मणिपुर सरकार : दो महिलाओं को नग्न करके घुमाने के मामले वाले वीडियो को ‘सोशल मीडिया पर शेयर न करें’

मणिपुर सरकार ने दो महिलाओं को नग्न करके घुमाने के मामले पर कड़े रुख अपनाया है। इसके पश्चात, सरकार ने ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर उस वीडियो को शेयर नहीं करने का सख्त आदेश दिया है। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने वाले लोगों को सख्तता से देखा जाएगा। सरकार ने विशेष रूप से सभी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि कानूनों का पालन किया जाए। मामले की जांच वर्तमान में चल रही है। इस दौरान, विपक्ष भी सरकार के इस कदम पर कई सवाल उठा रहा है।

मणिपुर में बढ़ रही जातीय हिंसा
आपको बता दे, इस विवादित घटना के पीछे का मुद्दा यह है कि मणिपुर में जातीय हिंसा की वातावरण बढ़ रही है, और अब एक वीडियो ने पहाड़ी इलाकों में तनाव को और बढ़ा दिया है। इस वीडियो में दो महिलाएं कुकी समुदाय से थीं, जिन्हें नग्न करके घुमाया जा रहा था, जबकि उन्हें घुमाने वाले लोग मैतई समुदाय से थे। आदिवासी संगठन इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज
आपको बता दे, इस मामले में पुलिस ने अज्ञात हथियारबंद बदमाशों के खिलाफ थौबल जिले के नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन में अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज किया है। विपक्ष इस मामले में सक्रिय हो गया है और कांग्रेस ने केंद्र की आलोचना की है और सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार को ‘सब ठीक है’ की तरह व्यवहार करना कब बंद किया जाएगा और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को कब बदला जाएगा। इस घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा है। यहां तक कि महिला एवं बाल विकास मंत्री ने भी मणिपुर के मुख्यमंत्री से बात करने के लिए तकरीबन 76 दिनों तक इंतजार किया, जिसे कांग्रेस ने कुटिलता के रूप में देखा है। इस मामले के पीछे के कारण से लोग बहुत आक्रोशित हैं और इंटरनेट बंद होने के कारण इस घटना की जानकारी भी अधूरी ही रही।

बना हुआ है भयानकता का माहौल
आपको बता दे, मणिपुर में हो रही यह विवादित घटना बहुत लंबे समय से चल रही है, और इसमें अभी भी काफी गुमराही और भयानकता का माहौल है। इस मामले में समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाना चाहिए, और सरकार को इसे सुलझाने के लिए सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है। इस विवाद को हल करने में हर एक नागरिक को अपना योगदान देना चाहिए, ताकि मणिपुर पुनः समृद्धि और शांति की दिशा में आगे बढ़ सके।

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