प्रियंका गांधी का पीएम मोदी पर पलटवार, बोलीं – ‘मेरी मां का मंगलसूत्र इस देश के लिए बलिदान हो गया

नयी दिल्ली । कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने धन पुनर्वितरण के संबंध में कांग्रेस पार्टी के कथित इरादों के बारे में उनकी हालिया टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला।

एक चुनावी रैली में बोलते हुए प्रियंका गांधी ने मोदी के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा,इस देश में क्या बातें हो रही हैं? दो दिन पहले भाषण हुए थे कि कांग्रेस आपका ‘मंगलसूत्र’ छीनना चाहती है। यह देश पिछले 75 वर्षों से आजाद है। और 55 साल तक कांग्रेस सत्ता में रही, क्या कांग्रेस ने कभी आपका सोना या मंगलसूत्र छीना?
प्रियंका गांधी ने अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के संदर्भ में कहा,जब युद्ध हुआ था, तब इंदिरा गांधी ने अपना सोना दान कर दिया था। मेरी मां का ‘मंगलसूत्र’ इस देश के लिए बलिदान कर दिया गया था। उन्होंने आगे मोदी की आलोचना करते हुए कहा, “अगर नरेंद्र मोदी ‘मंगलसूत्र’ के महत्व को समझते तो ऐसी अनैतिक बातें नहीं करते।

वह मोदी के इस दावे का जवाब दे रही थीं कि कांग्रेस लोगों की गाढ़ी कमाई और कीमती सामान घुसपैठियों और जिनके अधिक बच्चे हैं, उन्हें बांट देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये भी आरोप लगाया था कि सत्ता में आने पर कांग्रेस महिलाओं का सोना और मंगलसूत्र भी चुरा लेगी।

भारत में महिलाओं के हर दिन होने वाले संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए, प्रियंका गांधी ने उनके बलिदान पर जोर देते हुए कहा, “जब किसान कर्ज में डूब जाता है तो उसकी पत्नी अपना मंगलसूत्र गिरवी रख देती है। जब परिवार में बेटी की शादी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है तो महिला अपने गहने गिरवी रख देती है।”

प्रियंका गांधी ने मोदी पर महिलाओं के मुद्दों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा,आज, केवल चुनाव के लिए आप महिलाओं के बारे में इस तरह की बात कर रहे हैं, केवल वोट पाने के लिए उन्हें के लिए। उन्हें शर्म आनी चाहिए।” उन्होंने जनता से नैतिक राजनीति और नाटक, सच्चाई और सत्ता की राजनीति और परोपकार बनाम अहंकार के बीच चयन करने का आग्रह किया।

प्रियंका गांधी ने लोगों से इस बात पर विचार करने का आह्वान किया कि वे किस तरह की राजनीति चाहते हैं और चेतावनी दी कि ऐसा करने में विफलता देश को भटका सकती है। उन्होंने कहा, “आपको तय करना होगा कि आप नैतिक राजनीति चाहते हैं या नाटक राजनीति, आप सत्ता की राजनीति चाहते हैं या सत्य की राजनीति, आप परोपकार चाहते हैं या फिर अहंकार। उन्होंने कहा,समय आ गया है कि लोग सोचें क्योंकि अगर आप नहीं जागे तो यह देश गर्त में चला जाएगा।”

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया सरकारी मंथन के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...

Related Articles

Back to top button