिरों को नुकसान पहुंचाया गया।
दिसंबर 2023: कैलिफोर्निया के नेवार्क में SMVS श्री स्वामीनारायण मंदिर की दीवारों पर नफरत भरी ग्राफिटी बनाई गई।
इन घटनाओं की कड़ी में ओहायो का यह हमला ताज़ा उदाहरण है। फ़र्क़ इतना है कि, इस बार हमला उस समय हुआ जब मंदिर में लोग मौजूद थे, जिससे मामला और गंभीर हो जाता है। पहले की कई घटनाओं में दीवारों पर आपत्तिजनक लिखावट या तोड़फोड़ की बात सामने आई थी, जबकि इस बार ईंटें फेंके जाने से जान-माल दोनों को ख़तरा पैदा हुआ।
समुदाय में भय और आक्रोश
हिंदू संगठनों का कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं अमेरिका में रह रहे हिंदू समुदाय के भीतर असुरक्षा की भावना को गहरा रही हैं। धार्मिक पर्वों के दौरान मंदिर समुदाय के मिलन का केंद्र होते हैं, जहां परिवार, बुज़ुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। ऐसे में पूजा-स्थल पर हमला केवल इमारत पर चोट नहीं, बल्कि आस्था और सामाजिक सुरक्षा पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका में भारतीय नागरिकों समेत कई लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। समुदाय के प्रतिनिधियों का मानना है कि इस माहौल में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन और संघीय एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
फिलहाल सबकी निगाहें पुलिस और FBI की जांच पर टिकी हैं। सीसीटीवी फुटेज से हमलावरों की पहचान में मदद मिलने की उम्मीद है। हिंदू संगठनों ने साफ़ किया है कि वे जांच एजेंसियों के संपर्क में बने हुए हैं और जब तक दोषी कानून के शिकंजे में नहीं आते, मामले को लगातार उठाते रहेंगे। नवरात्रि के आगमन के साथ मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में समुदाय की मांग है कि पर्व के दौरान मंदिरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत की जाए, ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर अपनी आस्था का पालन कर सकें।
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