रामभक्ति का दिखावा करने वालों की साजिश पहचानें, अशोक सिंघल के शताब्दी महोत्सव में बोले योगी

  बिखरे हिंदू समाज को एक मंच पर लाकर श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को अशोक सिंघल ने दी निर्णायक दिशा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राम मंदिर आंदोलन के विरोधियों पर निशाना साधते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी। उन्होंने कह, काल-नेमि भी राम के काम में घुस जाएगा। बाबरी के भक्त काल-नेमि बनकर आंदोलन को बेइज्जत और बदनाम करने की कोशिश करेंगे। उन्हें पहचानना होगा और उनकी साजिशों को कामयाब नहीं होने देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, जो लोग कभी राम मंदिर का विरोध करते थे और राम भक्तों पर गोलियां चलाते थे, वे आज खुद को राम भक्त बताने के लगे हैं। यह विश्व हिंदू परिषद की सोच की जीत है।

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डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई

मुख्यमंत्री योगी लखनऊ में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के प्रणेता और विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रद्धेय अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी महोत्सव के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। सबसे पहले सीएम ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समारोह में अशोक सिंघल के जीवन, संघर्ष और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।

बिखरे हिंदू समाज को एक मंच पर लाए अशोक सिंघल

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि, 1528 में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर तोड़े जाने के बाद लगभग 500 वर्षों तक हिंदू समाज ने उसकी मुक्ति के लिए संघर्ष किया। संतों, नागाओं, सिख वीरों, युवाओं और महिलाओं ने बलिदान दिए। समाज में सामर्थ्य तो था, लेकिन ताकत बिखरी थी। अशोक सिंघल ने इसी ताकत को एक मंच पर लाने का काम किया।

Yogi Adityanath

उन्होंने कहा कि, 1982 में विश्व हिन्दू परिषद का दायित्व मिलने और 1983 में श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के गठन के बाद रामकाज अशोक सिंघल के जीवन का ध्येय बन गया। देश हो या विदेश, वनवासी क्षेत्र हो या दलित बस्ती, उनके मुख पर राम का नाम रहता था। राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहां बिश्राम को उन्होंने अपने जीवन में उतारा।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, अशोक सिंघल ने राम मंदिर आंदोलन से समाज को जोड़ने का अभियान भी चलाया। उन्होंने आदिवासी और झुग्गी-झोपड़ियों वाले इलाकों में एकल विद्यालयों की चेन बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में विश्व हिंदू परिषद के ऑफिस के एक कमरे से नॉर्थ-ईस्ट के बच्चों के लिए पढ़ाई भी शुरू की।

1990 के अयोध्या आंदोलन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब उस समय की उत्तर प्रदेश सरकार राम भक्तों पर गोलियां चला रही थी, तब अशोक सिंघल ने सत्ता के आगे झुकने से मना कर दिया था। 2 नवंबर 1990 को राम भक्तों पर लाठीचार्ज और फायरिंग के बीच भी उनकी शेर जैसी दहाड़ सुनाई दी। आज उनके सपनों का साकार होना अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर के रूप में दिख रहा है।

कांग्रेस-सपा और वामपंथियों को घेरा

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि, श्रीराम जन्मभूमि का मामला न्यायालय में पहुंचा, तो एक ओर अशोक सिंघल की अधिवक्ताओं, पुरातत्ववेत्ताओं और विषय विशेषज्ञों की टीम प्रमाण जुटा रही थी। दूसरी ओर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वामपंथी राम मंदिर के पक्ष में फैसला न आने देने के लिए बाधाएं पैदा कर रहे थे। उन्होंने कांग्रेस पर भगवान राम और कृष्ण के अस्तित्व को लेकर न्यायालय में सवाल खड़े करने का भी आरोप लगाया।

Yogi Adityanath

उन्होंने कहा कि राम मंदिर के शिलान्यास और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में आमंत्रण मिलने के बावजूद ये लोग नहीं गए, क्योंकि उन्हें वोट बैंक दिखाई दे रहा था। अशोक सिंघल ने 1980 के दशक में जो ज्योति प्रज्वलित की थी, वह केवल राम जन्मभूमि तक सीमित नहीं थी, बल्कि भारत के मानबिंदुओं की पुनर्प्राण प्रतिष्ठा और गुलामी के चिह्नों को समाप्त करने का अभियान था।

जो कहा, उसे करके दिखाया

मुख्यमंत्री योगी ने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ और अशोक सिंघल के बीच श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को लेकर होने वाली बैठकों को याद किया। उन्होंने कहा कि मंदिर की रचना, आंदोलन की रणनीति और भावी अयोध्या की परिकल्पना पर दोनों चर्चा करते थे। अशोक सिंघल को इसलिए स्मरण किया जाता है, क्योंकि उन्होंने जो कहा उसे करके दिखाया। वाणी तभी मंत्र बनती है, जब कथन और आचरण में अंतर न हो।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कभी उपेक्षित रही अयोध्या में आज राम पथ, धर्म पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ हैं। राम की पैड़ी में सरयू का अविरल और निर्मल जल है। महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बना है और अयोध्या सोलर सिटी बन चुकी है।

16 लाख से अधिक गोवंश का हो रहा संरक्षण

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गोरक्षा केवल भाषण या सड़क पर आंदोलन का विषय नहीं, बल्कि आचरण का विषय है। वर्ष 2017 में यूपी में बीजेपी की सरकार बनने के बाद अवैध बूचड़खाने बंद कराए गए और कानून को और सख्त कर दिया गया। प्रदेश में 7,700 से अधिक गोशालाओं में 16 लाख से अधिक गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। प्रत्येक गोवंश के लिए हर महीने 1,500 रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से स्वयं गोपालन से जुड़ने का आह्वान किया।

Yogi Adityanath

विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा, अशोक सिंघल ने भव्य राम मंदिर निर्माण की हिंदू समाज की सदियों पुरानी आकांक्षा को पूरा करने के लिए जीवन लगा दिया। राम जन्मभूमि आंदोलन ने हिंदू समाज में अपनी पहचान के प्रति गौरव बढ़ाया। उन्होंने सामाजिक समरसता और वेद शिक्षा के लिए अशोक सिंघल के कार्यों को भी याद किया।

अशोक सिंघल का संघर्ष तारीफ के काबिल: श्री कृष्ण शाह विद्यार्थी

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जगतगुरु श्री कृष्ण शाह विद्यार्थी महाराज ने श्री राम मंदिर के लिए अशोक सिंघल के संघर्ष की तारीफ की। उन्होंने धर्म की मर्यादा और सिद्धांतों को बनाए रखते हुए समाज को एकजुट करने के महत्व पर जोर दिया।

कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, बंते शील रतन, निर्मल सिंह, महंत अवधेश दास, महंत धर्मेंद्र दास, महंत दिव्या गिरी, विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र, प्रदेश प्रचारक कौशल और भारती गांधी के साथ-साथ विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

 

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