परिवार और धनकुबेरों तक सिमटी सपा की राजनीति, गोरखपुर में बोले मुख्यमंत्री

गोरखपुर। सोमवार को गोरखपुर में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के पीडीए पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा सपा परिवारों और धनकुबेरों की पार्टी है।

सीएम ने कहा कि, सपा ने इस बार के राज्यसभा चुनाव में एक प्रत्याशी अपने परिवार से और दूसरा मुंबई के धनाढ्य व्यक्ति को बनाया। पीडीए को उन्होंने परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी और भाजपा कार्यकर्ताओं ने पराया धन अपना बताया था।  मुख्यमंत्री ने तंज कसा कि, सपाई गिरगिट की तरह रंग बदलते रहते हैं, यही वजह है कि, वे सत्ता में वापसी की उम्मीद खो चुके हैं, ऐसे में अब वे मनमाने वादे कर रहे हैं।

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लोगों की नाव डुबोने वाली पार्टी है सपा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, शिक्षकों की आवाज उठाने के कारण पिछली बार भाजपा ने उनके लिए सीट खाली छोड़ी थी। इस बार माध्यमिक शिक्षक संघ की सहमति से उन्हें अधिकृत प्रत्याशी बनाया गया है। उन्होंने 23 अक्टूबर को मतदान के लिए शिक्षक मतदाताओं को अवकाश देने की बात कही और जनप्रतिनिधियों से प्रत्येक शिक्षक मतदाता तक पहुंचने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, सपा का शांति और सुरक्षा का भरोसा देना वैसा ही है, जैसे मगरमच्छ नदी किनारे आकर शिकार छोड़ने और लोगों को नदी पार कराने का वादा करे। ये नाव पार लगाने वाले नहीं, बल्कि डुबाने वाले लोग हैं। मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव की अयोध्या यात्रा पर भी तीखा हमला बोला और कहा रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाले अब कालनेमि की तरह राम नाम जप रहे हैं। राम मंदिर का विरोध करने वाले अयोध्या में दुष्प्रचार कर रहे हैं।

नई पेंशन योजना लागू कर दी लेकिन, खाते नहीं खोले गये

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2005 में मुलायम सिंह यादव की सरकार ने नई पेंशन योजना तो लागू कर दी, लेकिन कर्मचारियों के खाते खोलकर उनका अंशदान जमा नहीं कराया। 2018 में कमेटी बनवाई गई और 2019 की शुरुआत में 10 हजार करोड़ रुपये देकर 14 लाख कर्मचारियों के खाते खुलवाए गए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और शिक्षकों के हित में बेहतर कदम उठाने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।

नदी के दो किनारे जैसे है सपा और शिक्षा

सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी और शिक्षा नदी के दो किनारे हैं, जो कभी मिल नहीं सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में नकल और अराजकता को संरक्षण मिलता था और दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास बुलाकर सम्मानित किया जाता था। उस दौर में शिक्षकों और बेटियों की सुरक्षा संकट

कैशलेस इलाज और दुर्घटना बीमा का लाभ

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षामित्रों, अनुदेशकों से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों और उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी गई है। राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित संस्थानों के साथ रसोइयों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी जोड़ा गया है। बिना वेतन कटौती विभिन्न श्रेणियों में 40 लाख से 1.20 करोड़ रुपये तक दुर्घटना बीमा कवर की व्यवस्था की गई है।

सपा सरकार में था सैफई सिंडिकेट का कब्जा

मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में आयोगों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। नियुक्तियों में रिश्तेदारों को प्राथमिकता और पैसे देने वाले अभ्यर्थियों का चयन किया जाता था। वर्ष 2017 में डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली थे। भाजपा सरकार ने सभी 75 जिलों से निष्पक्ष चयन किया। शिक्षामित्रों का मानदेय तीन हजार से बढ़ाकर 18 हजार और अनुदेशकों का नौ हजार से 17 हजार रुपये किया गया। ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 2300 माध्यमिक विद्यालयों को धनराशि दी गई। स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही हैं।

दंगों से पहचान का संकट, अब विकास से सम्मान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान के सामने पहचान का संकट था। यहां दंगे, उपद्रव और अराजकता का बोलबाला था। निवेश और रोजगार के अवसर भी प्रभावित थे। प्रदेश बीमारू था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। प्रदेश अब बीमारू नहीं है। राजस्व अधिशेष वाला राज्य बन गया है। विकास, विरासत, निवेश और रोजगार से उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनी है।

पूर्व शिक्षक नेताओं को किया याद

मुख्यमंत्री योगी ने महर्षि वशिष्ठ, संदीपनी और चाणक्य का उदाहरण देकर शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। उन्होंने दिवंगत शिक्षक नेताओं ओम प्रकाश शर्मा, पंचानन राय और डॉ. वाईडी सिंह को श्रद्धांजलि दी। कहा कि ध्रुव त्रिपाठी उनकी परंपरा आगे बढ़ा रहे हैं।

वर्षों पुरानी मांगें पूरी हुईं- ध्रुव

भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों की कैशलेस चिकित्सा की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। एक अप्रैल 2005 से पहले विज्ञापित पदों से संबंधित शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ मिला। पदोन्नति जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर पर सुगम हुई है। ग्रेच्युटी सीमा 20 से 25 लाख रुपये हुई। वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली अंतिम चरण में है।

शिक्षा का कायाकल्प हुआ- कृषिमंत्री

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि ध्रुव त्रिपाठी विधान परिषद में शिक्षकों के कठिन सवाल उठाते हैं। योगी सरकार ने प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों का कायाकल्प किया है। प्रोजेक्ट अलंकार से भवन, शौचालय और पुस्तकालय की सुविधाएं बढ़ीं। शिक्षकों को बिना आंदोलन सातवां वेतनमान मिला। कैशलेस चिकित्सा सुविधा से शिक्षकों को राहत मिली है।

सपा का शिक्षा से सरोकार नहीं- रवि किशन

सांसद रवि किशन शुक्ला ने कहा कि ध्रुव त्रिपाठी निस्वार्थ भाव से शिक्षकों की आवाज उठाते हैं। शिक्षक उनके समर्थन में एकजुट हैं। सपा का शिक्षा और ज्ञान से कोई सरोकार नहीं है। पिछली सरकारों में शिक्षण संस्थानों पर कब्जे और अराजकता का माहौल था। आज गोरखपुर में स्वास्थ्य विश्वविद्यालय और सैनिक विद्यालय जैसी सुविधाएं विकसित हुई हैं।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

सम्मेलन में मंत्री दारा सिंह चौहान, दयाशंकर सिंह, विजय लक्ष्मी गौतम, दानिश आजाद अंसारी, सांसद जगदंबिका पाल, विजय दुबे, भाजपा प्रदेश महामंत्री अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, कामेश्वर सिंह, रमेश सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, अजय शाही, अवधेश सिंह, बृजेश राय, जयनारायण दुबे, शैलेंद्र शुक्ला, संजीव राय और ज्ञानेश कुमार राय समेत शिक्षक व पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

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